यमुना को निर्मल बनाने के लक्ष्य को लेकर पिछले तीन दशकों से चलाए जा रहे अभियान में हुए कई बदलाव के बाद अब साल 2028 तक सभी नालों के बहाव को सीधे यमुना में गिरने से रोकने (टैपिंग) की योजना है। मौजूदा समय में आधे नालों के बहाव को यमुना में गिरने से रोका जा चुका है, जबकि अबुल फजल नाले पर बहाव को रोकना अव्यवहारिक पाया गया।
यमुना को साफ करने की योजना को लेकर चलाए जा रहे अभियान के संबंध में दिल्ली जल बोर्ड ने केंद्रीय जल मंत्रालय को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी दीपक श्रीवास्तव ने बताया गया कि दिल्ली में कुल 22 बड़े नाले सीधे यमुना में गिरते हैं। इनमें से 21 नालों के बहाव को रोका जाएगा। जबकि अबुल फजल नाले के बहाव को रोकना अव्यवहारिक है। इस नाले का उपयोग शोधित पानी को यमुना और आगरा नहर तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।
वहीं रिपोर्ट के अनुसार अभी तक दस नालों के बहाव को रोका जा चुका है। इनमें मेटकाफ हाउस नाला, खैबर पास नाला, स्वीपर कालोनी नाला (ओल्ड चंद्रावल), मैगजीन रोड नाला, टोंगा स्टैंड नाला, नाला नंबर-14 और सोनिया विहार नाला सहित अन्य नाले शामिल हैं। वहीं महारानी बाग (तमूर नगर) नाले पर बहाव को रोकने का काम चल रहा है। आठ अन्य नालों के बहाव को उनके मुहाने पर नए अवजल उपचार संयंत्र (एसटीपी) के माध्यम से प्रस्तावित है। इनमें सेन नर्सिंग होम नाला, नाला नंबर-12 ए, दिल्ली गेट (पावर हाउस) नाला, आइएसबीटी (कुदसिया बाग/मोरी गेट) नाला, जैतपुर नाला, आरएमइ-180 (मदनपुर खादर), कैलाश नगर नाला और शास्त्री पार्क नाला शामिल हैं।
इसके अलावा नजफगढ़ और शाहदरा नालों के बहाव को रोकने का कार्य बनाए गए क्षेत्र में एसटीपी के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। रिपोर्ट में बताया गया कि आरएमइ-180 नाला की डीपीआर मई 2026 में तैयार की गई है, निविदा प्रक्रिया जून से अगस्त 2026 के बीच पूरी करने और निर्माण कार्य दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जैतपुर नाले के लिए डीपीआर मई 2026 में तैयार करने तथा प्रस्तावित डीएसटीपी का निर्माण जून 2028 तक पूरा करने की योजना है। सेन नर्सिंग होम नाले के लिए डीपीआर तैयार कर वित्तीय स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को भेज दी गई है। इस एसटीपी का निर्माण दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
वहीं दिल्ली गेट नाले के लिए डीपीआर जून 2026 तक तैयार कर निर्माण दिसंबर 2028 तक पूरा करने की योजना है। कैलाश नगर और शास्त्री पार्क नाले के लिए पूर्वी दिल्ली के ओ-जोन में प्रस्तावित 2.5 एमजीडी क्षमता वाले एसटीपी के माध्यम से बहाव को रोका जाएगा। दिल्ली गेट नाले के लिए वित्तीय बोली खुल चुकी है और कार्य आबंटन की प्रक्रिया चल रही है।
