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धमकी के बाद सक्रि‍य हुए सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ तो पतंजल‍ि ने भी क‍िया रुख नरम

पतंजलि ने ग्रेटर नोएडा में फूड पार्क न लगाने के फैसले की समीक्षा कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कंपनी के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण से इस मुद्दे पर बात कर इसे मूर्त रूप देने में आ रही कठिनाइयों पर चर्चा की है, जिसके बाद कंपनी के रुख में नरमी आई है। इससे पहले योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी ने फूड प्रोजेक्ट न लगाने की घोषणा कर दी थी।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और योग गुरु बाबा रामदेव। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश सरकार और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच पतंजलि फूड पार्क को लेकर चल रही तना-तनी के खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है। पतंजलि ने ग्रेटर नोएडा में फूड पार्क लगाने की योजना बनाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसके लिए बाबा रामदेव की कंपनी को ग्रेटर नोएडा में जमीन आवंटित की थी। योगी सरकार की हीला-हवाली के कारण योग गुरु की कंपनी ने प्रोजेक्ट से पीछे हटने की घोषणा कर दी थी। अब सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने अधिकारियों को पतंजलि आयुर्वेद की प्रस्तावित फूड पार्क प्रोजेक्ट की कागजी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। बता दें कि बाबा रामदेव की कंपनी 6,000 करोड़ रुपये की लागत से फूड पार्क बनाने की तैयारी कर रही है। पतंजलि ने 5 जून को राज्य सरकार पर असहयोग करने और जमीन हस्तांतरण की मंजूरी में अनावश्यक देरी का आरोप लगाया था। साथ ही यमुना एक्सप्रेस वे के समीप मेगा फूड प्रोसेस प्रोजेक्ट लगाने से पीछे हटने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के आश्वासन के बाद कंपनी ने अब अपने फैसले की समीक्षा करने की बात कही है। कंपनी के प्रवक्ता एसके. तिजारावाला ने कहा, ‘सीएम योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद हमलोग अपने निर्णय की समीक्षा कर रहे हैं। हमें मुख्यमंत्री के आश्वासन पर पूरा भरोसा है।’ प्रदेश के उद्योग विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि प्रोजेक्ट से जुड़ी तमाम औपचारिकताएं जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी।

सीएम योगी ने की आचार्य बालकृष्ण से बात: पतंजलि के फूड पार्क को मंजूरी देने के मामले में विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कंपनी के प्रबंध निदेशक और बाबा रामदेव के निकट सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से फोन पर बात की थी। यूपी के प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने बताया कि सीएम योगी ने बालकृष्ण से बात कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली है। अवस्थी के अनुसार, प्रोजेक्ट को फिलहाल रद्द नहीं किया गया है, जमीन आवंटित कर दिया गया है और परियोजना जल्द ही शुरू होने वाली है। पतंजलि को राज्य से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। राज्य के उद्योग विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि राज्य सरकार कपंनी को अतिरिक्त छूट देने पर भी विचार कर रही है, लेकिन इसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इस बाबत कैबिनेट के समक्ष एक प्रस्ताव लाने की भी बात कही है। पतंजलि ने यमुना एक्सप्रेस वे के समीप ‘पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क’ के नाम से फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने जा रही है। इसके लिए कंपनी को 425 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी ने दावा किया था कि फूड पार्क के पूरी तरह से ऑपरेशनल होने पर रोजगार के 10,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नए मौके पैदा होंगे।

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