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जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से नहीं होगी छेड़छाड़

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100 प्रतिशत आश्वस्त किया है कि वे पीडीपी-भाजपा सरकार के गठबंधन के एजंडे के साथ हैं और अनुच्छेद 370 के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
Author नई दिल्ली | August 12, 2017 02:07 am
जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100 प्रतिशत आश्वस्त किया है कि वे पीडीपी-भाजपा सरकार के गठबंधन के एजंडे के साथ हैं और अनुच्छेद 370 के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। महबूबा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी से ऐसे समय में मुलाकात की जब ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने वाले संवैधानिक प्रावधान को प्रभावित करने की कोशिशों को रोकने के लिए वे समर्थन जुटाने में लगी हुई हैं।
करीब 15 मिनट की बैठक के बाद महबूबा ने कहा कि पीडीपी और भाजपा के बीच गठबंधन के एजंडे के अनुसार अनुच्छेद 370 की यथास्थिति को लेकर किसी तरह की ‘छेड़छाड़’ नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा- यह एजंडे की बुनियाद है और कोई भी इसके खिलाफ नहीं जा सकता है। प्रधानमंत्री का जवाब सकारात्मक है। प्रधानमंत्री ने गठबंधन के एजंडे को लेकर शत प्रतिशत आश्वासन दिया है। यह बैठक संविधान के अनुच्छेद 35ए को लेकर चल रही चर्चा की पृष्ठभूमि में हुई। इस संवैधानिक प्रावधान से जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिलता है और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर के मुश्किल हालात और वहां स्थिति में धीरे-धीरे हो रहे सुधार के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को लग रहा है कि उनकी पहचान खतरे में पड़ जाएगी। इस तरह का संदेश चाहिए कि ऐसी कोई बात नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर कठिन स्थितियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद मुसलिम बहुल राज्य होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर ने हमारे देश, भारत से जुड़ने का फैसला किया था। जम्मू-कश्मीर की विविधता अनूठी है, जहां सबकुछ भिन्न है। यह मुसलमानों की बहुलता वाला राज्य है। यहां हिंदू भी रहते हैं, सिख और बौद्ध धर्म को मानने वाले भी। इसको देखते हुए जम्मू-कश्मीर की स्थिति विशिष्ट है। भारत की परिकल्पना के साथ जम्मू-कश्मीर की परिकल्पना को समायोजित किए जाने का प्रश्न है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष हालात फिर से खराब हो गए थे और अब जख्म भर रहे हैं।
उन्होंने कहा – ऐसे समय में अनुच्छेद 35ए को लेकर चर्चा से प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह (अनुच्छेद 35ए से संबंधित) की चर्चा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आखिरकार जम्मू-कश्मीर देश का अहम हिस्सा है। महबूबा के मुताबिक जम्मू-कश्मीर देश का ताज है। उन्होंने कहा कि यह मुसलिम बहुल राज्य था और दो राष्ट्र के सिद्धांत को खारिज करते हुए इस देश के साथ जुड़ा। आकांक्षाओं और पहचान को हमेशा जीवित रखने के लिए ऐसा किया गया था। वह पहचान जीवित रहनी चाहिए। हालांकि राज्य सरकार में शामिल भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रवक्ता वीरेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को अलविदा कहने का समय आ गया है क्योंकि इससे अलगाववादी मानसिकता पनपी है।

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