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बिहार में भगदड़ से मरने वालों की संख्या हुई 33

पटना। दशहरा समारोह के बाद यहां गांधी मैदान के बाहर भगदड़ में घायल एक और व्यक्ति की मौत के साथ इस घटना में मरने वालों की संख्या 33 हो गई है । प्रधान सचिव (गृह) अमीर सुभानी ने प्रेट्र को बताया कि आज एक और व्यक्ति की मौत होने से मृतकों की संख्या 33 हो […]

Author Updated: October 4, 2014 1:01 PM

पटना। दशहरा समारोह के बाद यहां गांधी मैदान के बाहर भगदड़ में घायल एक और व्यक्ति की मौत के साथ इस घटना में मरने वालों की संख्या 33 हो गई है ।

प्रधान सचिव (गृह) अमीर सुभानी ने प्रेट्र को बताया कि आज एक और व्यक्ति की मौत होने से मृतकों की संख्या 33 हो गई ।


सुभानी ने बताया कि घायल हुए 29 लोगों में से चार की हालत गंभीर बताई जाती है। सुभानी ने बताया कि वह गांधी मैदान का दौरा करने के साथ घटना की जांच शुरू करेंगे।

उन्हें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक :मुख्यालय: के साथ भगदड़ की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

उधर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में शोकाकुल लोग भगदड़ में उनसे बिछुड़ गये अपने प्रियजनों की खोज में सारी रात बैठे रहे।
रामगुलाम चौक के समीप घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों ने बताया कि हादसा एग्जीबिशन रोड के समीप स्थित गांधी मैदान के दक्षिण पूर्वी कोने की ओर कल शाम को हुआ जब रावण वध देखने के बाद लौट रहे लोग एक दूसरे से पहले निकलने की हड़बड़ी में थे।

विशाल गांधी मैदान में इस सालाना समारोह को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे । बताया जाता है कि हादसे के समय मैदान के कई कोने ऐसे थे जहां प्रकाश की मामूली व्यवस्था थी ।

विपक्षी भाजपा ने हादसे को लेकर जीतन राम मांझी सरकार कीआलोचना की है।

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल :पीएमसीएच: की सूची के मुताबिक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें 21 महिलाएं, 10 अल्पवय और दो पुरूष हैं। अल्पवय मृतकों में सात लड़कियां शामिल हैं।

पुलिस उपाधीक्षक सिब्ली नोमानी ने बताया कि पीएमसीएच में मृतकों में 30 की पहचान हो गयी है जिनमें से 28 के शव उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिए गए हैं । शेष शवों की शिनाख्त की जा रही है ।

पीएमसीएच में भर्ती कराए गए 29 घायलों में 17 महिलाएं और 12 पुरूष हैं। उनमें दो लड़के और दो लड़कियांं गंभीर रूप से घायल हैं जिनका आईसीयू में इलाज चल रहा है।

इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह को पीएमसीएच में हताहतों के रिश्तेदारों की नाराजगी का सामना करना पड़ा और वह वहां से जल्दी चले गए। वह जब अस्पताल से निकले तब हताहतों के नाराज रिश्तेदार उनकी कार के पास पहुंच गए और चिल्लाने लगे, ‘‘आप 16 घंटे बाद क्यों आ रहे हैं ?’’
जब मंत्री से संवाददाताओं ने कहा कि भाजपा इस हादसे के लिए राज्य सरकार की आलोचना कर रही है तो उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष अपना काम कर रहा है और हम अपना काम कर रहे हैं। ’’

इस बीच जिला प्रशासन ने भगदड़ स्थल पर सड़क पर बिखरे जूते-चप्पल हटा दिए हैं।

 

 

 

 

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