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तेलंगाना में दोगुनी से अधिक हुई प्रति व्यक्ति आय

साल 2015 से 2021 के दौरान तेलंगाना में औसत आर्थिक विकास दर 11.7 फीसद रही जो दक्षिण भारत के राज्यों में सबसे अधिक थी।

तेलंगाना में बीते आठ साल के दौरान प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक बढ़ गई है। दक्षिण भारत के राज्यों में औसत आर्थिक विकास के मामले में तेलंगाना अव्वल है। यह कृषि क्षेत्र को निरंतर निशुल्क बिजली मुहैया करवा रहा है। बीते आठ साल में तेलंगाना का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) चार करोड़ 51 हजार 580 करोड़ रुपए से बढ़ कर 11 लाख 54 हजार 860 करोड़ रुपए हो गया है।

साल 2015 से 2021 के दौरान तेलंगाना में औसत आर्थिक विकास दर 11.7 फीसद रही जो दक्षिण भारत के राज्यों में सबसे अधिक थी। राज्य में बीते आठ साल के दौरान प्रति व्यक्ति आय एक लाख 24 हजार 104 रुपए से बढ़ कर दो लाख 78 हजार 833 रुपए हो गई है। देश कीप्रति व्यक्ति आय की तुलना में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 86 फीसद अधिक है। प्रति व्यक्तिबिजली खपत वृद्धि दर में तेलंगाना राज्य देश में पहले स्थान पर रहा।

तेलंगाना में रेकार्ड 2.18 करोड़ टन धान का उत्पादन हुआ है। बीते आठ साल में तेलंगाना का कृषि उत्पादन आठ गुना बढ़ गया है। तेलंगाना का खाद्य उत्पादन पंजाब के बराबर हो गया है। इसने इस मौसम में अनाज की खरीद के लिए सात हजार खरीद केंद्र स्थापित किए। यह देश में इकलौता राज्य है जिसने अपने किसानों का पैदा किया गया पूरा अनाज खरीद लिया है।

देश में कपास उत्पादन में तेलंगाना का प्रथम स्थान है। यही देश में ऐसा राज्य है जिसने अपने किसानों को प्रमाणीकृत बीज आनलाइन उपलब्ध कराए हैं। तेलंगाना में बीते आठ सालों के दौरान भंडारण की क्षमता 9.9 लाख टन से बढ़ा कर 31.9 लाख टन हो गई है। देश के राज्यों में केवल तेलंगाना ही है जिसने ट्रैक्टर, ट्राली आदि पर यातायात कर स्थगित कर दिया है।

तेलंगाना सरकार वरिष्ठ नागरिकों, एकल महिला, विधवा, बुनकरों, एड्स के मरीजों और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को पेंशन मुहैया करवा रही है। राज्य में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रति लीटर चार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। राज्य सरकार दस हजार इमामों और मौलानाओं को पांच हजार रुपए प्रति माह मानदेय दे रही है। राज्य सरकार ने दलितों के सर्वांगीण उत्थान के लिए दलित बंधु योजना शुरू की।

सरकार ने 75 वर्ग यार्ड के भवन निर्माण के लिए स्वीकृति की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है और उनसे 100 रुपए गृह कर लिया जाता है। राज्य में 973 गुरुकुल स्थापित किए गए हैं जो पांच लाख छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मुहैया करवा रहे हैं। गुरुकुल में सरकार हरेक बच्चे पर सवा लाख रुपए खर्च करती है।

राज्य सरकार हर जिले में एक सरकारी मेडिकल कालेज खोलने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में नदियों, झीलों और झरनों को पुनर्जीवित करने के लिए 1200 चेक डेम बनाए गए हैं। तेलंगाना सरकार सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास कर रही है। हैदराबाद को विश्व के सबसे सुरक्षित शहर का दर्जा मिला है और यह सभी निवेशकों का पसंदीदा स्थल बन गया है।

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