प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि भारत सरकार छात्रों के भविष्य के लिए लगातार कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जेल में सड़ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमने पहले ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं और अब हम संसद में नए कानून बनाने की तरफ भी बढ़ रहे हैं जिसमें कड़े कानूनी नियम शामिल होंगे।
हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का होगा गठन
पीएम मोदी ने कहा, “हालांकि हमें भविष्य की ओर भी देखना होगा। हमारे एग्जामिनेशन सिस्टम को भरोसेमंद और ट्रांसपेरेंट होना चाहिए, और इसमें टेक्नोलॉजी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल होना चाहिए। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमने दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी की लीडरशिप में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है।”
पीएम मोदी ने कहा कि यह टास्क फोर्स एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स पर फोकस करेगी, और इसकी रिपोर्ट के आधार पर आने वाले एग्जाम्स की क्रेडिबिलिटी को जल्द से जल्द पक्का करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
पेपर लीक के खिलाफ कड़े एक्शन लिए गए- पीएम मोदी
पीएम मोदी जेन जी तक पहुंचने के लिए इंस्टाग्राम वीडियो बना रहे हैं। पिछले 4 दिन में उन्होंने 3 ऐसे वीडियोज बनाए है। पीएम मोदी ने 24 जुलाई को रात 11:52 पर खुद वीडियो संबोधन के जरिए बताया था कि पिछले ढाई महीने में पेपर लीक के खिलाफ कड़े एक्शन लिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, “मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बहुत दुखद है। इसलिए, पेपर लीक की घटना के बाद से पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं। दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और वे जेल में हैं। हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक एकेडमिक ईयर बर्बाद न हो। परीक्षाएं तुरंत कराना ज़रूरी था। हम ऐसे लोग नहीं हैं जो सिर्फ़ इतने से ही संतुष्ट हो जाएं। इसलिए आज मैंने विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। सोमवार से संसद का दूसरा हफ़्ता शुरू हो रहा है। इसलिए हम पूरी कोशिश करेंगे कि यह बिल जल्द से जल्द सदन से पास हो जाए।”
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