ताज़ा खबर
 

सार्क देशों की बैठक में हिस्‍सा लेने इस्‍लामाबाद नहीं जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी, तीन अन्‍य देशों ने भी किया इनकार

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्‍तान में होने वाली बैठक से अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश और भूटान भी शामिल नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह। (Source: PTI)

पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद में होने वाली सार्क देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शरीक नहीं होंगे। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए कहा कि ‘वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार इस्‍लामाबाद में प्रस्‍तावित बैठक में हिस्‍सा नहीं ले सकती।” न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा है कि भारत ने वर्तमान सार्क प्रमुख नेपाल को इस बात की जानकारी दी है कि सीमा-पार से जारी आतंकी हमलों और बढ़ते हस्‍तक्षेप के चलते भारत ने यह फैसला लिया है।भारत ने कहा है कि एक सदस्‍य देश ने एेसा वातावरण बना दिया है जिसके तहत इस्‍लामाबाद में सफल बैठक नहीं हो सकती।  भारत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है मगर यह सिर्फ आतंक मुक्‍त माहौल में ही सहयोग कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्‍तान में होने वाली बैठक से अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश और भूटान भी शामिल नहीं होंगे। सार्क देशों की अगली बैठक नवंबर, 2016 में होनी है।

गौरतलब है कि 18 सितंबर को उत्तरी कश्मीर के उरी शहर में सुबह भारी हथियारों से लैस आतंकवादी एक बटालियन मुख्यालय में घुस गए थे। इस हमले में 19 जवान शहीद हो गए और 17 अन्य घायल हुए। उरी हमले के बाद देश की जनता पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के पक्ष में हैं। लोग सोशल मीडिया (फेसबुक और ट्विटर) के जरिए भी अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं ताकि हमारा पड़ोसी भविष्य में ऐसा करने की हिम्मत न करे। उरी हमले के बाद पहली बार शनिवार (24 सिंतबर) को एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्‍तान पर जमकर बरसे थे।

उरी हमले को लेकर भारत की तरफ से मंगलवार (27 सितंबर) को पाकिस्तान उच्चायुक्त से तलब किया गया है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने अब्दुल बासित से तलब किया और उन्हें उरी हमले से जुड़े कुछ सबूत भी दिए। विकास स्वरूप ने उन दो गाइड्स के बारे में भी बताया है जिन्होंने हमलावरों की भारत में घुसने में मदद की थी। विकास स्वरूप ने दोनों गाइड की डिलेट मीडिया से भी शेयर की। उन गाइड्स में से एक का नाम फैजल हुसैन है। वह 20 साल का है और उसके पिता का नाम गुल अकबर है। वह POK के पोथा जहानगींर, मुदफ्फराबाद में रहता है। दूसरे गाइड का नाम यासीन खुर्शीद है। वह 19 साल का है। वह मुजफ्फराबाद के खिलाना कलां में रहता है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App