Paytm Payments Bank News: भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया है कि RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग वाला लाइसेंस रद्द कर दिया है। RBI के इस कड़े फैसले के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब बैंकिंग सेवाएं प्रदान नहीं कर सकेगा। RBI द्वारा की गई यह कार्रवाई नियामकीय मानकों के उल्लंघन और अनुपालन से जुड़ी चिंताओं के चलते की गई है।
Paytm Payments Banks को लेकर केंद्रीय बैंक ने कहा कि ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी ताकि जमा राशि और अन्य सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
क्यों सख्त हो गया सुप्रीम कोर्ट?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस मामले में कहा कि बिजनेस इस तरह से किया गया है जो जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक है। आरबीआई ने यह भी कहा कि Paytm Payments Bank, उसे जारी किए गए पेमेंट्स बैंक लाइसेंस में तय किए गए नियमों का पालन करने में नाकाम रहा था। RBI ने अपनी कार्रवाई में यह भी कहा है कि वह बैंक को बंद करने के लिए हाई कोर्ट में अर्ज़ी देगा।
Paytm Payments Bank पर क्या हैं आरोप?
- RBI के अनुसार बैंक का कामकाज जिस तरह से चल रहा था, उससे न केवल बैंक बल्कि उसके ग्राहकों के हितों के लिए भी हानिकारक था। यह स्थिति बैंकिंग विनियमन अधिनियम (BR Act) की धारा 22 (3)(b) के प्रावधानों के विपरीत पाई गई थी।
- बैंक का प्रबंधन ढांचा भी जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के अनुरूप नहीं माना गया, जिससे BR Act की धारा 22 (3)(c) का उल्लंघन हुआ।
- RBI ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बैंक को उसी रूप में जारी रखने की अनुमति देना किसी भी प्रकार के उपयोगी उद्देश्य या जनहित को पूरा नहीं करेगा, जो धारा 22 (3)(e) के खिलाफ है।
- RBI द्वारा बताया गया कि बैंक अपने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस से जुड़ी शर्तों का पालन करने में पूरी तरह से विफल रहा, जिससे उसने BR Act की धारा 22 (3)(g) का उल्लंघन किया।
मैनेजमेंट पर उठाए गंभीर सवाल
RBI ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि बैंक के प्रबंधन का सामान्य स्वरूप जमाकर्ताओं के हितों के साथ-साथ जनहित के भी विरुद्ध है। इसके चलते पेटीएम पेमेंट्स बैंक को किसी भी प्रकार का बैंकिंग व्यवसाय करने से प्रतिबंधित किया गया है।
आरबीआई ने कहा कि बैंक के बंद होने पर पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के पास अपनी पूरी जमा देनदारी चुकाने के लिए पर्याप्त तरलता है। बता दें कि, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 11 मार्च, 2022 से नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया गया है।
UPI लेन-देन फ्री है, फिर भी हजारों करोड़ की कमाई… आखिर कैसे कमाते हैं Paytm-PhonePe?

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और इसकी धड़कन यूपीआई बन चुका है। वित्त मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आज देश में होने वाले कुल भुगतानों में 57% हिस्सा यूपीआई का है। वहीं ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन की रिपोर्ट बताती है कि कैशलेस ट्रांजैक्शन की संख्या के लिहाज से यूपीआई करीब 90% और वैल्यू के हिसाब से 70% से ज्यादा हिस्सेदारी रखता है। पढ़िए पूरी खबर…
