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देश में आज इमरजेंसी तो नहीं, पर हालात उसी तरफ जा रहे- बोले बीजेपी सांसद

स्वामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी खुद कहते रहे हैं कि जो भी 75 साल से अधिक के हैं उन्हें किसी पद पर नहीं रहना चाहिए। 75 साल का हवाला देकर लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और शांताकुमार को किनारे कर दिया था। अब उन्हें बताना चाहिए कि 2024 में बीजेपी का चेहरा कौन होगा।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी। (फोटो इंडियन एक्सप्रेस)

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि इमरजेंसी देश का काला अध्याय था। उस दौरान सवा लाख लोग बेवजह जेल में ठूंस दिए गए थे। हालात इतने विकट थे कि उन्हें खुद भेष बदलकर मुंबई के रास्ते देश से बाहर जाना पड़ा था। एक सवाल पर उनका कहना था कि आज देश में इमरजेंसी तो नहीं है, पर हालात उसी तरफ जा रहे हैं। लोग सचेत नहीं हुए तो फिर से पहले जैसा हो सकता है।

स्वामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी खुद कहते रहे हैं कि जो भी 75 साल से अधिक के हैं उन्हें किसी पद पर नहीं रहना चाहिए। 75 साल का हवाला देकर लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और शांताकुमार को किनारे कर दिया था। अब उन्हें बताना चाहिए कि 2024 में बीजेपी का चेहरा कौन होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में उत्साह जगाना चाहिए। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं को अगर नहीं पूछोगे तो वाजपेयी जैसा हाल होगा। हालांकि, वो ये भी बोले कि ये सब कुछ बदलेगा और 2024 में बीजेपी की ही सरकार बनेगी। उन्होंने ये भी माना कि बंगाल में हार और पलायन का प्रतिकूल असर दिख रहा है।

चीन से लड़नी चाहिए थी लड़ाई
चीन के सवाल पर बीजेपी सांसद ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि सरकार चीन से बात ही क्यों कर रही है। वो हमारी जमीन पर बैठे हैं और हम बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि चीन से युद्ध करना चाहिए। दुनिया को दिखाना चाहिए कि ये 1962 नहीं है। चीन ने हमें छोटा दिखाने के लिए ये सब किया और वो इसमें सफल भी रहे। उनका कहना है कि जब चीन ने घुसपैठ की तो हमें जवाब देना चाहिए था। लेकिन हम बातचीत की तरफ चले गए। उनका कहना था कि पीएम मोदी ने ये झूठ कहा था कि चीन भारत की सीमा में नहीं आया पर बीजेपी आवाज बुलंद कर रही है।

सरकार के अहंकार से कोरोना फैला
स्वामी ने माना कि पहली लहर के बाद हमने छाती ठोककर कहा कि हमने कर दिखाया और हम दूसरे देशों के लिए भी करेंगे। इस अहंकार से हमें नुकसान हुआ। कोरोना की मार हर वर्ग पर पड़ी। सबसे ज्यादा गरीबों पर मार पड़ी है। हम लोग पहली लहर में जब सफल हो गए तो हम ढोल पीटकर भूल गए कि दूसरी लहर भी आएगी। अब हम डरे हुए हैं कि तीसरी लहर भी आएगी।

राममंदिर मामले के जिक्र पर छलका दर्द
राममंदिर मामले का जिक्र करने पर बीजेपी सांसद का दर्द साफ तौर पर छलका। उनका कहना था कि मैंने केस जिताया, पर मुझे शिलान्यास में भी नहीं आने दिया गया। वो बोले- मंदिर बनने के बाद राम लला के दर्शन के लिए जरूर जाउंगा। राम मंदिर जमीन घोटाले पर उनका कहना था कि जिस चंपत राय पर आरोप लग रहे हैं वो तो साधु आदमी है। वो सब कुछ छोड़कर स्वयं सेवक बने। हालांकि उनका ये भी कहना था कि ये सब मोदी को देखना चाहिए।

अमेरिकी दबाव में जम्मू-कश्मीर के नेताओं से बैठक
जम्मू-कश्मीर के नेताओं से हाल ही में हुई बैठक से जुड़े एक सवाल पर उनका कहना था कि पीएम को ये बैठक नहीं करनी चाहिए थी लेकिन अमेरिका का दबाव था। उन्होंने इस मसले पर कांग्रेस को भी घेरा। उनका कहना था कि वो चीन की आलोचना क्यों नहीं करते। धर्मांतरण के नसले पर उनका कहना था कि ये स्वेच्छा से हो तो उसे कोई नहीं रोक सकता।

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