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PM Kisan Samman Nidhi Yojna: 2000 रुपये की पहली किस्‍त जारी, मोदी सरकार के सामने हैं ये 3 चुनौतियां

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojna: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में, 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। योजना के तहत एक साल के अंदर 12 करोड़ किसानों के खाते में कुल 6000 रुपये जमा करने की बात कही गई है।

PM Modi, Rahul Gandhi, Amethi,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 मार्च को अमेठी दौरे पर होंगे। (PTI Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (24 फरवरी 2019) को देश के किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। पीए मोदी आज आज उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में, 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये की पहली इंस्टॉलमेंट जमा कराएंगे। इस योजना का ऐलान केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2019 के बजट में किया गया था, जिसके तहत एक साल के अंदर 12 करोड़ किसानों के खाते में कुल 6000 रुपये जमा करने की बात कही गई थी। रविवार को इसी योजना के तहत यूपी में 1.7 करोड़ किसानों को पहली किस्त दी गई। हालांकि पहली किस्त के लिए Public Financial Management System (PFMS) में करीब 3.2 करोड़ किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन इनमें से 55 लाख आवेदन पेंडिंग और 84 लाख आवेदन कैंसिल कर दिए गए हैं। अब पहली किस्त का फायदा केवल 1.7 करोड़ किसानों को ही होगा। लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को दिए गए इस तोहफे से मोदी सरकार को फायदा होगा या लाभ, यह तीन महीने बाद तय होगा। लेकिन फिलहाल ‘पीएम किसान योजना’ पर काम करने के लिए मोदी सरकार के सामने तीन चुनौतियां खड़ी हुई हैं।

दरअसल, मोदी सरकार ने ‘पीएम किसान योजना’ का ऐलान करते हुए, 31 मार्च तक 12 करोड़ किसानों के खातों में पहली किस्त जमा कराने का प्रस्ताव दिया था। लोकसभा चुनावों में अब तीन महीने से भी कम का वक्त बचा है। इस हिसाब से तय वक्त में योजना का पूरा होना मुश्किल लग रहा है। इसके अलावा आचार संहिता मोदी सरकार के सामने बड़ी चुनौती बन सकती है। क्योंकि मार्च के सप्ताह में आचार संहिता लागू होने की उम्मीद है। ऐसे में चुनाव आयोग फंड के ट्रांसफर की अनुमति पर रोक लगा सकता है। हालांकि मोदी सरकार यह कहकर इस चुनौती को ठेंगा दिखा सकती है कि, योजना को एक दिसंबर 2018 से शुरू होने वाली पूर्वव्यापी योजना के रूप में पेश किया गया था।

मोदी सरकार के सामने दूसरी चुनौती पीएम किसान योजना पर राजनीतिक विरोध की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदबरम ने रविवार को इसकी आलोचना करते हुए योजना को ‘वोट के लिए रिश्वत’ बताया। चिदंबरम ने कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि निर्वाचन आयोग इसे रोक पाने में असफल है। चिदंबरम ने ट्वीट किया है, ‘आज ‘वोट के लिए नकदी’ दिवस है। भाजपा सरकार वोट के लिए अधिकारिक रूप से प्रत्येक कृषक परिवार को 2,000 रुपये का रिश्वत देगी।’ तीसरी चुनौती के बारे में अगर बात करें तो विपक्ष शासित राज्यों में लाभार्थियों की संख्या में भारी कमी हो सकती है। न्यूज वेबसाइट एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक के रजिस्ट्रेशन में बीजेपी शासित राज्यों के किसानों की संख्या गैर विपक्ष शासित राज्यों के मुकाबले कई ज्यादा है। इनमें सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन यूपी से हैं, जबकि राजस्थान में 0.03, मध्य प्रदेश में 0.01 और कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में 0.6 प्रतिशत सबमिशन शामिल है। वहीं कांग्रेस शासित राज्यों द्वारा भेजे गए सबमिशन सिर्फ 2 प्रतिशत पर ही सिमट गई है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को गांव के गरीब किसानों का हक बताया है तो केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने इसे किसान और मजदूरों के सपने को सच होना कहा है। उन्होंने ने कहा है कि, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के किसान तथा मजदूरों के सपनों को पूरा कर रहे हैं। अब इनके पास रहने के लिए अपने घर, घर में गैस कनेक्शन तïथा बिजली है। इससे पहले तो किसानों के लिए सिर्फ बातें होती थीं। मजदूरों के लिए बड़ी योजनाएं बनती थीं जो कि धरातल पर नहीं उतरीं।’ उन्होंने कहा कि, ‘आपने पहले के प्रधानमंत्री को सुना होगा जो कहते थेकि राज खजाने पर एक विशेष समुदाय का हक है लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के खजाने पर गांव के गरीब किसानों का हक है।’

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