नेपाल में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर जानमाल के नुकसान पर शोक जताया और भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
PM मोदी ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीमें राहत और बचाव प्रयासों के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय कर रही हैं।
मोदी के इस बयान को नेपाल में आई आपदा के बीच भारत की त्वरित प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबरों के बीच भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
105 भारतीयों के अलावा कई देशों के नागरिक लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के मुताबिक भोटेकोशी नदी में आई फ्लैश फ्लड के बाद 384 यात्रियों के ठिकाने और उनकी सुरक्षा की पुष्टि की जा रही है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।
विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय शामिल हैं। इसके अलावा सूची में 37 गैर-निवासी भारतीय यानी NRI भी दर्ज हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये प्रारंभिक आंकड़े हैं और इनका सत्यापन अभी जारी है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लापता यात्रियों का पता लगाने में जुटी हैं।
कैसे आई भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आए भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ। इससे भोटेकोशी नदी का रास्ता बाधित हुआ और अचानक पानी का भारी दबाव बना, जिसके बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हुई।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, सुबह करीब 8:37 बजे आए भूकंप के बाद बड़े भूस्खलन ने नदी को रोक दिया था। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) ने भी इसी समय क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया।
बिहार में हाई अलर्ट, गांडक बैराज के सभी 36 गेट खोले
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के संभावित असर को देखते हुए बिहार में भी प्रशासन अलर्ट मोड में है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में पानी बढ़ने की आशंका के चलते गांडक नदी के आसपास के जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
एहतियात के तौर पर वाल्मीकिनगर स्थित गांडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम को स्थिति की निगरानी के लिए भेजा गया है। गांडक नदी बेसिन के सभी जिलों को चेतावनी जारी करते हुए अधिकारियों को तटबंधों की निगरानी और बाढ़ राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
CM सम्राट चौधरी ने बनाई हाई लेवल टीम
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के संभावित प्रभाव को देखते हुए हाई लेवल टीम गठित की है। मुख्य सचिव और डीजीपी को स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों में जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। NDRF और SDRF की टीमें संभावित प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की जा रही हैं।
यूपी में भी प्रशासन अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से हुई तबाही को बेहद चिंताजनक बताया है। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और कुशलता के लिए प्रार्थना की।
गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने तथा महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल की इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच प्रधानमंत्री मोदी का संदेश पड़ोसी देश के साथ भारत की एकजुटता और मानवीय सहायता की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। वहीं, बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों समेत सैकड़ों यात्रियों के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। राहत और बचाव एजेंसियां अब प्रभावित इलाकों में तेजी से खोज अभियान चला रही हैं।
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उत्तरी नेपाल में इस वक्त हर ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। भोटे कोशी नदीं में आई अचानक बाढ़ के आगे घर, गाड़ी, पुल, सामान और अन्य चीजें तिनके की तरह बह गईं। इस दौरान की जो तस्वीरें सामने आई हैं वह रूह कंपाने वाली हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
