आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ “सुनियोजित कार्रवाई” किये जाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री के साथ बैठक का अनुरोध किया।

अरविंद केजरीवाल ने पत्र में गुजरात में पिछले तीन महीनों में दर्ज 145 प्राथमिकी और 160 से अधिक गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है।

केजरीवाल ने लिखा, “लोगों को ‘आप’ के रूप में पहली बार एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प मिला है। लोग जानते हैं कि आम आदमी पार्टी पढ़े-लिखे, बेखौफ, ईमानदार और देशभक्त व्यक्तियों की पार्टी है, जो भाजपा से कभी समझौता नहीं करेगी।”

उन्होंने कहा, “यही कारण है कि हाल के वर्षों में गुजरात में ‘आप’ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है और अब बड़े पैमाने पर चर्चा है कि राज्य में भाजपा सत्ता से बाहर होने वाली है और आम आदमी पार्टी की सरकार बनने वाली है।” उन्होंने भाजपा पर ‘आप’ के ज्यादातर नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके पार्टी को कमजोर करने तथा उसका “अस्तित्व मिटाने” की साजिश रचने का आरोप लगाया।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “इस साजिश के तहत भाजपा सरकार के आदेश पर अकेले पिछले तीन महीनों में गुजरात में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ 145 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 160 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।”

उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में राज्य में ‘आप’ के 10,000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की योजना है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों का दौरा कर रहे हैं तथा उन्हें गुजरात न छोड़ने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।

हाल के घटनाक्रमों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब, गुजरात पुलिस ने AAP गुजरात के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को भी गिरफ़्तार कर लिया है, जब वे पार्टी कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ़्तारियों के बारे में जानकारी लेने के लिए एक पुलिस स्टेशन गए थे। स्थानीय निकाय चुनावों से पहले इस तरह की कार्रवाइयां तेज़ हो गई हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि BJP पुलिस की ताक़त का इस्तेमाल करके चुनाव जीतना चाहती है।”

एक खास पैटर्न को समझाते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 48 घंटों में, AAP कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारियों के पीछे एक साफ़ पैटर्न सामने आया है। स्कूटर या मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोग सड़क पर AAP कार्यकर्ताओं को रोकते हैं, उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं, और तुरंत पुलिस को बुला लेते हैं। बिना किसी जांच के पुलिस एकतरफ़ा कार्रवाई करती है, हमलावरों को जाने देती है, और AAP कार्यकर्ताओं पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी गंभीर धाराएँ लगाकर उन्हें गिरफ़्तार कर लेती है। पिछले 48 घंटों में हुई ये तीनों घटनाएँ साफ़ तौर पर दिखाती हैं कि यह सब एक सोची-समझी साज़िश के तहत किया जा रहा है।”

इन घटनाओं का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा, “31 मार्च को खंभालिया में दीपक सिंह अपने घर जा रहे थे, तभी बाइक पर सवार दो लोगों ने उन्हें ओवरटेक किया और उन पर हमला कर दिया। जब वे शिकायत दर्ज कराने गए, तो उन्हीं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 30-31 मार्च को पोरबंदर में पवन और जगदीश को एक स्कूटर सवार ने रोका, जिसने जान-बूझकर झगड़ा शुरू किया। इसके बाद बिना किसी जांच के दोनों पर धारा 307 के तहत केस दर्ज कर लिया गया और अब वे जेल में हैं। 31 मार्च को जामनगर में एक स्कूटर सवार ने नवीन काकरान, मुन्ना कुमार, आलोक सिंह, पुनीतराज और प्रियव्रत को ले जा रही गाड़ी को टक्कर मार दी, लेकिन पुलिस ने पीड़ितों के खिलाफ ही धारा 307 के तहत केस दर्ज कर लिया।

इस पैटर्न पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये स्कूटर सवार कौन हैं, उन्हें AAP कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए कौन भेज रहा है, और पुलिस उनकी शिकायतों पर एक जैसी FIR दर्ज करने के लिए इतनी तत्पर क्यों दिख रही है? यह साफ है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।”

उन्होंने डराने-धमकाने की घटनाओं पर भी चिंता जताते हुए कहा, “पुलिस AAP के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों पर जा रही है, उन्हें सरेआम धमका रही है और उनसे कह रही है कि वे गुजरात छोड़कर चले जाएं, वरना उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने पड़ेंगे। उनके परिवारों को भी अलग-अलग तरीकों से परेशान और डराया-धमकाया जा रहा है।”

AAP प्रमुख ने आगे कहा, “यह साफ है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी को खत्म करने की यह साजिश सबसे ऊंचे स्तर पर रची जा रही है। ऐसी भी खबरें हैं कि आने वाले दिनों में 10,000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की योजना है, ताकि AAP स्थानीय निकाय चुनावों में अपने उम्मीदवार भी न उतार सके और BJP एकतरफा जीत हासिल कर सके।”

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “क्या BJP गुजरात में चुनाव इसी तरह जीतना चाहती है? यह लोकतंत्र का मज़ाक है। अगर चुनाव विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डालकर ही जीतने हैं, तो फिर चुनाव करवाने की ज़रूरत ही क्या है?” पंजाब से तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब में AAP सत्ता में है। अगर हम चाहते, तो हम भी झूठे केस लगाकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डाल सकते थे। लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि हम भले और ईमानदार लोग हैं, जो संविधान में विश्वास रखते हैं। हम गुंडागर्दी नहीं करते, और न ही हमें इसकी ज़रूरत है। हमने पंजाब में अच्छा काम किया है और लोगों का भरोसा जीता है। हम अपने काम के आधार पर चुनाव लड़ेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “आप गुजरात में दमन का सहारा इसलिए ले रहे हैं, क्योंकि आपने गलत काम किए हैं, गलत हरकतों, ज़ुल्म और भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं और आपके पास लोगों को दिखाने के लिए कोई अच्छा काम नहीं है। इसीलिए चुनाव जीतने के लिए आपको ऐसी हथकंडे अपनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।”

अपने पत्र के आखिर में अरविंद केजरीवाल ने कहा, “गुजरात की जनता सब कुछ देख रही है। वे ऐसे तानाशाही कदमों से न तो डरेंगे और न ही दबेंगे। आप कितने लोगों को जेल में डालेंगे? क्या आप गुजरात के पूरे छह करोड़ लोगों को जेल में डाल सकते हैं? आज AAP की विचारधारा गुजरात के हर घर तक पहुंच चुकी है और आप इसे जितना दबाने की कोशिश करेंगे, यह उतना ही ज़्यादा फैलेगी।” उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मैं AAP कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रहे ज़ुल्मों के संबंध में आपसे मिलना चाहेंगे। हमें उम्मीद है कि आप जल्द से जल्द मुझे मिलने का वक्त देंगे।

गुजरात AAP चीफ को पुलिस ने किया गिरफ्तार, केजरीवाल बोले- तानाशाही पर उतर आई भाजपा

गुजरात में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल ने अपनी ही पार्टी के एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि गुजरात में भाजपा सरकार तानाशाही पर उतर आई है। पढ़ें पूरी खबर।