विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि देश एक भयानक दौर से गुजर रहा है, जहां लोकतंत्र को हाईजैक करने की कोशिश हो रही।

पवन खेड़ा ने कहा, “हमारे नेता राहुल गांधी ने एक विशेष प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में की जा रही वोट चोरी के बारे में बताया था। इनमें हरियाणा, महाराष्ट्र,कर्नाटक का उदाहरण दिया था। वोट चोरी, एसआईआर और परिसीमन को हथियार बनाकर लोकतंत्र को कब्जे में लिया जा रहा है, ये तीन ओर से हमला किया जा रहा है।”

अगर ध्यान नहीं दिया तो यह कीचड़ सभी जगह फैलेगा- पवन खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा, “जब 2024 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी को झटका लगा, तब चुनावी सिस्टम को ध्वस्त करने की साजिश रची गई। कई बार हम पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन उसका जवाब है कि इन्होंने जहां-जहां कीचड़ फैलाया है, वहां कमल उग गया। ये नरेंद्र मोदी और भाजपा का पैटर्न है, अगर देश ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो यह कीचड़ सभी जगह फैलेगा।”

आगे उन्होंने कहा, “देश में वोट चोरी का कीचड़ फैलाया जा रहा है। इस कीचड़ को फैलने से रोकना चुनाव आयोग का काम है। पर आयोग हेट स्पीच और शिकायतों पर संज्ञान लेने के बजाय खुद उस कीचड़ में लेट गया और लोकतंत्र को दागदार बना दिया है।”

राजनीति खत्म होने की कगार पर- कांग्रेस नेता

आगे पवन खेड़ा ने कहा, “कांग्रेस बंगाल में टीएमसी के खिलाफ मजबूती से लड़ी, उनके खिलाफ प्रचार किया, लेकिन चुनावी नतीजों के बाद जब धांधली की बात सामने आई तो हमारे नेता राहुल गांधी जी ने नैतिकता के साथ अपना रुख साफ किया। मैं अपने नेता (राहुल गांधी) को बधाई देता हूं कि उन्होंने ऐसे दौर में सिद्धांतों की बात की, जब ऐसी राजनीति खत्म होने की कगार पर है। जैसे महाराष्ट्र में टारगेट कर लाखों वोट जोड़े गए थे, वैसे ही पश्चिम बंगाल और असम में टारगेट कर लाखों वोटरों को डिलीट कर दिया गया।”

‘लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय’

उन्होंने कहा, “हम कई राज्यों का उदाहरण देते आए हैं, जो साबित करता है कि वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया खत्म होती दिख रही है। लोकतंत्र के चौकीदार ज्ञानेश गुप्ता खुद चोरों को अपने कंधे पर बैठाकर विधानसभा लेकर जा रहे हैं, सब सामने हो रहा है। यह लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है, एक धब्बा है।”

पवन खेड़ा ने आगे कहा,”जब से रिजल्ट जारी हुए हैं, बंगाल में हिंसा का दौर शुरू हो गया है, लेकिन उन्हें रोकने के बदले दिल्ली से उन्हें और भड़काया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में विपक्षियों के दफ्तर जलाए जा रहे हैं, लोगों को मारा जा रहा है, दुकानें तोड़ी जा रही हैं, डीजे पर अश्लील गाने बजाए जा रहे हैं। भाजपा जीत की खुशी नहीं मना रही, सरासर गुंडागर्दी कर रही है, लोगों को डरा-धमका रही है।”

पद के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए- पवन

कांग्रेस नेता ने कहा, “नरेंद्र मोदी को अपने पद के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए और इस हिंसा को रोकना चाहिए। भाजपा कहती है कि उसे मुस्लिम वोटरों की जरूरत नहीं है। भाजपा ने मुस्लिम वोटरों को ठुकराया और मुस्लिम वोटरों ने भाजपा को ठुकरा दिया। ऐसे में जब मुसलमानों ने एक सेक्युलर पार्टी को वोट दिया तो भाजपा को उसमें भी शिकायत होने लगी। मतलब भाजपा अब वोट को भी रंगों में रंगने की कोशिश कर रही है। सवाल है- क्या बाबा साहेब का संविधान ऐसी सोच की इजाजत देता है? जहां कांग्रेस पार्टी हमेशा से सभी लोगों को प्रतिनिधित्व देती आई है, वहीं BJP टार्गेटेड तौर पर एक समुदाय के खिलाफ जहर उगलती रही है। सच ये है कि BJP देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, महिलाओं समेत हर वर्ग को कमजोर करना चाहती है।”

आगे कहा, “बंगाल में जिन मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित रखा गया, उन सीटों पर जीत का मार्जिन एसआईआर डिलीशन की संख्या से कम है यानी सबकुछ सामने है- दूध का दूध और पानी का पानी। ऐसे में हमें लगता है कि उन सीटों पर दोबारा मतदान होना चाहिए, क्योंकि इनमें से काफी लोग अभी भी वोट के अधिकार का इंतजार कर रहे हैं। हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वो संविधान को ध्यान में रखते हुए न्याय करेंगे।”

यह भी पढ़ें: ‘जनता ने ‘पेड़ा’ बना दिया है’, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को लेकर बोले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा

असम में भाजपा ने तीसरी हैट्रिक लगा ली है। भाजपा ने यहां बहुमत के जादुई आंकड़े को पार लिया है। भाजपा नेतृत्व एनडीए ने असम में 101 सीटें जीती हैं। जीत के बाद मीडिया के सवाल पर पवन खेड़ा को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा ने जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें