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Mann ki Baat: मोदी की मीडिया से गुड न्यूज दिखाने की अपील, सूखे पर जताई चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गैस सब्सिडी छोड़ने वालों की तारीफ करते हुए कहा कि एक करोड़ परिवारों ने स्वेच्छा से एलपीजी गैस सब्सिडी छोड़ दी।

Author नई दिल्ली | April 24, 2016 2:52 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Source:PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मीडिया से गुड न्यूज दिखाने की अपील की तो वहीं सूखे पर चिंता जताई है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा के विस्तार से ज्यादा महत्वपूर्ण शिक्षा में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है तथा बच्चों को अच्छी, योग्य शिक्षा मिलनी चाहिए और सरकार का बजट के माध्यम से अच्छी शिक्षा पर बल देने का प्रयास है।

‘मन की बात’ पेश करते हुए मोदी ने कहा, ‘हमारे देश में सभी सरकारों ने शिक्षा पर बल दिया है और हर किसी सरकार ने अपने-अपने तरीके से प्रयास भी किया है। और ये भी सच्चाई है कि काफी अरसे तक हम लोगों का ध्यान इसी बात पर रहा कि शिक्षा संस्थान खड़े हों, शिक्षा व्यवस्था का विस्तार हो, स्कूल बनें, कालेज बनें, शिक्षकों की भर्ती हो, अधिकतम बच्चे स्कूल आएं । एक प्रकार से, शिक्षा को चारों तरफ फैलाने का प्रयास हो, ये प्राथमिकता रही और जरूरी भी था। लेकिन अब जितना महत्व विस्तार का है, उससे भी ज्यादा महत्व हमारी शिक्षा में सुधार का है। विस्तार का एक बहुत बड़ा काम हम कर चुके हैं। अब हमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान देना होगा। साक्षरता अभियान से अब अच्छी शिक्षा, ये हमारी प्राथमिकता बनानी पड़ेगी। अब तक हिसाब-किताब आवंटन पर होता था, अब हमें परिणाम पर ही ध्यान देना पड़ेगा।’

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मोदी ने कहा कि अब तक स्कूल में कितने आये, उस पर बल था, अब स्कूल में आने से ज्यादा सीखने की ओर हमें बल देना होगा। दाखिला, दाखिला, दाखिला – ये मंत्र लगातार गूंजता रहा, लेकिन अब, जो बच्चे स्कूल में पहुंचे हैं, उनको अच्छी शिक्षा, योग्य शिक्षा, इसी पर हमने ध्यान केंद्रित करना होगा। वर्तमान सरकार का बजट भी आपने देखा होगा। अच्छी शिक्षा पर बल देने का प्रयास हो रहा है। ये बात सही है कि बहुत बड़ा लम्बा सफर काटना है। लेकिन अगर हम सवा-सौ करोड़ देशवासी तय करें, तो, लम्बा सफर भी कट सकता है।

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लोगों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बारे में सुझाव मांगते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस बार बजट में आपने देखा होगा कि लीक से हटकर के काम किया गया है। बजट के अन्दर, दस सरकारी विश्वविद्यालय और दस निजी विश्वविद्यालय – उनको सरकारी बंधनों से मुक्ति देने का और चुनौतिपूर्ण रास्तों पर उनको आने के लिए कहा गया है कि आइये, आप शीर्ष विश्वविद्यालय बनने के लिए क्या करना चाहते हैं, बताइये। जितना महत्व शिक्षा का है, उतना ही महत्व कौशल का है, उसी प्रकार से शिक्षा में प्रौद्योगिकी बहुत बड़ी भूमिका अदा करेगी। दूरस्थ शिक्षा प्रौद्योगिकी – ये हमारी शिक्षा को सरल भी बनाएगी और ये बहुत ही निकट भविष्य में इसके परिणाम नजर आयेंगे, ऐसा मुझें विश्वास है।’

मोदी द्वारा मन की बात में रखे गए प्रमुख प्वाइंट्सः-

-एक करोड़ परिवारों ने स्वेच्छा से एलपीजी गैस सब्सिडी छोड़ दी।

-एनसीसी जैसे संगठनों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है, एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण पनपता है, ऐसे संगठनों में नयी जान फूंकनी चाहिए।

-शिक्षा में प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है और यह शिक्षा व्यवस्था को सरल बनायेगा।

-शिक्षा का विस्तार महत्वपूर्ण है और अब विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल देने की जरूरत है और दिशा में प्रयास हो रहे हैं।

-शिक्षा का विस्तार महत्वपूर्ण है और अब विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल देने की जरूरत है और दिशा में प्रयास हो रहे हैं।

-भारत उदय का आधार ग्राम उदय है और हम भारत उदय के लिए जोर देते रहेंगे।

-पंचायती राज व्यवस्था हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी बन गई है और इसी संदर्भ में ग्राम कैसे आत्मनिर्भर बने, अपनी योजना कैसे बनाये इस दिशा में ठोस पहल की जा रही है।

-गंगा जीवनदायिनी नदी है, गंगा से हमें रोजीरोटी और जीने की नयी ताकत मिलती है, हम सबको सफाई और स्वच्छता के संदर्भ में बदलाव का वाहक बनना पड़ेगा।

-वर्षा का पानी, गांव का पानी, गांव में रोकने के लिए सामूहिक प्रयत्न करने की जरूरत।

-कई राज्य जल संकट से जूझ रहे हैं, पानी के संबंध में संवेदनशीलता जरूरी है । शुद्ध पीने का पानी जीडीपी वृद्धि का कारण बन जाता है।

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