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जर्मनी में पीएम मोदी ने इमरजेंसी को बताया काला अध्याय, कहा- आज के दिन हुई थी लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश

के साथ मन की बात के दौरान बताया कि किस प्रकार से इमरजेंसी के दौरान लोगों के अधिकारों को छीन लिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान भारत में लोकतंत्र को कुचलने के प्रयास किए गए थे।

pm modi| pm modi in germany
पीएम नरेंद्र मोदी (Photo Source- twitter/ @BJP4India)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 की बैठक में शामिल होने के लिए रविवार को जर्मनी पहुंचे, जहां भारतीयों ने उनका जोरदार स्वागत किया। रविवार शाम को पीएम मोदी ने म्यूनिख में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री ने आपातकाल का जिक्र करते हुए की। उन्होंने इमरजेंसी को काला अध्याय बताया।

प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज (26 जून) का दिन एक और वजह से जाना जाता है। जो डेमोक्रेसी हमारा गौरव है, जो डेमोक्रेसी हर भारतीय के डीएनए में है उसे 47 साल पहले आज ही के दिन आपातकाल लगाकर बंधक बनाने, डेमोक्रेसी को कुचलने का प्रयास किया गया था।” उन्होंने कहा कि भारत को मदर ऑफ डेमोक्रेसी कहा जाता है। गौरतलब है कि 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी सरकार ने आपातकाल घोषित किया था।

भारत के इतिहास में काले धब्बे की तरह: प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “आपातकाल के कालखंड भारत के वाइब्रेंट डेमोक्रेटिक इतिहास में एक काले धब्बे की तरह है, लेकिन इस काले धब्बे पर सदियों से चली आ रही लोकतांत्रिक परंपराओं की श्रेष्ठता भी पूरी शक्ति के साथ विजयी हुईं।” उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराएं इन हरकतों पर भारी पड़ी। भारत के लोगों ने लोकतंत्र को कुचलने की सारी साजिशों का जवाब, लोकतांत्रिक तरीके से ही दिया।

भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी है: अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “हम भारतीय कहीं भी रहें, अपनी डेमोक्रेसी पर गर्व करते हैं। हर हिंदुस्तानी गर्व से कहता है, भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी है।” कार्यक्रम में मौजूद प्रवासी भारतीयों से पीएम ने कहा, “मैं आप सभी में भारत की संस्कृति, एकता और बंधुत्व के भाव का दर्शन कर रहा हूं। आपका ये स्नेह मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा। आपके इस प्यार, उत्साह और उमंग से जो लोग हिंदुस्तान में देख रहे हैं उनका सीना भी गर्व से भर गया होगा।”

भारत के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज का भारत होता है, चलता है, ऐसे ही चलेगा वाली मानसिकता से बाहर निकल चुका है। आज भारत करना है’ करना ही है’ और समय पर करना है’ का संकल्प रखता है।” उन्होंने कहा कि भारत अब तत्पर है, तैयार है, अधीर है। भारत अधीर है, प्रगति के लिए, विकास के लिए। भारत अधीर है, अपने सपनों के लिए, अपने सपनों की सिद्धि के लिए।

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