निहंगों के साथ कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर की तस्वीर, संगठन का दावा- सिंघु बॉर्डर छोड़ने के लिए दिया गया 10 लाख का ऑफर

पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को कहा कि निहंग नेता के साथ तोमर की कथित तस्वीर ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया है। बिना किसी का नाम लिए, रंधावा ने दावा किया कि वही निहंग नेता हत्या के मुख्य आरोपी का “बचाव” कर रहा है।

Farmers Protest
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर। (file photo)

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ निहंग संप्रदाय के प्रमुख बाबा अमन सिंह की एक कथित तस्वीर ने मंगलवार को एक विवाद खड़ा कर दिया। इस तस्वीर में सिख धर्मगुरु ने आरोप लगाया कि केंद्र ने सिंघू में किसानों के विरोध स्थल को छोड़ने के लिए उनको पैसे की पेशकश की थी।

तस्वीर में पंजाब के पूर्व पुलिस अधिकारी गुरमीत सिंह पिंकी भी दिख रहे हैं, जिन्हें हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके अलावा भाजपा नेता हरविंदर गरेवाल भी इस बैठक में शामिल हुए थे। बैठक करीब दो महीने पहले होने की बात कही जा रही है।

हाल ही में सिंघू बार्डर पर हुई दलित सिख की लिंचिंग में बाबा अमन सिंह के संप्रदाय का एक सदस्य मुख्य आरोपी है। अमन सिंह ने घटना के बाद अपने बयान में हत्या को जायज ठहराया था।

अमन सिंह ने मंगलवार को आरोप लगाया, “किसानों के विरोध स्थल को छोड़ने के लिए मुझे 10 लाख रुपये की पेशकश की गई थी; मेरे संगठन को भी एक लाख रुपये की पेशकश की गई थी। लेकिन हमें खरीदा नहीं जा सकता।” उन्होंने कहा कि निहंग संगठन 27 अक्टूबर को फैसला करेंगे कि सिंघू में रहना है या नहीं। कृषि मंत्रालय ने इस मामले पर सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

संपर्क करने पर गुरमीत सिंह ने कहा, “यह सच है कि बाबा अमन को मैं जानता हूं, और हम लोग अगस्त में मंत्री के घर गए थे, लेकिन यात्रा का उद्देश्य अलग था। मैं किसी निजी काम से गया था। निहंग संप्रदाय के मुखिया कृषि विधेयकों की बात कर रहे थे, लेकिन मेरे सामने उन्हें पैसे का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था। मुझे नहीं पता कि उनके और तोमर के बीच क्या हुआ था।” कृषि कानूनों पर गतिरोध के समाधान के लिए तोमर विरोध प्रदर्शन करने वाले नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।

इस बीच, पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को कहा कि निहंग नेता के साथ तोमर की कथित तस्वीर ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया है। बिना किसी का नाम लिए, रंधावा ने दावा किया कि वही निहंग नेता हत्या के मुख्य आरोपी का “बचाव” कर रहा है। निहंग समूह ने पीड़ित पर एक सिख पवित्र ग्रंथ को अपवित्र करने का आरोप लगाया था।

रंधावा ने एक बयान में कहा, “निहंग नेताओं में से एक के विशेष रूप से भारत सरकार के कृषि मंत्री एन एस तोमर के संपर्क में होने के हालिया खुलासे के मद्देनजर लिंचिंग की घटना में पूरी तरह से अब एक नया मोड़ आ गया है।” मंत्री ने दावा किया, “ऐसा प्रतीत होता है कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की गहरी साजिश है।”

उन्होंने कहा कि तरनतारन जिले के चीमा कलां गांव के रहने वाले दलित पीड़ित लखबीर सिंह बेहद गरीब थे। पंजाब के मंत्री ने कहा, “हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि किसने उसे सिंघू सीमा पर फुसलाया और उसकी यात्रा के लिए किसने भुगतान किया क्योंकि वह अपना भोजन भी नहीं खरीद सकता था।”

डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि किस परिस्थिति में व्यक्ति को उसके घर से सिंघू सीमा पर ले जाया गया।

“हाल ही में उपलब्ध फोटोग्राफिक सबूतों के मद्देनजर, निहंग नेता को यह भी बताना होगा कि वह किस हैसियत से केंद्रीय कृषि मंत्री एनएस तोमर से मिले थे। क्या उन्हें तीन काले खेत कानून के खिलाफ अभियान की अगुवाई करने वाले किसान संगठनों द्वारा ऐसा करने के लिए कहा गया था।”

रंधावा ने कहा कि उस जगह के महत्व को देखते हुए जहां “निहंग नेता” डेरा डाले हुए थे, उन्हें “केंद्रीय मंत्री के साथ अपनी मुलाकात के बारे में किसान संघों को बताना चाहिए था और उसकी जानकारी देते रहना चाहिए था।”

उन्होंने कहा, “इसने लोगों के मन में संदेह तो पैदा कर ही दिया है और इन्हें दूर करने की जरूरत है।” मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार “साजिश” की जड़ तक पहुंचने और दोषियों को बेनकाब करने और उन्हें दंडित करने के लिए सब कुछ करेगी।

प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि सिंघू सीमा पर हुई हत्या में ‘एजेंसियों’ की भूमिका हो सकती है। लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया। उन्होंने एक बयान में कहा, “निश्चित रूप से जो कुछ दिखाई पड़ रहा है, उससे अलग कुछ है।”

जाखड़ ने आरोप लगाया, “भाजपा लंबे समय से विरोध कर रहे सिखों को आतंकवादी करार देने के लिए सिख आंदोलन के रूप में धर्मनिरपेक्ष किसानों के संघर्ष को कलंकित करने की कोशिश कर रही है।” कहा कि पंजाबी देश की तलवार भुजा हैं। उन्होंने मौत होने की वजह की घटनाओं की गहन जांच कराने की मांग की।

लखबीर सिंह की पिछले हफ्ते बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और उनका शरीर किसानों के विरोध स्थल पर एक बैरिकेड्स से बंधा हुआ था। साथ ही एक हाथ कटा हुआ था और धारदार हथियारों से कई घाव भी किए गए थे। हत्या के लिए गिरफ्तार किए गए निहंगों में से एक सरबजीत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने उस व्यक्ति को सिखों के पवित्र ग्रंथ को “अपवित्र” करने के लिए “दंडित” किया है।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
क्लोजर रिपोर्ट पर सफाई के लिए सीबीआइ ने मांगी मोहलतCoal Scam, Coal, Coalgate, CBI, Report, National News
अपडेट