भाजपा के साथ पीडीपी का गठबंधन पिता की वसीयत की तरह: महबूबा

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि भाजपा नीत केन्द्र सरकार द्वारा गठबंधन के एजेंडा को लागू करने में प्रगति जम्मू कश्मीर सरकार के गठन की पूर्व शर्त है। राज्य में आठ जनवरी से राज्यपाल शासन लागू है।

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पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

भाजपा के साथ सरकार बनाने के लिए आगे बढ़ने का संकेत देते हुए पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार (7 मार्च) को कहा कि उनके दिवंगत पिता मुफ्ती सईद का भगवा पार्टी के साथ गठबंधन करने का निर्णय उनके बच्चों के लिए एक वसीयत की तरह है जिसे अमल में लाना है, भले ही ऐसा करते हुए वे मिट जाएं। उनके पिता का भाजपा से गठबंधन करने का निर्णय ‘पत्थर की लकीर’ है और ‘‘मैं उनके निर्णय को निभाऊंगी’। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नीत केन्द्र सरकार द्वारा गठबंधन के एजेंडा को लागू करने में प्रगति जम्मू कश्मीर सरकार के गठन की पूर्व शर्त है। राज्य में आठ जनवरी से राज्यपाल शासन लागू है।

‘‘मेरे लिए मेरे पिता का निर्णय पत्थर की लकीर है किन्तु जो गठबंधन का एजेंडा (उनके पिता एवं भाजपा) उन्होंने तय किया था वह भी बहुत महत्वपूर्ण है बिल्कुल मुफ्ती साहब के शब्दों की तरह।’’ महबूबा ने कहा कि वह अपने पिता के निर्णय का सम्मान करती हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता का निर्णय सदैव राज्य के लोगों के हित में हुआ करता था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक बात स्पष्ट करना चहती हूं कि यह (भाजपा के साथ गठबंधन) निर्णय सईद द्वारा लिया गया था और मैं इसका स्वागत करती हूं। यदि कोई पिता अपने बच्चों के लिए वसीयत करता है तो उसे पूरा करना उनकी जिम्मेदारी होती है भले ही वह ऐसा करते समय मिट जाएं।’’

बहरहाल महबूबा ने यह भी कहा कि निर्णय का एक अन्य पहलू दोनों दलों के बीच गठबंधन के एजेंडा के क्रियान्वयन के जरिये राज्य के लोगों को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा, ‘‘सईद का भाजपा के साथ सरकार बनाने के लिए गठबंधन करने तथा केन्द्र की सरकार के साथ हाथ मिलाने का निर्णय जम्मू कश्मीर के लोगों, राज्य की एकता को कायम रखने तथा शांति एवं विकास के लिए था।’’

महबूबा ने कहा कि वह तभी सरकार बनाएंगी जब वे महसूस करेंगी कि उनके पिता का स्वप्न पूर्ण होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुर्सी पर तभी बैठूंगी जब मैं यह महसूस करूंगी कि जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए सईद के सपने पूरे होंगे। राज्य के लोगों के लिए कुर्सी की जरूरत है, मेरे लिए नहीं। यदि मुझे अपने या अपने परिवार के लिए कुर्सी मिलेगी तो मुझे इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि मेरी ऐसी कोई महत्वकांक्षा नहीं है।’’

महबूबा ने कहा, ‘‘यदि मेरी ऐसी कोई महत्वकांक्षा होती तो मैंने अपने पिता के जीवनकाल में ही कुर्सी ले ली होती।’’ इस बीच जम्मू से प्राप्त समाचार के अनुसार जम्मू कश्मीर कांग्रेस ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक अनिश्चितता के लिए आज भाजपा एवं पीडीपी को जिम्मेदार ठहराया और उन पर लोगों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया।

जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने जम्मू के खोर इलाके में एक रैली में कहा, ‘‘भाजपा एवं पीडीपी वर्तमान राजनीतिक संकट और अस्तव्यतता के लिए जिम्मेदार हैं.. केवल कांग्रेस ही लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। यही पार्टी है जो राज्य के सभी तीनों क्षेत्रों के लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित कर सकती है।’’

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