गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल एवं अन्य शीर्ष सुरक्षा एवं खुफिया अधिकारियों ने दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और पठानकोट आतंकी हमले के सुरक्षा के विभिन्न आयामों के बारे में चर्चा की। दो जनवरी को हुए पठानकोट आतंकी हमले के मद्देनजर राजधानी दिल्ली समेत कई स्थानों पर हाई एलर्ट जारी है। सरकार ने कहा कि विभिन्न एजंसियों की ओर से प्रदर्शित क्षमताओं को और मजबूत बनाया जाना चाहिए।
गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया कि सीमापार से दुराग्रह रखने वाले तत्वों से लगातार खतरा बने रहने के मद्देनजर खुफिया और रोकथाम करने की क्षमताओं को और उन्नत बनाने की जरूरत है, विशेष तौर पर प्रौद्योगिकी के संदर्भ में। यह तय किया गया है कि तय समयसीमा के भीतर सशस्त्र बल, अर्द्धसैनिक बल और पुलिस से जुड़े संवेदनशील स्टेशनों का सुरक्षा आडिट किया जाएगा। बैठक के दौरान इस पर भी चर्चा हुई कि ऐसे हमलों का पता लगाने और इन्हें विफल करने की क्षमता को और मजबूत बनाया जाए।
करीब एक घंटे तक चली बैठक के दौरान महसूस किया गया कि एक बार जैसे ही खुफिया रिपोर्ट की पुष्टि हो गई, निर्णय लेने और बलों को तैनात करने दोनों संदर्भों में कार्रवाई तेजी से हुई। यह महसूस किया गया कि संबंधित एजंसियों की ओर से प्रदर्शित कई तरह की क्षमताओं की, विशेष तौर पर प्रतिक्रिया के संदर्भ की सराहना करने और उन्हें अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। मंत्रियों ने हमले के बारे में अग्रिम चेतावनी के लिए खुफिया एवं सुरक्षा एजंसियों की सराहना की। इसको चलते चुनौतियों का मुकाबला करने व संभावित नुकसान को प्रभावी ढंग से कम किया जा सका।