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सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल- कोव‍िड वैक्‍सीन कोवैक्‍सीन और कोवीशील्‍ड के क्‍ल‍िन‍िकल ट्रायल से जुड़े डेटा सार्वजन‍िक करें

टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के पूर्व सदस्य जैकब पुलियेल ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की है।

भारत बायोटैक देश भर में कोवैक्सीन की सप्लाई कर रहा है। (एक्सप्रेस फोटो)।

टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के पूर्व सदस्य जैकब पुलियेल ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की है। जिसमें COVID-19 के टीकों के लिए किए गए क्लिनिकल ट्रायल से जुड़े डेटा की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील प्रशांत भूषण केस लड़ रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि जिन टीकों की सुरक्षा और असर जानने के लिए पर्याप्त रूप से ट्रायल नहीं किया गया है, उनके डेटा का खुलासा किए बिना ही ‘आपातकालीन उपयोग’ की मंजूरी दी गई है। याचिका के मुताबिक यह डब्ल्यूएचओ और आईसीएमआर द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन है।

पुलियेल ने याचिका में कहा है कि इस डेटा को शेयर नहीं किया जाना टीकों के निष्पक्ष मूल्यांकन को लेकर सवाल खड़े करता है। क्लीनिकल ट्रायल डेटा जानना इसलिए जरूरी है कि क्योंकि आबादी के अलग-अलग वर्ग टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। मालूम हो कि अब तक, एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और सीरम इंस्टीट्यूट, पुणे की कोविशील्ड और भारत बायोटेक, हैदराबाद की कोवैक्सिन के डेटा सार्वजनिक डोमेन में नहीं हैं।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भारत में ट्रायल के शुरुआती नतीजों के आधार पर कोविशील्ड को मंजूरी दी। यह ट्रायल मार्च में समाप्त हुआ लेकिन ट्रायल का डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। माना जा रहा है कि कोवैक्सिन का ट्रायल अभी चल रहा है। याचिका में कहा गया है कि अधिकारियों के लिए वैक्सीन लगवाने वालों की निगरानी करना और सभी प्रतिकूल घटनाओं को सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड करना अहम है।

सिर्फ तीन दिनों के लिए बची है खुराक: इस बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि आने वाले तीन दिनों में दिल्ली में 18 से 44 साल के लोगों का टीकाकरण पूरी तरह से बंद हो जाएगा। दिल्ली सरकार ने कहा कि सिर्फ तीन दिन की कोविशील्ड वैक्सीन बची है। साथ ही केंद्र ने फिलहाल इस आयु वर्ग के लिए और वैक्सीन देने से मना किया है। कोवैक्सीन की खुराक तो पहले ही खत्म हो चुकी है।

दिल्ली में कोरोना के मामले 5,000 से कम: गौरतलब है कि दिल्ली में 5 अप्रैल के बाद से अब जाकर 5,000 से कम कोरोना के मामले एक दिन में दर्ज किए गए हैं। कोरोना पॉजिटिविटी रेट भी 10 फीसदी से नीचे चला गया है। दिल्ली में सोमवार को कोरोना के 4,524 के नए मामले दर्ज किए गए।

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