धैर्य नहीं त्यागने का उपदेश और राम जी का संदेश दे पुरानी बातें दोहरा गए नरेंद्र मोदी, कोरोना से लड़ाई के लिए कोई नया ऐलान नहीं

मलिक ने कहा कि पीएम बोले हैं कि लॉकडाउन अंतिम विकल्प है। कहा कि देश की विभिन्न अदालतों ने लॉक डाउन का निर्देश दिया है। वे बोले कि लोगों को उम्मीद थी कि पीएम अपने संबोधन में कोई राहत पैकेज की घोषणा करेंगे। खास तौर पर प्रवासी मजदूरों, छोटे व्यापारियों आदि के लिए, लेकिन उनको निराशा हाथ लगी।

PM MODI, COVID-19, LOCKDOWNमंगलवार की रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी। (फोटो- एएनआई)

देश में तेज होती कोरोना महामारी की लहर के बीच मंगलवार की रात पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए धैर्य नहीं त्यागने का उपदेश दिया। उन्होंने करीब-करीब पुरानी बातें ही दोहरा कर लोगों को राम जी का संदेश दिया। पीएम ने लोगों को शास्त्रों में बताईं नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि साहस के साथ हम बड़े से बड़े संकट का भी मजबूती से सामना कर सकते हैं। हालांकि पीएम के बयान पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने निराशा जताई।

मलिक ने कहा कि पीएम बोले हैं कि लॉकडाउन अंतिम विकल्प है। कहा कि देश की विभिन्न अदालतों ने लॉक डाउन का निर्देश दिया है। वे बोले कि लोगों को उम्मीद थी कि पीएम अपने संबोधन में कोई राहत पैकेज की घोषणा करेंगे। खास तौर पर प्रवासी मजदूरों, छोटे व्यापारियों आदि के लिए, लेकिन उनको निराशा हाथ लगी। पीएम मोदी ने कहा चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ इसे पार करना होगा। कहा कि कोरोना के खिलाफ देश आज फिर बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है, कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर यह कोरोना की दूसरी लहर तूफान बनकर आ गई। बोले, हम इससे भी पार पाएंगे।

उन्होंने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में लगातार काम करने वाले डॉक्टरों और अन्य सभी स्वास्थ्य कर्मियों का आभार जताया। कहा कि इस बार कोरोना संकट में देश के अनेक हिस्सों में ऑक्सीजन की मांग बहुत ज्यादा बढ़ी है। इस विषय पर तेजी से और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है। टीकाकरण के पहले चरण से ही गति के साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक, जरूरतमंद लोगों तक टीके पहुंचें।

पीएम ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक करके बहुत कम समय में देशवासियों के लिए टीके विकसित किये हैं और आज दुनिया का सबसे सस्ता टीका भारत में है। मुझे विश्वास है कि भारत कोविड-19 महामारी को हराएगा, सभी को जरूरत में प्रवासी मजदूरों समेत एक दूसरे की मदद करनी होगी। अगर हम सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट ज़ोन बनाने की ज़रूरत पड़ेगी, न कर्फ़्यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की।

बोले आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। उन्होंने कहा, मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वे लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें और लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। मेरा राज्यों से आग्रह है कि वे श्रमिकों का भरोसा बनाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वे जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों द्वारा दिया गया यह भरोसा प्रवासी श्रमिकों की बहुत मदद करेगा कि वे जिस शहर में हैं वहीं पर उन्हें अगले कुछ दिनों में टीका भी लगेगा और उनका काम भी बंद नहीं होगा।

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