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ईरानी राष्‍ट्रपति से मिले पीएम मोदी, बंदरगाह विकसित करने के लिए भारत खर्च करेगा 34 अरब

दो दिन की यात्रा पर रविवार को ईरान पहुंचे मोदी ने ईरानी मीडिया से कहा कि भारत और ईरान ने हमेशा रिश्‍तों को मजबूत करने पर ध्‍यान दिया है। मुश्किल हालातों में भी दोनों देश एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं।

Author तेहरान | May 23, 2016 2:44 PM
औपचारिक स्‍वागत के बाद प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्‍ट्रपति के साथ अकेले में करीब आधे घंटे तक बातचीत की। दोनों के बीच रणनीतिक और व्‍यापारिक मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता हुई। (ANI)

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी सोमवार को ईरानी राष्‍ट्रपति हसन रुहानी से मुुलाकात की। व्‍यापार, निवेश और ऊर्जा क्षेत्र में समझौते करने ईरान पहुंचे प्रधानमंत्री का पारंपरिक तरीके से भव्‍य स्‍वागत किया गया। मोदी की अगुवाई के लिए खुद राष्‍ट्रपति हसन रुहानी तेहरान के सदाबाद महल में मौजूद थे।

दो दिन की यात्रा पर रविवार को ईरान पहुंचे मोदी ने ईरानी मीडिया से कहा कि भारत और ईरान ने हमेशा रिश्‍तों को मजबूत करने पर ध्‍यान दिया है। मुश्किल हालातों में भी दोनों देश एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं।

औपचारिक स्‍वागत के बाद प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्‍ट्रपति के साथ अकेले में करीब आधे घंटे तक बातचीत की। दोनों के बीच रणनीतिक और व्‍यापारिक मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता हुई। बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरानी राष्‍ट्रपति ने बंदरगाहों, उर्वरकों और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में सहयोग की बात कही।

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वहीं ईरानी राष्‍ट्रपति हसन रु‍हानी ने कहा, “दोनों देशों के पास चबाहार जैसा महत्‍वपूर्ण बंदरगाह है। चबाहार बंदरगाह अलग-अलग देशों को बेहतर तरीके से जोड़ सकता है, खासतौर से भारत और अफगानिस्‍तान और पूर्वी यूरोप भी। हमने आतंकवाद के बारे में बात की। साथ ही दोनों देशों में हिन्‍दी और पर्शियन भाषा के कोर्स चलाए जाने को लेकर भी चर्चा हुई।”

प्रधानमंत्री ने मीडिया को सम्‍बोधित करते हुए कहा, “सवा करोड़ भारतीयों की तरफ से मैं ईरान के लोगों को नमस्‍कार करता हूं। दोस्‍त और पड़ोसी होने के नाते हम एक-दूसरे के विकास में भागीदार रहे हैं, हम एक-दूसरे के सुख-दुख में हमेशा साथ रहे हैं। हमारी दोस्‍ती इतिहास जितनी पुरानी है। हमने स्‍थानीय स्‍तर पर उभर रही चिंताओं पर चर्चा की और वैश्विक मुद्दों पर भी बातें कीं। चहाबार पोर्ट को विकसित करने और वहां भारत की तरफ से 500 मिलियन डॉलर का निवेश हमारे लिए मील का पत्‍थर है।”

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