पेगासस कांडः उधर वेल में हो रहा था विरोध, इधर मोदी सरकार को घेरने पर तीन MPs संग राहुल बना रहे थे “प्लान”

जानकारी के मुताबिक, राहुल द्वारा दी गई टी-पार्टी में 17 दलों के करीब 150 नेताओं को न्यौता भेजा गया। हालांकि, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप से इसमें कोई शामिल न हुआ।

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दरअसल, पेगासस केस पर विपक्षी दल चर्चा की मांग पर अड़े हैं। मॉनसून सत्र का तीसरा हफ्ता आ चुका है, पर संसद में इस मसले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच रार बरकरार है। (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी सरकार भले ही पेगासस जासूसी कांड पर बहस के लिए राजी न हो रही हो, पर लगता है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में कुछ विपक्षी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की है।

पूर्व कांग्रेस चीफ को रेवल्यूश्नरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) सांसद एनके प्रेमचंद्रन के साथ सदन में देखा गया था, जो उनके पास सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक के “खतरों” के बारे में बात करने गए थे। यह विरोध के बीच लोकसभा में पारित हो गया था। बातचीत के दौरान वहां शिवसेना के अरविंद सावंत और कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी मौजूद थे। ये चारों लगभग 45 मिनट तक गंभीर बातचीत में तल्लीन दिखे, जबकि विपक्षी सांसद इस दौरान वेल में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस सांसदों के मुताबिक, राहुल दूसरों से पूछ रहे थे कि संसद में पेगासस पर बहस के लिए सरकार की अनिच्छा के बारे में वे क्या सोचते हैं।

दरअसल, पेगासस केस पर विपक्षी दल चर्चा की मांग पर अड़े हैं। मॉनसून सत्र का तीसरा हफ्ता आ चुका है, पर संसद में इस मसले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच रार बरकरार है। इसी बीच, राहुल ने विपक्ष के नेताओं के साथ मिलकर सरकार को घेरने और दबाव बनाने की रणनीति पर चर्चा के लिए मंगलवार सुबह बैठक बुलाई।

सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा ने बताया था कि इसमें द्रमुक, शिवसेना, राजद, वाम दलों, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया। इसमें दोनों सदनों के विपक्षी दलों के नेता और सांसद शामिल हुए। पर आम आदमी पार्टी से कोई भी नेता नहीं आया।  इससे पहले, संसद भवन में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में प्रमुख विपक्षी नेताओं ने बैठक की।

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में शामिल नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को पेगासस के मामले पर संसद में चर्चा करानी चाहिए और वे इस मांग को पुरजोर ढंग से उठाते रहेंगे। सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ नेताओं ने सरकार के रुख के विरोध में संसद की कार्यवाही का सांकेतिक आयोजन (मॉक पार्लियामेंट) करने का सुझाव दिया।

गांधी ने विपक्षी नेताओं को ऐसे समय नाश्ते पर बुलाया है जब पेगासस, कृषि कानून और तेल-महंगाई आदि को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। उन्नीस जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ हुआ था, लेकिन अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर पहले चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है।

LS से साधारण बीमा कारोबार राष्ट्रीयकरण संशोधन बिल मंजूरः लोकसभा ने सोमवार को शोर शराबे के बीच ‘साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021’ मंजूरी दे दी जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों में अधिक निजी भागीदारी को सुगम बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विधेयक को चर्चा एवं पारित होने के लिये रखा। इस दौरान लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने विधेयक का विरोध किया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह देश विरोधी विधेयक है जो पूंजपतियों को जेब भरने के लिए लाया गया है। इस पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी की बात पूरी तरह बेबुनियाद है।

इस विधेयक के माध्यम से साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है । यह अधिनियम 1972 में लागू हुआ था और इसमें साधारण बीमा कारोबार के विकास के जरिये अर्थव्यवस्था की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए भारतीय बीमा कंपनियों और अन्य मौजूदा बीमा कंपनियों के उपक्रमों के शेयरों के अधिग्रहण और हस्तांतरण की अनुमति का प्रावधान किया गया था।

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