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अविश्वास प्रस्ताव: नरेंद्र मोदी पर बरसे राहुल, बोले- चौकीदार नहीं, भागीदार हैं पीएम

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे, किसानों की स्थिति, बेरोजगारी, भीड़ द्वारा हत्या और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर आज नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ‘चौकीदार नहीं, बल्कि भागीदार हैं।

Author July 20, 2018 6:54 PM
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (एक्सप्रेस फोटोः अमित मेहरा)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे, किसानों की स्थिति, बेरोजगारी, भीड़ द्वारा हत्या और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर आज नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ‘चौकीदार नहीं, बल्कि भागीदार हैं।’ केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए गांधी ने यह भी कहा कि पूरा विपक्ष और सत्तापक्ष के कई लोग मिलकर प्रधानमंत्री मोदी को हराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राफेल विमान सौदे के विभिन्न आयामों को लेकर प्रधानमंत्री के दबाव में आकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश से असत्य बोला। राहुल गांधी ने कहा कि संप्रग सरकार के समय राफेल लड़ाकू विमान के लिए जो सौदा किया गया था उसके मुताबिक प्रत्येक विमान की कीमत 520 करोड़ रुपये थी, लेकिन पता नहीं क्या हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस गए और विमान का दाम 1600 करोड़ रुपये कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा मंत्री ने कहा था कि मैं विमान की कीमत बताउंगी। लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि मैं यह आंकड़ा नहीं दे सकती क्योंकि भारत और फ्रांस के बीच गोपनीयता का समझौता है।’’ गांधी ने दावा किया , ‘‘ मैं फ्रांस के राष्ट्रपति से स्वयं मिला था। उन्होंने मुझे बताया कि राफेल विमान सौदे को लेकर भारत और फ्रांस की सरकार के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राफेल विमान सौदे का कांट्रैक्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से लेकर प्रधानमंत्री के करीबी एक उद्योगपति को दिया गया जबकि इस उद्योगपति पर 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है।

गांधी ने दावा किया कि इस उद्योगपति को 45 हजार करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए कि राफेल सौदे के प्रारूप को अचानक ही क्यों बदला गया और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से कांट्रैक्ट लेकर उस उद्योगपति को क्यों दिया गया जिस पर 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या सौदे का प्रारूप बदलने की अनुमति सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने दी थी? प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी के आरोप को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही एक बज कर करीब 40 मिनट पर पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

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