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निकाह हलाला और तीन तलाक की याचिकाकर्ता को मिली धमकी! हत्या और रेप की कोशिश का आरोप

दिल्ली के ओखला विहार के निवासी और गैंगस्टर उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। ओखला विहार वही इलाका है, जहां उन्होंने किराये पर मकान लेने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि वे लोग उन पर मामला वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)

सुप्रीम कोर्ट में इस्लाम धर्म में प्रचलित निकाह, हलाला, तीन तलाक और बहुविवाह की प्रथाओं के खिलाफ याचिका दायर करने वाली महिला ​कथित तौर पर संकट में हैं। उनका आरोप है कि दिल्ली के ओखला विहार के निवासी और गैंगस्टर उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। ओखला विहार वही इलाका है, जहां उन्होंने किराये पर मकान लेने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि वे लोग उन पर मामला वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। समीना बेग़म की पहली शादी साल 1999 में हुई थी और उनके पहली शादी से दो बेटे हैं। कई बार मारपीट और पुलिस में शिकायत के बाद उन्हें तीन तलाक दे दिया गया। उन पर परिवार के द्वारा दोबारा शादी करने का दबाव बनाया गया, इस बार उनसे शादी करने वाला पहले से शादीशुदा था। इसके बाद जब वह तीसरी बार गर्भवती थीं, समीना बेग़म को उनके पति ने मामूली बहस के बाद फोन पर ही तीन बार तलाक दे दिया। अब समीना अपने तीन बच्चों के साथ अकेले रह रही हैं।

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उन्होंने कहा कि मैंने ये याचिका न सिर्फ अपने लिए बल्कि उन तमाम लोगों के लिए भी दायर की है, जो इस पीड़ा को भोग रहे हैं। समीना बताती हैं कि मैंने कोर्ट से अपील की थी कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरियत) कानून, 1937 के सेक्शन 2 मेें दर्ज किए कानून, भारतीय संविधान की धारा 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन है। समीना का दावा है कि उनका विरोध करने वाले लोग बहुविवाह, तीन तलाक और निकाह-हलाला को मान्यता देना चाहते हैं।

Shabana Azmi, triple talaq, 3 talaq, aimplb, Muslim women, Supreme Court, koran, quran, hindi news, jansatta मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक की प्रथा का विरोध किया है। FILE PHOEO-INDIAN EXPRESS

समीना वर्तमान में एक संगठन चला रही हैं। इस संगठन का नाम मिशन तलाक़ है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें और उनके संगठन से जुड़े लोगों को रेप और हत्या की धमकी मिल रही है। उन्हें याचिका वापस लेने की धमकियां दी जा रही हैं। डॉ. समीना ने कहा,” मुझे हर महीने 10,000 रुपये किराया चुकाने के लिए कहा गया था। इसके अलावा तीन हजार रुपये एजेंट को देने थे। ये मकान ओखला विहार में था। मैं तैयार थी और उस मकान के बुजुर्ग मकान मालिक मुझे रखने के लिए भी तैयार थे। जब मैं दो दिन पहले वहां पर पहुंची तो कई स्थानीय लोग वहां जमा हो गए। मकान मालिक के बेटे ने मुझे बुलवाया और कोर्ट में दायर की गई निकाह, हलाला, तीन तलाक और बहुविवाह के बारे में दायर याचिका के बारे में पूछताछ की।”

डॉ. समीना ने सुप्रीम कोर्ट में निकाह, हलाला, तीन तलाक और बहुविवाह की प्रथाओं के खिलाफ याचिका दायर की है। फोटो- फेसबुक

डॉ. समीना का दावा है कि ओखला विहार के कुछ लोगों ने बीते 27 जून की शाम को उन पर हमला किया। कुछ लोग उनके नए अपार्टमेंट में जबरन घुस आए और उनके कपड़े भी फाड़ दिए। वो लोग डॉ. समीना को सबक सिखाने की बात कर रहे​ थे। याचिकाकर्ता का कहना है,”मेरा सारा सामान वापस टैंपो में भर दिया गया। उन्होंने कहा कि शरियत को हाथों में ले रही है। उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ दिए और कहा कि वे मेरे बच्चों को जिंदा जला देंगे और मेरा बलात्कार कर देंगे। उन्होंने मुझसे बयान वापस लेने और जनहित याचिका वापस लेने के लिए भी कहा।”

सु्प्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में कोर्ट से अपील की गई है कि वह भारतीय दंड विधान, 1860 को सभी भारतीय नागरिकों पर समान रूप से लागू करने का आदेश दे। याचिका में यह भी कहा गया है,”तीन तलाक को आईपीसी की धारा 498—ए के तहत क्रूरता, निकाह—हलाला को आईपीसी की धारा 375 के तहत बलात्कार और बहु विवाह को ​आईपीसी की धारा 494 के तहत अपराध घोषित किया जाए।”

लोडर में फेंका गया डॉ. समीना का सामान। फोटो- फेसबुक

याचिका में कहा गया है कि,”बहुविवाह का विचार कुरान में उन लोगों के भले के लिए दिया गया था, जो महिलाएं और बच्चे युद्ध के कारण पीछे बेसहारा छूट जाते थे। यहां पर ये बताना जरूरी है कि वर्तमान समय में मुस्लिमों को एक से अधिक शादियां करने की अनुमति देने का कोई कारण नहीं है। क्योंकि ये उन पर दूसरी पत्नी के साथ भी बराबर न्याय करने का दबाव डालता है, जो पूरी तरह से युक्ति संगत नहीं है। डॉ. समीना ने मीडिया से कहा है कि वह दो दिनों से जसोला विहार में अपने वर्तमान घर से बाहर नहीं निकल रही हैं क्योंकि उनकी जान पर लगातार खतरा बना हुआ है।

डॉ. समीना ने डीसीपी दफ्तर में जाकर सुरक्षा की अपील की है। उन्होंने कहा,”मुझे सुरक्षा चाहिए। मैं एफआईआर दर्ज नहीं करवा पा रही हूं क्योंकि मुझे घर से बाहर ही निकलने नहीं दिया जा रहा है। वे लगातार मेरे फ्लैट पर हमला कर रहे हैं। वहीं भारत सरकार ने हाल ही में कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के संबंध में पहले दिए गए अपने हलफनामे पर कायम है और तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह की कुरीतियों को समाज में जारी रखने के पक्ष में नहीं है।

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