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प्रधानमंत्री ने फोन पर ली खैरियत और पूछा पूर्णबंदी में तुम क्या कर रहे हो

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता राजकिशोर ने बताया कि बीते रविवार दोपहर दो बजे प्रधानमंत्री का फोन आया। उन्होंने मेरी कुशल जानने के बाद पूरे परिवार के बारे में पूछा, खास तौर से मेरी माताजी के बारे में जानकारी ली और घर के सभी सदस्यों को घर में रहने की सलाह दी। मैंने उन्हें बताया कि घर के सारे सदस्य पूर्णबंदी के नियमों का पालन कर रहे हैं।

बीजेपी कार्यकर्ता राजकिशोर।

पूर्णबंदी के सन्नाटे के बीच पंचकूला के सेक्टर सात के एक घर में रोमांच की लहर दौड़ जाती है। घर के दरवाजे की घंटी जब नहीं बजनी है तो बाहर की दुनिया से संपर्क का आसरा फोन ही है। लेकिन जब पूर्णबंदी के दौरान फोन करने वाले अपना परिचय देश के प्रधानमंत्री के रूप में दें तो घरवालों के दिन का खास बन जाना लाजिम होता है। चंडीगढ़ निवासी राजकिशोर अभिभूत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घर के सदस्य की तरह फोन कर उनका हालचाल पूछा।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता राजकिशोर ने बताया कि बीते रविवार दोपहर दो बजे प्रधानमंत्री का फोन आया। उन्होंने मेरी कुशल जानने के बाद पूरे परिवार के बारे में पूछा, खास तौर से मेरी माताजी के बारे में जानकारी ली और घर के सभी सदस्यों को घर में रहने की सलाह दी। मैंने उन्हें बताया कि घर के सारे सदस्य पूर्णबंदी के नियमों का पालन कर रहे हैं। फिर प्रधानमंत्री ने पूछा कि लॉकडाउन में तुम क्या कर रहे हो? मैंने उन्हें बताया कि सूखे राशन के दो हजार पैकेट बना कर चंडीगढ़ पुलिस की मदद से जरूरतमंदों तक पहुंचाए हैं, पका खाना मुहैया करवा रहे हैं। रक्तदान के द्वारा चंडीगढ़ पीजीआइ और अन्य ब्लड बैंक को रोजाना आठ से दस यूनिट रक्त मुहैया करवा रहे हैं। तीन तारीख तक तीन लाख सूती मास्क बनाने का लक्ष्य पूरा कर लेंगे और उसे कमजोर तबके तक पहुंचाएंगे।

प्रधानमंत्री ने पार्टी के स्तर पर कामकाज की भी जानकारी ली और पूछा कि किसी तरह की कोई दिक्कत तो नहीं हो रही। खास कर पार्टी के पुराने और प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं के बारे में पूछा। मैंने यशपाल महाजन, पुरुषोत्तम महाजन, जुगनू शारदा, गुरमीत लाल अरोड़ा के बारे में बताया तो उन्होंने सबकी सेहत के बारे में पूछा। राजकिशोर ने कहा कि लगभग 20 मिनट की बातचीत में प्रधानमंत्री का मकसद पूर्णबंदी के दौरान खैरियत जानना ही था।

राजकिशोर के परिवार के साथ प्रधानमंत्री का ताल्लुकात पुराना है। राजकिशोर के बड़े भाई महावीर प्रसाद के साथ मोदी जी की दोस्ती थी। नरेंद्र मोदी जब हरियाणा-चंडीगढ़ भाजपा के प्रभारी थे, उस समय महावीर प्रसाद चंडीगढ़ भाजपा के महासचिव थे। पार्टी प्रभारी होने के नाते नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़ आना-जाना लगा रहता था और यहां आने पर वह महावीर प्रसाद से मुलाकात जरूर करते थे। राजकिशोर बताते हैं कि मोदी जी को हमारे घर की लस्सी बाकी पेज 8 पर और साग खूब भाते थे और वे यहां आने पर इसका स्वाद जरूर लेते थे।
राजकिशोर ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने ये रिश्ता प्रधानमंत्री बनने के बाद भी निभाया।

2014 में सरकार बनने के बाद इसी तरह से अचानक एक दिन राजकिशोर के पास दिल्ली से प्रधानमंत्री का फोन आया था। राजकिशोर को पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर आमंत्रित किया। राजकिशोर ने कहा कि पहले तो थोड़ी देर के लिए मुझे यकीन नहीं हुुआ कि प्रधानमंत्री ने मुझे अपने घर आमंत्रित किया है। जब मैं दिल्ली गया तो उन्होंने पारिवारिक सदस्य की तरह खातिरदारी की।

राजकिशोर कहते हैं कि मोदी जी ने मेरे बड़े भाई महावीर प्रसाद के साथ निजी संबंध को पारिवारिक विस्तार दिया। भाई साहब की मृत्यु के बाद हमारे पूरे परिवार का ख्याल रखा। यह उनके व्यक्तित्व की खासियत है कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पारिवारिक रिश्ता बनाते हैं। वे जब भी चंडीगढ़ आते और घर का खाना खाने की इच्छा होती तो हमारे घर से खाना पैक कर मंगवा लेते थे। यह उनका तरीका था पार्टी कार्यकर्ता से पारिवारिक जुड़ाव का। वे हमें महसूस करा जाते हैं कि यह किसी नेता का राजनीतिक नहीं बल्कि नि:स्वार्थ पारिवारिक नाता है।
राजकिशोर ने कहा कि अभी जब हम लोग अपने नाते-रिश्तेदारों का हालचाल फोन से ही ले रहे हैं तो प्रधानमंत्री का यह अपनापन निभाने का तरीका दिल को छू गया और हम सबको इस संकट से लड़ने की नई ऊर्जा दे गया।

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