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मोदी ने किया रुद्राक्ष सेंटर का उद्घाटन, जापान-भारत की दोस्ती का नमूना, जानें क्या है ख़ासियत

सिगरा क्षेत्र में 2.87 हेक्टेयर भूमि पर बने दो मंजिला केंद्र में 1200 लोगों के बैठने की क्षमता है। केंद्र में एल्युमिनियम के बने 108 रुद्राक्ष भी लगाए गए हैं और इसकी छत शिवलिंग के आकार में बनाई गई है। पूरी इमारत रात में एलईडी लाइट से जगमगाएगी।

Edited By Sanjay Dubey वाराणसी | Updated: July 15, 2021 4:06 PM
वाराणसी में गुरुवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के उद्घाटन के बाद मंच पर उपस्थिति प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ। (PTI Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र ‘रुद्राक्ष’ का उद्घाटन किया। जापान के सहयोग से बना यह केंद्र जापान-भारत की दोस्ती का नमूना है। यहां प्राचीन शहर काशी की सांस्कृतिक समृद्धि की झलक भी मिलती है। सिगरा क्षेत्र में 2.87 हेक्टेयर भूमि पर बनाए गए इस दो मंजिला केंद्र में 1200 लोगों के बैठने की क्षमता है। इस सम्मेलन केंद्र में एल्युमिनियम के बने 108 रुद्राक्ष भी लगाए गए हैं और इसकी छत शिवलिंग के आकार में बनाई गई है। पूरी इमारत रात में एलईडी लाइट से जगमगाएगी।

वाराणसी में इस परियोजना का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में लोगों को सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद का अवसर प्रदान करना है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, संगीत समारोहों और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यह उचित जगह है। इसके गलियारे को भित्ति चित्रों से सजाया गया है। ‘जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी’ से सहायता प्राप्त ‘वाराणसी इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर’ (वीसीसी) के मुख्य हॉल को जरूरत पड़ने पर छोटे स्थानों में विभाजित किया जा सकता है। पीएम मोदी के साथ इस दौरान जापान के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। ‘रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर’ परिसर में प्रधानमंत्री ने रुद्राक्ष का एक पौधा भी लगाया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। इस अवसर पर ‘रुद्राक्ष’ पर बनी एक वीडियो फिल्म भी दिखायी गयी।

इससे पहले उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वरिष्ठ अधिकारियों व भाजपा नेताओं ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री कुछ देर पहले वाराणसी पहुंचे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।”

Rudraksha, Varanasi रात में एलईडी लाइट से जगमगाता रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर (ऊपर) और नीचे सेंटर के अंदर सम्मेलन कक्ष का दृश्य। (फोटो-पीटीआई)

गुरुवार को ही वाराणसी में पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में 1500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में महामारी के खिलाफ काशी क्षेत्र में किए गए प्रयासों की भी जमकर सराहना की।
कोविड-19 के खिलाफ उत्तर प्रदेश की लड़ाई को “अभूतपूर्व” करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरनाक स्वरूप ने पूरी ताकत के साथ हमला किया था, लेकिन प्रदेश ने पूरे सामर्थ्य के साथ इतने बड़े संकट का मुकाबला किया।

उन्होंने कहा, “मुश्किल समय में भी काशी ने दिखा दिया कि वह रुकती नहीं है और वह थकती भी नहीं है।” उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने पूरी मानव जाति के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं और इस दौरान कोरोना वायरस के बदलते हुए और खतरनाक रूप ने पूरी ताकत के साथ हमला किया।

उन्होंने कहा, “लेकिन काशी सहित अपने उत्तर प्रदेश ने पूरे सामर्थ्य के साथ इतने बड़े संकट का मुकाबला किया। देश का सबसे बड़ा प्रदेश जिसकी आबादी दुनिया के दर्जनों बड़े-बड़े देशों से भी ज्यादा होगी, वहां कोरोना की दूसरी लहर को जिस तरह संभाला, उत्तर प्रदेश में जिस प्रकार कोरोना को फैलने से रोका, वह अभूतपूर्व है।”

प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान फैलने वाले दिमागी बुखार व इसेंफेलाइटिस जैसी बीमारियों का उल्लेख करते हुए लोगों को याद दिलाया कि “वरना उत्तर प्रदेश के लोगों ने वह दौर भी देखा है।”

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