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PF नियमों में बदलावः कोविड का हवाला दे अब निकाली जा सकेगी रकम, जानें ब्योरा

इससे पहले मार्च 2020 में भी केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत एक स्पेशल प्रावधान किया था।

ईपीएफओ ने कोरोना काल में दूसरी बार पीएफ अकाउंट धारकों के लिए रिटायरमेंट फंड से पैसा निकालने का प्रावधान किया है। (फोटो- ट्विटर/socialepfo)

कोरोना महामारी के बीच एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने पीएफ नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार कोरोना का हवाला देते हुए ग्राहक अपने पीएफ अकाउंट से रिटायरमेंट फंड का पैसा भी निकाल सकते हैं। ईपीएफओ ने कोरोना काल में दूसरी बार पीएफ अकाउंट धारकों के लिए रिटायरमेंट फंड से पैसा निकालने का प्रावधान किया है। इससे पहले मार्च 2020 में भी इस तरह का प्रावधान किया गया था।

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने जारी किए बयान में कहा है कि ईपीएफओ ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर में अपने ग्राहकों के लिए दूसरी बार पैसा निकालने का प्रावधान किया हैं। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान बनाए गए स्पेशल प्रावधान से कई ईपीएफ सदस्यों को फायदा पहुंचा था। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार ईपीएफओ ने कोरोना काल में करीब 76.31 लाख मामले का निपटारा किया और करीब 18,698.15 करोड़ की राशि लोगों को क्लेम के रूप में दी गई।

इससे पहले मार्च 2020 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत एक स्पेशल प्रावधान किया था, जिसके तहत ईपीएफ मेंबर्स अपने पीएफ का 75 फीसदी या तीन महीने की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता निकाल सकते हैं। अब दूसरी बार सरकार ने यह प्रावधान किया है. ईपीएफओ के नियमों के अनुसार जिन लोगों ने पहले भी इन प्रावधानों के तहत अपने अकाउंट से राशि निकाली है वे भी दोबारा से इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

ईपीएफओ के अनुसार पीएफ अकाउंट धारक रिटायरमेंट फंड का पैसा निकालने के कोरोना वायरस का हवाला दे सकते हैं। ये पैसे बीमारी के इलाज और घर खरीदने के लिए भी निकाले जा सकते हैं. ईपीएफओ इन क्लेम का निपटारा तीन दिनों के अंदर करेगी। साथ ही इन क्लेम का जल्दी जल्दी निपटारा करने के लिए ईपीएफओ ने ऑटो सेटलमेंट सिस्टम की भी शुरुआत की है। हालांकि यह सुविधा सिर्फ उन अकाउंटों के लिए है जिनका केवाईसी हो चुका है।

इसके अलावा ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट के लिए नया नियम भी लागू किया है। इन नियमों के तहत ईपीएफओ ने सभी कंपनी को 1 जून तक अपने कर्मचारियों का खाता आधार से लिंक कराने और उसे वेरिफाई कराने का निर्देश दिया है। आधार लिंक या वेरिफाई ना कराने की स्थिति में  इलेक्ट्रॉनिक चालान या रिटर्न नहीं भरा जा सकेगा और पैसा कर्मचारियों के खाते में नहीं जमा होगा।

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