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हमने कोरोना काल का सदुपयोग कर कई सुधार किए, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोले पीएम मोदी- ये भारत में निवेश का सही वक्त

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारतीयों में इनोवेशन की, नई तकनीक को अपनाने की जो क्षमता है, उद्यमिता की जो ललक है, वो हमारे हर ग्लोबल पार्टनर को नई ऊर्जा दे सकती है। इसलिए भारत में निवेश का ये सबसे सही समय है। 

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दावोस एजेंडा समिट को संबोधित करते पीएम मोदी (फोटो: पीटीआई)

सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दावोस एजेंडा समिट को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने कोरोना काल का सदुपयोग करते हुए कई सुधार किए और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ये भारत में निवेश का सही वक्त है। 

दावोस एजेंडा समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने कोरोना काल का सदुपयोग सुधारों के लिए किया। हमने सही दिशा में सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया। वैश्विक आर्थिक विशेषज्ञों ने भारत के निर्णयों की प्रशंसा की है और मुझे विश्वास है कि हम भारत से विश्व की आकांक्षाओं को जरुर पूरा करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए कोरोना की एक और लहर से लड़ाई लड़ रहा है  

इस दौरान पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आज भारत ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रहा है और सरकार के दखल को कम से कम कर रहा है। भारत ने अपने कॉरपोरेट टैक्स रेट को सरल करके, कम करके, उसे दुनिया में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया है। बीते साल ही हमने 25 हज़ार से ज्यादा नियमों को कम किए हैं। भारतीयों में इनोवेशन की, नई तकनीक को अपनाने की जो क्षमता है, उद्यमिता की जो ललक है, वो हमारे हर ग्लोबल पार्टनर को नई ऊर्जा दे सकती है। इसलिए भारत में निवेश का ये सबसे सही समय है। 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत ने वन अर्थ- वन हेल्थ के विजन पर चलते हुए कई देशों को कोरोना की जरूरी दवाई और वैक्सीन देकर करोड़ों जीवन बचाया है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा निर्माता है और फार्मेसी टू द वर्ल्ड है। उन्होंने कहा कि भारत जैसी मजबूत डेमोक्रेसी ने पूरे विश्व को एक खूबसूरत उपहार दिया है। इस उपहार में हम भारतीयों का डेमोक्रेसी पर अटूट विश्वास शामिल है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान भारत में स्टार्टअप कल्चर को लेकर कहा कि आज भारत दुनिया में रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर इंजीनियर भेज रहा है। 50 लाख से ज्यादा सॉफ्टवेयर डेवलपर भारत में काम कर रहे हैं। आज भारत में दुनिया में तीसरे नंबर के सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न्स हैं। भारत में 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स पिछले 6 महीने में रजिस्टर हुए हैं। भारतीय युवाओं में आज एंटरप्रेन्योरशिप एक नई ऊंचाई पर है। 2014 में जहां भारत में कुछ सौ रजिस्टर्ड स्टार्ट अप थे। वहीं आज इनकी संख्या 60 हजार के पार हो चुकी है। इसमें भी 80 से ज्यादा यूनिकॉर्न्स हैं, जिसमें से 40 से ज़्यादा सिर्फ़ 2021 में ही बने हैं।

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