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टैक्‍स सुधार लागू करने में नाकाम रहे अरुण जेटली से वित्‍त मंत्रालय वापस ले सकते हैं PM मोदी

अरुण जेटली की जगह ऊर्जा और कोयला मंत्री पीयूष गोयल को वित्‍त मंत्रालय दिया जा सकता है। वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाले छोटे मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है।

Author Updated: January 22, 2016 12:24 PM
अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय देकर पीएम मोदी बड़े मंत्रालयों को अपने विश्‍वस्‍त लोगों के पास ही रखना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर्थिक सुधारों में गति लाने के लिए मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकते हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अरुण जेटली से वित्‍त मंत्रालय वापस लिया जा सकता है और उन्‍हें रक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। उनकी जगह ऊर्जा और कोयला मंत्री पीयूष गोयल को वित्‍त मंत्रालय दिया जा सकता है। इसके साथ ही कमजोर प्रदर्शन करने वाले छोटे मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है। एक केन्‍द्रीय मंत्री और दो भाजपा नेताओं के अनुसार गोयल को नई जिम्‍मेदारी के लिए तैयार किया जा रहा है। हाल ही में गोयल से इनपुट लेने के लिए बैंकिंग से जुड़ा एक श्‍वेत पत्र उनके साथ साझा किया गया था।

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समाचार एजेंसी के अनुसार, अरुण जेटली बड़े टैक्‍स सुधार लागू करने में विफल रहे हैं। वे इस मुद्दे पर लगातार आलोचनाएं झेल रहे हैं। फरवरी में बजट जारी होने के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। जेटली को रक्षा मंत्रालय देकर पीएम मोदी बड़े मंत्रालयों को अपने विश्‍वस्‍त लोगों के पास ही रखना चाहते हैं। सरकारी उपक्रम कोल इंडिया को घाटे से उबारने के चलते पीयूष गोयल का कद बढ़ा है। बिहार चुनावों में हार के बाद सरकार पर आरएसएस का काफी दबाव है। आरएसएस चाहता है कि काम नहीं कर रहे मंत्रियों को हटाया जाए।

हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि जेटली को रक्षा मंत्री बनाने पर पर्रिकर को कौनसा पद मिलेगा। क्‍योंकि उन्‍हें केन्‍द्र में लाने के लिए गोवा मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दिलवाया गया था। 26 मई को शपथ लेने के बाद से मोदी मंत्रिमंडल में एक बार बदलाव हुआ है। एक नवंबर 2014 को कैबिनेट में तब्‍दीली हुई थी। उस समय सुरेश प्रभु को रेलवे और मनोहर पर्रिकर को रक्षा मंत्रालय दिया गया था।

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