तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव कथित फोन टैपिंग मामले में कल विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। उनके करीबी सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को यह जानकारी दी है। इससे तेलंगाना पुलिस और केसीआर के बीच पूछताछ की जगह को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। गुरुवार को जब SIT ने केसीआर को पेश होने के लिए कहा था, तब उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया था कि उनका बयान सिद्दिपेट जिले में स्थित उनके मौजूदा आवास (फार्महाउस) पर और किसी सुविधाजनक तारीख पर दर्ज किया जाए।
इसके जवाब में एसआईटी ने केसीआर के आधिकारिक आवास की दीवार पर एक नोटिस चिपकाया। नोटिस में कहा गया कि केसीआर को अपने रिकॉर्ड में दर्ज पते, यानी हैदराबाद के नंदी नगर स्थित घर पर ही उपस्थित होना होगा। एसआईटी ने केसीआर को 1 फरवरी को दोपहर 3 बजे पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।
केसीआर ने कुछ अनिच्छा के साथ इस दूसरे नोटिस को स्वीकार किया है। एसआईटी को दिए अपने जवाब में उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट और अलग-अलग हाईकोर्ट के फैसलों से यह साफ है कि 30 जनवरी का नोटिस, जिसे नंदी नगर स्थित मकान की दीवार पर चिपकाया गया, कानूनन सही नोटिस नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करना सीआरपीसी की धारा 62 का उल्लंघन है और एसआईटी को उनका बयान दर्ज करने के लिए इस तरह का नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने लिखा कि भले ही कानूनी रूप से यह नोटिस सही नहीं है, फिर भी तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता होने के नाते और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में वह जांच में सहयोग करेंगे।
केसीआर ने कहा कि विभाग की मदद करने के लिए वह 1 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे हैदराबाद के नंदी नगर स्थित अपने आवास पर जांच के लिए उपस्थित रहेंगे, क्योंकि आप (एसआईटी) मेरा बयान वहीं दर्ज करना चाहते हैं।
बीआरएस के एक सूत्र ने बताया कि जिस तरीके से केसीआर को नोटिस भेजे गए, उससे पार्टी में काफी नाराजगी है। पार्टी का कहना है कि एसीपी स्तर के अधिकारी द्वारा उनसे पूछताछ करना उनका अपमान है।
केसीआर के करीबी एक सूत्र ने बताया कि कल हैदराबाद के नंदी नगर में विरोध प्रदर्शन हो सकता है। वहीं बीआरएस का आरोप है कि मौजूदा कांग्रेस सरकार इस मामले में बदले की राजनीति कर रही है।
केसीआर के बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के तारका रामा राव ने X पर पोस्ट किया कि तेलंगाना की जनता केसीआर को झूठे मामले में घसीटने के लिए कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब देगी।
यह मामला उस समय का है जब राज्य में बीआरएस की सरकार थी। आरोप है कि उस दौरान पार्टी के विरोधियों के फोन टैप किए गए थे। इस मामले में फिलहाल विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) के प्रमुख और आईपीएस अधिकारी टी. प्रभाकर राव, पुलिस उपाधीक्षक डी. प्रणीत राव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम. तिरुपथन्ना और एन. भुजंगा राव, पूर्व पुलिस अधीक्षक पी. राधाकिशन राव और एक टीवी चैनल के मालिक ए. श्रवण कुमार राव आरोपी बनाए गए हैं।
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एसआईटी के सूत्रों ने पहले दावा किया था कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे पता चलता है कि प्रभाकर राव के नेतृत्व में एसआईबी ने कम से कम 600 फोन नंबर टैप किए, जिनका वामपंथी उग्रवाद से कोई संबंध नहीं था।
एसआईबी की स्थापना 1990 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें रोकने के लिए की गई थी। एसआईटी सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि अब उनकी जांच का दायरा हजारों लोगों के कॉल डेटा रिकॉर्ड और इंटरनेट प्रोटोकॉल डेटा रिकॉर्ड तक कथित अवैध पहुंच तक बढ़ गया है। एसआईटी का नेतृत्व हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार कर रहे हैं।
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