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लॉकडाउन से पॉश इलाकों के लोग बेबस: राशन का अंबार पर हो रही खाना बनाने में दिक्कत

घरेलू सहायकों और सहायिकाओं से खाना बनवाने वाले लोग लॉकडाउन से परेशान हैं। खुद खाना बना नहीं पाते हैं और सहायक-सहायिकाओं को सोसाइटी के अंदर आने पर आरडब्ल्यूए ने रोक लगाई हुई है।

बड़े घरों में रहने वाले लोग सहायिकाओं के नहीं आने से खाना नहीं बनवा पा रहे हैं।

गाजियाबाद से नोएडा के सेक्टर- 48 में कुछ साल पहले ही एक बड़े कारोबारी ने अपनी कोठी बनाकर रहना शुरू किया। हरियाली से भरपूर और चारदीवारी में बंद आवासीय सेक्टर में पहुंचकर राम कुमार (बदला हुआ नाम) और उनका परिवार फूला नहीं समाया। गाजियाबाद की भीड़ भाड़ और पुराने माहौल से उच्चवर्गीय कॉलोनी में पहुंचने को बड़ी बात थी। चूंकि रामकुमार की पत्नी बीमार रहने की वजह से खाना नहीं बना पाती थीं। वहीं बहू भी खाना बनाना नहीं जानती है। इसलिए रामकुमार ने अपने यहां एक पूरे दिन की घरेलू सहायिका लगा रखी थी। जो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उनके यहां रहती थी। फिर बरौला गांव में अपने घर चली जाती थी।
लेकिन कोरोना के कारण हुई पूर्णबंदी ने इस शान ओ शौकत पर पानी फेर दिया।

ऐसी ही जगहों पर रहने वाले लोगों के लिए परेशानी तब बढ़ गई जब आरडब्लूए ने बाहर से काम करने आने वालों पर रोक लगा दी। बुजुर्ग या खाना नहीं बना सकने वाले परिवारों से काम करने वाले को अपनी कोठी में ही रखने की हिदायत जारी कर दी। घरेलू सहायिका रात में रुकने को तैयार नहीं हैं। सख्ती के चलते परिवारों की हालत खराब हो रही है। कुछ कॉलोनियों में चुपके से मास्क लगाकर काम करने वालों को बुलाया जाने लगा तो पड़ोस के लोगों ने आरडब्लूए के वाट्सऐप ग्रुप पर इस पर एतराज करना शुरू कर दिया।

दस्तानों और मास्क के साथ घरेलू सहायकों का प्रवेश
परेशानी बढ़ने पर समाधान निकालने की कोशिश की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आरडब्लूए को सेक्टर या वहां के निवासियों से जुड़ी समस्याओं को समाधान करना है। इस मसले पर फेडरेशन आॅफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (फोनरवा) के पूर्व अध्यक्ष एनपी सिंह ने पहल करते हुए आरडब्लूए पदाधिकारियों से बातचीत की। तय हुआ कि ऐसे कुछ खास मामलों में एहतियात बरतते हुए काम करने वालों को सशर्त इजाजत दी जाए। मास्क और दस्ताने पहनकर आने वाले काम करने वालों की गेट पर तापीय परीक्षण कराई जाए। रसायन से संक्रमण मुक्त करने के बाद प्रवेश की इजाजत दी जाए।

ब्रेड मक्खन से चलाया काम
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक महानगर नोएडा में पूर्णबंदी ने यहां रहने वालों को नित नए अनुभव से रूबरू कराया है। गरीब जहां राशन न होने से भूखा है वहीं, पॉश इलाकों में लोग काम पर न आने वाले लोगों की वजह से काम चलाऊ चीजें खाकर पेट भर रहे हैं। जैसे-तैसे ब्रेड मक्खन या अन्य किसी सामान की डिलवरी कराकर पीड़ादायक समय गुजार रहे हैं।

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