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BJP संसदीय दल की बैठक में नहीं बंटी मिठाई तो मायूस हो गए पीएम मोदी, मजाकिया अंदाज में बोले- बहुत उम्मीद लेकर आया था

पीएम मोदी ने फैसला लिया कि वो मंगलवार की मीटिंग नहीं छोड़ेंगे क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी कर्टनाक उपचुनाव में पार्टी की जीत की खुशी में मिठाई बाटेंगे।

Author नई दिल्ली | Published on: December 12, 2019 8:47 AM
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान किन्हीं कारणों से भाजपा संसदीय दल की बैठकों में अनुपस्थित रहे पीएम मोदी मंगलवार (10 दिसंबर, 2019) को मीटिंग में पहुंचे। यहां उन्होंने नागरिकता संशोधन बिल, 2019 जैसे गंभीर मुद्दों पर पार्टी सांसदों को संबोधित किया। इंडियन एक्सप्रेस में छपे दिल्ली कॉन्फिडेंशिल के एक कॉलम में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि पीएम मोदी ने संसदीय दल की पिछली दो बैठकों में ना शामिल होने के लिए खेद व्यक्त किया। इसके बारे में उन्होंने कहा कि अगर झारखंड में चुनाव रैली सहित उनकी महत्वपूर्ण बैठकें नहीं होतीं तो वो ये बैठकें टालते नहीं।

कॉलम में लिखा गया कि पीएम मोदी ने फैसला लिया कि वो मंगलवार की मीटिंग नहीं छोड़ेंगे क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी कर्टनाक उपचुनाव में पार्टी की जीत की खुशी में मिठाई बाटेंगे। पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह इस बात से मायूस थे कि मिठाई नहीं बाटी गई।

उल्लेखनीय है कि हाल में कर्नाटक की 15 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 सीटें जीत लीं। दो सीटें कांग्रेस ने जीतीं जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया। उपचुनाव की खास बात रही है कि पिछले गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री रहे कुमारस्वामी की पार्टी का एक प्रत्याशी उपचुनाव में जीत दर्ज नहीं करा सका। इस परिणाम के साथ ही बीएस येदियुरप्पा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार अब पूर्ण बहुमत में आ गई है।

चुनाव में भाजपा ने केआरपुरा, यशवंतपुरा, महालक्ष्मी लेआउट, अथानी, कागवाड़, गोकक, येल्लापुर, हीरेकेरुर, रानेबेन्नूर, विजयनगर, चिक्काबल्लापुर और कृष्णाराजापेटे सीट पर जीत दर्ज की। कांग्रेस के खाते में शिवाजीनगर और हुनासुरू की सीट गई। होसाकोटे से निर्दलीय प्रत्याशी शरथ कुमार बचचेगौड़ा ने जीत दर्ज की। चुनाव की खास बात रही कि अधिक सीटों पर अयोग्य करार दिए गए विधायकों ने बड़े अंतर के साथ जीत दर्ज की।

बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच संसद ने बुधवार को इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर दिया। सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और संशोधनों को खारिज कर दिया। विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया।

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