Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में है। इस बार प्रीतम लोधी ने 15 लाख के इनामी डकैत राम बाबू गड़रिया को अपना सुख-दुख का साथी बता दिया। इतना ही नहीं विधायक ने न केवल डाकू को श्रद्धांजलि दी बल्कि उनकी जमकर तारीफ भी की।
अहिल्याबाई होलकर की जयंती मनाने के लिए रविवार को पिछोर में पाल-बघेल समुदाय के हजारों सदस्य इकट्ठा हुए थे। मंच पर समुदाय के नेता, जन प्रतिनिधि और सांस्कृतिक कलाकार मौजूद थे। लेकिन सबका ध्यान अहिल्याबाई होलकर के फोटो के बगल में रखी एक तस्वीर पर गया। यह तस्वीर चंबल के सबसे कुख्यात डाकुओं में से एक रामबाबू गड़रिया की थी।
हम एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी थे- प्रीतम लोधी
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने कहा, “हम दोनों एक दूसरे के सुख और दुख के साथी थे। उनकी बहन पर अत्याचार होने पर उनके परिवार का साथ देते हुए पांच हजार लोगों के साथ कमिश्नरी घेर ली थी, तब लोगों ने कहा था कि एक गुंडा, एक डकैत का साथ दे रहा है।”
बीजेपी विधायक ने कहा, “मैंने कहा था कि क्या एक गुंडा और एक डकैत इंसान नहीं होते हैं? उनकी स्थिति मुझे मालूम थी, सामंतशाहियों ने उसे परेशान करके उसको डकैत बनाया था नहीं तो रामबाबू डकैत बनने लायक नहीं थे। मुझे उसकी एक-एक चीज याद है जेल से लेकर जंगल तक की। हमारी जेल में भी मुलाकात हुई थी और हमारी जंगलों में भी मुलाकात हुई थी। इसलिए मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं कि आज मैंने उनकी तस्वीर पर माला डालने का अवसर मिला। मुझे इस बात का गर्व होता है कि आज मैंने अपने भाई का, अपने दुख-सुख के साथी को माला अर्पण करके प्रणाम किया।”
सरकार ने रामबाबू गड़रिया पर रखा था 15 लाख रुपये का इनाम
बता दें कि रामबाबू गड़रिया केवल स्थानीय दबंग या कोई विवादित व्यक्ति नहीं था, बल्कि वह चंबल के आपराधिक इतिहास के सबसे खौफनाक नामों में से एक था। सालों तक, उसने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के ऊबड़-खाबड़ बीहड़ों और सीमावर्ती इलाकों में अपना आतंक मचाए रखा।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसका नाम 100 से भी ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ा था, जिनमें हत्या, अपहरण, लूटपाट, रंगदारी और हिंसक हमले शामिल थे। 2004 में हुए उस नरसंहार के बाद उसका नाम पूरे देश में मशहूर हो गया, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई थी। इस वारदात ने उसके गिरोह को अभूतपूर्व सुर्खियों में ला दिया और उसके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को और भी तेज कर दिया।
तीन राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उसे पकड़ने के लिए कई अभियान चलाए। पुलिस की फाइलों में उसका नाम प्रमुखता से दर्ज था। सरकार ने उसे पकड़वाने वाली जानकारी देने पर 15 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की। 2007 में रामबाबू गड़रिया के आपराधिक सफर का अंत हो गया क्योंकि शिवपुरी जिले के जंगलों में पुलिस एनकाउंटर में वह मारा गया।
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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में 16 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे ने 5 लोगों को अपनी थार कार से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद अब विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ को चेतावनी दी थी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
