प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया। पीएम मोदी जैसे ही भाषण देने के लिए खड़े हुए, तुरंत विपक्ष नारेबाजी करने लगा। विपक्षी ‘नेता विपक्ष को बोलने दो’ के नारे लगा रहा था। इस दौरान पीएम ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसा। विपक्ष के वॉक आउट करने के बाद भी पीएम मोदी ने बोलना जारी रखा और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई।

पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

  1. पीएम मोदी जैसे ही भाषण देने के लिए खड़े हुए, तुरंत विपक्ष नारेबाजी करने लगा। विपक्षी सांसद ‘नेता विपक्ष को बोलने दो’ के नारे लगा रहे थे। इस दौरान पीएम ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसते हुए कहा कि सभापति जी खड़गे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की इजाजत दे दीजिए। हालांकि इसके बाद विपक्ष वॉकआउट कर गया। पढ़ें राज्यसभा में पीएम मोदी ने खड़गे पर कसा तंज
  2. पीएम मोदी ने कहा, “देश आजाद हुआ तब हम दुनिया में छह नंबर की इकोनॉमी थे। लेकिन इन लोगों ने ऐसा हाल करके रखा कि 11 नंबर पर पहुंचा दिया। आज हम 3 नंबर पर जाने की दिशा में तेज गति से अग्रसर हैं। आज हर क्षेत्र में भारत, आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है।”
  3. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति जी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि… सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है। ये हम सभी के लिए प्रेरक है।”
  4. बंगाल की टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “टीएमसी वाले खुद को अपनी गरीमा को देखें, निर्मम सरकार नए-नए रिकॉर्ड बना रही है और यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसी निर्मम सरकार से वहां के लोगों का भविष्य डूब रहा है। वे यहांं उपदेश देते हैं। दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश भी अपने यहां गैर-कानूनी नागरिकों को निकाल रहा है। अपने यहां घुसपैठियों को बचाने के लिए ताकत लगाई जा रही है। घुसपैठिए मेरे देश के नागरिकों का हक छीन रहे हैं।”
  5. पीएम मोदी ने कहा, “बड़े-बड़े देश भारत के साथ संंबंध बनाने के लिए आतुर हैं। पूरा विश्व खुलकर ट्रेड डील की तारीफ कर रहा है। जब ईयू के साथ पूरे विश्व को भरोसा हुआ कि अब स्थिरता की संभावना बढ़ेगी। अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद स्थिरता के साथ गति का भी अहसास होने लगा है।”
  6. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हमारी काफी शक्ति उनकी (कांग्रेस) गलतियों को ठीक करने में जा रही है। दुनिया के मन में जो उनके समय की छवि है उस छवि को धोने में लगी हुई है, क्योंकि उन्होंने देश को उसी हालत में छोड़ दिया था और इसी काम के लिए हमने फ्यूचर-रेडी पॉलिसी पर बल दिया है।आज आपने देखा होगा कि देश नीति के आधार पर चल रहा है। उसी कारण आज विश्व में देश पर विश्वास बन रहा है। आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है।”
  7. पीएम मोदी ने कहा, “आज मेरा देश पूरा सामर्थ्य दिखा रहा है। यह तब होता है जब आपके पास आर्थिक सामर्थ्य हो, आपके नागरिकों में देश के प्रति ऊर्जा हो, और खासकर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम हो, तभी विश्व आपके साथ डील करने के लिए आगे आता है। वोटबैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों ने कभी भी देश के ऐसे अनेक पहलुओं को मजबूती देना प्राथमिकता नहीं समझा। जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है, मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं कि न तो उनके पास कोई सोच थी, न कोई विजन और न ही कोई इच्छाशक्ति थी।”
  8. पीएम मोदी ने कहा, “2014 से पहले फोन बैंकिंग का प्रचलन था, जिसमें राजनेता लोन वितरण को प्रभावित करने के लिए फोन करते थे। लोन अक्सर उचित मूल्यांकन के बजाय इन फोन कॉलों के आधार पर ही दिए जाते थे। गरीबों को अक्सर लोन से वंचित रखा जाता था और लगभग 50% आबादी के पास बैंक खाते तक नहीं थे। कांग्रेस के नेताओं की सिफारिश पर लाखों रुपये उन व्यक्तियों को दिए गए जिन्होंने कभी पैसा वापस नहीं किया। यूपीए शासनकाल के दौरान इसने बैंकिंग प्रणाली को पतन के कगार पर पहुंचा दिया।”
  9. पीएम मोदी ने कहा, “सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश है।”
  10. पीएम मोदी ने कहा, “21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था। मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है। आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है। उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।”