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कांग्रेस सांसद का दावा: मैंने अरुण जेटली को माल्‍या से बात करते देखा, चौकीदार सिर्फ भागीदार नहीं, गुनहगार भी

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया ने कहा कि विजय माल्या के देश छोड़कर भागने के दो दिन पहले संसद में अरुण जेटली के साथ उनकी लंबी बैठक हुई थी। मैंने यह खुद देखा था।

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया (Photo: Twitter/@plpunia)

भारतीय बैंकों से 9000 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर विदेश भागे कारोबारी विजय माल्या ने कहा कि वह भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले थे। माल्या के इस बयान ने देश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल अरुण जेटली पर हमलावर हो गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जहां जेटली के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, पीएल पुनिया ने कहा कि विजय माल्या के भागने के दो दिन पहले संसद में अरुण जेटली के साथ उनकी लंबी बैठक हुई थी। मैंने यह खुद देखा था। हालांकि, इस पूरे मामले को अरुण जेटली बेबुनियाद बता रहे हैं। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पुनिया ने ट्वीट कर कहा, “अरुण जेटली झूठ बोल रही है। मैंने विजय माल्या और अरुण जेटली को संसद के सेंट्रल हॉल में बातचीत करते देखा था। यह देखने से गंभीर वार्ता लग रही थी। हो सकता है कि उसी बातचीत में जेटली ने माल्या को देश छोड़ने की सलाह दी होगी। कहा होगा कि चले जाइए यहां से, यहां की जांच एजेंसी आपके पीछे पड़ी है। चौकीदार न केवल भागीदार बल्कि गुनाहागर भी है। मैंने तो देखा था, जेटली इसका खंडन करें। संसद सदस्य होने के नाते मैं भी वहां सेंट्रल हॉल में था।”

वहीं, इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, “विजय माल्या ने लंदन में जिस तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं, वैसे में प्रधानमंत्री को तुरंत एक स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। जब तक जांच जारी रहता है, अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से हट जाना चाहिए।

वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने लिखा, “भगौड़ो का साथ, लुटेरों का विकास” भाजपा का एकमात्र लक्ष्य है। मोदी जी, छोटा मोदी1, छोटा मोदी2, ‘हमारे मेहुल भाई’,अमित भटनागर जैसों को देश के करोड़ो लुटवा, विदेश भगा दिया। विजय माल्या, तो श्री अरुण जेटली से मिल, विदाई लेकर, देश का पैसा लेकर भाग गया है? चौकीदार नहीं, भागीदार है!

अरुण जेटली ने इस पूरे घटनाक्रम में अपनी सफाई में कहा कि, “माल्या का बयान तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। मैंने 2014 के बाद कभी भी उनको मिलने के लिए समय नहीं दिया। हालांकि, वे राज्यसभा के सदस्य थे और सदन में आते-जाते रहते थे, इसलिए उस विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया। जब मैं अपने कक्ष में जाने के लिए सदन से बाहर निकल रहा था, तो वे मेरे पीछे-पीछे आये और कहा कि मैं एक सेटेलमेंट का ऑफर दे रहा हूं। मैंने बातचीत को आगे नहीं बढ़ाया और कहा कि मुझसे बात करने का कोई मतलब नहीं है। आप बैंकरों से बात कीजिए।” बता दें कि माल्या ने लंदन में कोर्ट के बाहर पत्रकारों से कहा, “मैं देश छोड़कर तब इसलिए गया था, क्योंकि मुझे जेनेवा में एक बैठक में जाना था। जाने से पहले मैं वित्त मंत्री से मिला था। मैंने बैंकों से मामला सलटाने की बात दोहराई थी। यही सच है।”

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