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चुनाव से पहले मोदी सरकार ने क‍िया 55,649 पेट्रोल पंप बांटने का ऐलान, कोर्ट जाएगा मामला

सरकार ने इस संबंध में 25 नवंबर को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को अगले पांच साल में अपने पेट्रोल पंप की संख्या दोगुनी करने के आदेश दिए थे। सरकार का तर्क है कि ये फैसला देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस अर्काइव फोटो)

साल 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने सरकारी तेल कंपनियों बड़ी छूट दी है। सरकार ने तेल मार्केटिंग कंपनियों को अगले पांच साल में देश में पेट्रोल पंपों की संख्‍या बढ़ाकर दोगुनी करने की इजाजत दे दी है। सरकार के इस फैसले का पेट्रोल पंप डीलर्स ने विरोध किया है। डीलर्स के संगठन ने सरकार के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। डीलर्स का कहना है कि देश में पेट्रोल पंप की तादाद बढ़ाने का फैसला उनकी अपनी ही नीति के खिलाफ है।

कोर्ट जाएंगे पेट्रोल डीलर्स: पेट्रोल डीलर्स के संगठन ऑल इंडिया पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (एआईपीडीए) ने नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है। मीडिया से बात करते हुए एआईपीडीए के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 2025 तक वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने और भारत में पेट्रोल पंप बंद करने की घोषणा की थी। लेकिन अब विज्ञापन जारी कर नए पेट्रोल पंप खोलने की बात की जा रही है। ऐसे में इस नीति का क्‍या होगा? वैसे एक सूत्र ने बताया कि पेट्रोल डीलर्स की चिंता यह भी है कि ज्यादा पेट्रोल पंप खुलने से उनका मुनाफा प्रभावित होगा और बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ जाएगी।

सरकार ने दिया ये तर्क: सरकार ने इस संबंध में 25 नवंबर को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को अगले पांच साल में अपने पेट्रोल पंप की संख्या दोगुनी करने के आदेश दिए थे। सरकार का तर्क है कि ये फैसला देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। बता दें कि भारत अपनी तेल जरूरत का 83 फीसदी हिस्सा आयात करता है। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 220.43 मिलियन टन क्रूड ऑयल का आयात किया था। इस आयात पर सरकार ने 87.7 अरब डॉलर की विशाल रकम खर्च की थी।

सरकार ने आसान किए नियम: सरकार ने पेट्रोल-पंप खोलने के नियमों को सरल बना दिया है। अगर आपके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं और आपके नाम पर जमीन नहीं है तो भी अब आप पेट्रोल पंप के लिए आवेदन कर सकते हैं। नई गाइडलाइंस में पेट्रोल पंप आवेनदकर्ता के पास फंड की जरूरत को समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा जमीन के मालिकाना हक को लेकर नियमों में छूट दी गई है। अब तक शहरी इलाकों में पेट्रोल पंप के लिए 25 लाख रुपये का बैंक डिपॉजिट और ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंप खोलने के लिए 12 लाख रुपये का डिपॉजिट होना जरूरी था।

देश में हैं इतने पेट्रोल पंप: बता दें कि इस वक्त देश में खुदरा पेट्रोल बेचने वाले लगभग 56,000 रिटेल पेट्रोल पंप हैं। इन पंपों का संचालन तीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) करती हैं। इंडियन ऑयल के 26,982, बीपीसीएल के 15,802 और एचपीसीएल के 12,865 पेट्रोल पंप हैं। इसके अलावा, देश में प्राइवेट कंपनियों के भी 6,000 पेट्रोल पंप हैं।

इन राज्यों में खुलने हैं नए पेट्रोल पंप: हरियाणा, दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, असम, केरल, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, पुडुच्चेरी, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, दमन और दीव, यूटी ऑफ डीएनएच, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर, कर्नाटक और महाराष्ट्र में नए पेट्रोल पंप खुलेंगे।

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