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गांवों में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण : मोदी; प्रधानमंत्री ने कहा, महामारी से लड़ने के लिए युद्धस्तर पर काम

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘100 साल बाद आई इतनी भीषण महामारी कदम-कदम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है। हमारे सामने एक बहुत अदृश्य दुश्मन है और यह दुश्मन बहुरूपिया भी है। इसके कारण हम अपने बहुत से करीबियों को खो चुके हैं।’

Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | May 15, 2021 3:45 AM
शुक्रवार को किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित कार्यक्रम को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटो- पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना विषाणु महामारी अब देश के ग्रामीण इलाकों में तेजी से पांव पसार रही है। इसके मद्देनजर उन्होंने लोगों से मास्क पहनने और उचित दूरी का पालन करने सहित बचाव के उपायों का अनुसरण करने का आग्रह किया। कोरोना संक्रमण से अब तक देश में करीब 2.6 लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कोविड-19 महामारी को एक अदृश््य दुश्मन करार देते हुए मोदी ने कहा कि सरकार इस महामारी की दूसरी लहर से मुकाबले के लिए युद्धस्तर पर कार्यरत है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश इस लड़ाई में विजय हासिल करेगा।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) के तहत आर्थिक लाभ की आठवीं किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस से आयोजित एक कार्यक्रम को प्रधानमंत्री ने संबोधित करते हुए कोविड-19 संक्रमण को लेकर अपनी चिंता जताई। उन्होंने टीके को बचाव का बहुत बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि देश भर में टीकों की 18 करोड़ से अधिक खुराक लोगों को दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कोरोना से मैं आप सभी को आगाह कर रहा हूं। यह महामारी तेजी से अब ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रही है। सभी सरकारें इसे रोकने के लिए प्रयास कर रही हैं। इसके बारे में ग्रामीण जनता में जागरुकता जितनी जरूरी है, पंचायतों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।’ उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि महामारी से संक्रमण के कोई भी लक्षण दिखने पर वह उसे हल्के में न लें और सही समय पर जांच कराएं और चिकित्सकों की सलाह पर उपचार करें।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘100 साल बाद आई इतनी भीषण महामारी कदम-कदम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है। हमारे सामने एक बहुत अदृश्य दुश्मन है और यह दुश्मन बहुरूपिया भी है। इसके कारण हम अपने बहुत से करीबियों को खो चुके हैं।’

उन्होंने कहा, ‘बीते कुछ समय से जो कष्ट देशवासियों ने सहा है और जिस दर्द से वह गुजरे हैं, वह मैं भी उतना ही महसूस कर रहा हूं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कोरोना की दूसरी लहर से मुकाबले में संसाधनों से जुड़े जो भी गतिरोध थे उन्हें तेजी से दूर किया जा रहा है और युद्धस्तर पर काम हो रहा है।’

उन्होंने ने कहा कि संकट के समय दवाइयां और जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी में भी कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ के कारण लगे हुए हैं। इसे मानवता के खिलाफ बताते हुए उन्होंने राज्य सरकारों से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘भारत हिम्मत हारने वाला देश नहीं है। ना भारत हिम्मत हारेगा, ना कोई भारतवासी हिम्मत हारेंगे। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।’

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