“दिमाग से एग्जाम जाता नहीं है?”, जब बच्चों से पूछने लगे PM मोदी, जवाब आया तो लगे यूं हंसने

पीएम ने छात्रों से पूछा कि कोविड-19 के मद्देनजर परीक्षा रद्द होने के बाद वे कैसा महसूस कर रहे हैं और आगे के लिए वे क्या योजना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने छात्रों से पूछा कि वे क्या IPL और चैम्पियंस लीग देखना पसंद करेंगे या फिर जुलाई में ओलंपिक शुरू होने वाला है, उसमें आप लोगों का मन लगेगा।

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प्रधानमंत्री ने 12वीं के छात्रों से बात की और परीक्षा रद्द होने के बाद समय का सदुपयोग करने को कहा। (source: PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को 12वीं कक्षा के छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ संवाद किया तथा कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद के समय का सदुपयोग उन्हें रचनात्मक और लाभकारी गतिविधियों में करना चाहिए।

शिक्षा मंत्रालय की ओर से डिजिटल माध्यम से आयोजित इस संवाद में अचानक शामिल हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को किसी भी परीक्षा को लेकर कभी भी तनाव में नहीं रहना चाहिए। लगभग आधे घंटे के इस संवाद के दौरान उन्होंने छात्रों से पूछा कि कोविड-19 के मद्देनजर परीक्षा रद्द होने के बाद वे कैसा महसूस कर रहे हैं और आगे के लिए वे क्या योजना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने छात्रों से पूछा कि वे क्या इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और चैम्पियंस लीग देखना पसंद करेंगे या फिर जुलाई में ओलंपिक शुरू होने वाला है, उसमें आप लोगों का मन लगेगा।

इसपर एक छात्रा ने कहा “सर जैसे ही पता चला आप ने हमारे एग्जाम कैंसिल कर दिये तो पहले तो बहुत ज्यादा खुशी हुई। अब फाइनली अब एक चिंता कम हुई कि अब हमें बोर्ड्स के लिए नहीं पढ़ना है। अब सिर्फ कम्पटीशन एग्जाम के लिए पढ़ना है। अब हमारे पास पूरा समय है औ अच्छे से कॉम्पटीटिव एग्जाम की तैयारी हो जाएगी।”

छात्रा की बात सुन पीएम मोदी ने कहा “मतलब दिमाग से एग्जाम जाता नहीं है?” यह कहते ही पीएम और छात्र दोनों ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्हें ‘‘ स्वास्थ्य ही धन है’’ के मंत्र को हमेशा याद रखना चाहिए और पूछा कि शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए वे क्या करते हैं।’’

पंचकूला के 12वीं के छात्र हितेश्वर शर्मा ने कहा, ‘‘प्रत्येक दिन हमारे ऊपर दबाव बढ़ रहा था। मैं शीर्ष पर स्थान बनाने के लिहाज से तैयारी कर रहा था लेकिन मेरा मानना है कि हमने जो पढ़ाई की है, वह कभी व्यर्थ नहीं जाएगी।’’

प्रधानमंत्री ने जब छात्रों से पूछा कि परीक्षा रद्द होने से क्या उनके मन में कोई खालीपन सा आया क्योंकि वे एक मई की सुबह तक तैयारियों में व्यस्त थे, इसके जवाब में गुवाहाटी के एक छात्र ने जवाब दिया, ‘‘सर, आपने पहले कहा था कि परीक्षा को त्योहार के रूप में मनाना चाहिए। इसलिए परीक्षा को लेकर मेरे मन में कोई तनाव नहीं था। बाहर की परिस्थितियां अच्छी नहीं थीं लेकिन मुझे पूरा भरोसा था कि जो भी फैसला लिया जाएगा, वह बुद्धिमत्तापूर्ण होगा।’’

नंदन हेगड़े नाम के एक अन्य छात्र ने कहा कि उसने परीक्षा की बहुत तैयारी की थी और इसके लिए पूरी तरह तैयार था लेकिन उसका मानना है कि जीवन में यह कोई आखिरी परीक्षा नहीं है। संवाद के दौरान कई छात्रों ने परीक्षा रद्द होने के बाद के अनुभव साझा किए और बताया कि इससे उन्हें कितनी राहत मिली और कैसे अनिश्चितता की स्थिति समाप्त हुई।

हिमाचल प्रदेश से सोलन के एक छात्र ने महामारी के मद्देनजर परीक्षा रद्द करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और इसे एक अच्छा फैसला करार दिया। एक छात्रा ने प्रधानमंत्री से कहा कि लोग कोविड-19 से बचाव के उपायों का पालन नहीं करते हैं और यहां तक कि मास्क भी नहीं पहनते और न ही उचित दूरी का पालन करते हैं। छात्रा ने अपनी सोसाइटी में इस बारे में चलाए जा रहे एक अभियान का भी उल्लेख किया।

छात्रों ने इस दौरान राजनीति, संगीत, नृत्य सहित अन्य पसंदीदा विषयों पर प्रधानमंत्री के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने छात्रों से भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर निबंध लिखने और शोध करने को भी कहा। मोदी ने छात्रों से कहा कि परीक्षा रद्द करने का फैसला उनके हित में लिया गया है।

कुछ अभिभावकों ने भी प्रधानमंत्री से अपने विचार साझा किए और बताया कि कैसे छात्र कॉलेज में नामांकन पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। एक अभिभावक ने कहा, ‘‘सिर्फ परिस्थितियों को लेकर हम चिंतित नहीं थे लेकिन बच्चे अस्पष्टता के अभाव में दबाव महसूस कर रहे थे। फैसला बिलकुल उचित है। छात्र अब प्रवेश परीक्षाओं और कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर सकते हैं।’’

उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर केंद्र सरकार ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया था। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की गई। साथ ही यह फैसला भी हुआ कि सीबीएसई 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के परिणामों को समयबद्ध तरीके से एक पूर्णत: स्‍पष्‍ट उद्देश्यपरक मानदंड के अनुसार संकलित करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाएगा।

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