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देश में हाहाकार, अब पीएम ने किया अपनी रैलियाँ रद्द करने का विचार, हाईकोर्ट से भी चुनाव आयोग को लताड़

देश में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव के लिए अपनी यात्रा को रद्द कर रहे हैं।

bengal, coronavirusपश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार के दौरान आयोजित की गई एक रैली। (PTI Photo)

देश में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव के लिए अपनी यात्रा को रद्द कर रहे हैं क्योंकि वह मौजूदा कोविड की स्थिति पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, आज कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कोविड की घातक लहर के बीच बंगाल में आठ-चरण में चुनाव कराने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने चिंता जताई कि चुनावी रैलियां सुपर स्प्रेडर बन सकती हैं। अदालत ने कहा कि आयोग इस संबंध में पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है, जबकि उसके पास ऐसा करने की शक्तियां हैं।

बता दें कि आज भारत में कोरोना के 3.14 लाख नए मामले दर्ज किए गए। इस बीच 2,104 लोगों ने अपनी जान गंवाई। यह मामलों में सबसे तेज वृद्धि है। देश को हालिया वक्त में में ऑक्सीजन, अस्पताल के बेड की कमी और कोविड के उपचार में इस्तेमाल होने वाली एंटी-वायरल दवा रेमेडिसविर के साथ सबसे खराब स्वास्थ्य चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।  स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के कुल मामले अब 1 करोड़ 59 लाख हो गए हैं, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। जबकि मौतों का आंकड़ा 1,84,657 हो गया है। 15 अप्रैल से हर रोज 2 लाख से अधिक संक्रमण दर्ज किए जा रहे हैं। दूसरी लहर अभी चरम पर है। अगर पिछले साल से अब तक का हिसाब लगाया जाए तो पिछले साल 14 मार्च से अब तक लगभग हर दिन औसतन 450 से ज्यादा मौतें कोरोना के चलते हुई हैं।

अदालत ने कहा, “चुनाव आयोग के पास शक्तियां हैं, लेकिन वह कोविड के समय में हो रहे बंगाल चुनावों के बारे में क्या कर रहा है? चुनाव आयोग केवल सर्कुलकर जारी कर रहा है और इसे लोगों पर छोड़ दे रहा है। लेकिन चुनाव आयोग के पास चीजें लागू करने की शक्तियां हैं।” यह टिप्पणी करते हुए कि आयोग “टीएन शेषन ने जो किया है उसका दसवां हिस्सा भी नहीं कर रहा है”, कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि आयोग ने कार्रवाई नहीं की, तो अदालत करेगी। मालूम हो कि पिछले सालों में, कई ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का हवाला दिया है। शेषन ने आदर्श रूप से आदर्श आचार संहिता लागू की थी और 1990 के दशक में कई चुनावी सुधारों का नेतृत्व किया था।

कांग्रेस के राहुल गांधी ने 2019 में कहा था, “एक समय ऐसा था जब हमारे चुनाव आयुक्त निष्पक्ष, सम्मानित, बहादुर होते थे। टीएन शेषन उनमें से एक थे। उनके निधन पर उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना।”

बता दें कि अदालत ने कोविड के नियमों को लागू करने और कल की सुनवाई के लिए इस मुद्दे पर एक हलफनामे पर चुनाव आयोग से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इसमें कहा गया है कि आयोग के अधिकारियों द्वारा लागू किए जा रहे सर्कुलर से अदालत संतुष्ट नहीं है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणियां तीन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आईं, जो यह दावा करती हैं कि चुनाव आयोग के पास कोविड के दिशानिर्देशों को लागू करने की कोई संवैधानिक शक्ति नहीं हैं और इसलिए अदालत को इस ओर कदम उठाना चाहिए।

बमुश्किल 24 घंटे पहले, आयोग ने राज्य के दो राजनीतिक नेताओं डेरेक ओ ब्रायन और अधीर रंजन चौधरी की याचिकाओं को ठुकरा दिया था जिन्होंने मांग की थी कि चुनाव के शेष तीन चरणों को तेजी से फैलते संक्रमण के मद्देनजर एक साथ आयोजित किया जाना चाहिए।

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