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Patanjali CEO बोले, लाइसेंस के लिए नहीं किया कुछ गलत, प्रचार भी नहीं कराया; हमने तो दवा के प्रभाव बताए हैं

राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र सरकार ने पतंजलि की कोरोना की दवा दिखाई सख्ती। सूबे के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य में दवा का प्रचार किए जाने या फिर बेचे जाने पर कानूनी ऐक्शन होगा। इस दवा को केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से मंजूरी नहीं मिली है।

Author Edited By सूर्य प्रकाश नई दिल्ली | Updated: Jun 26, 2020 10:34:11 am
ramadev coronilबाबा रामदेव की कोरोना से निपटने की दवा पर आयुष मंत्रालय ने उठाए थे सवाल।

पंतजलि के CEO ने कहा है कि हमने Coronil दवा की मैन्युफैक्चरिंग के लिए हर प्रोसीजर का पालन किया है। हमने पारंपरिक सबूतों के आधार पर लाइसेंस के लिए आवेदन किया, जिन्हें दवा में इस्तेमाल किया जाएगा। हमने उन कंपाउंड्स पर काम भी किया और लोगों के सामने उसके क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे भी रखे। लाइसेंस लेने के दौरान हमने कुछ भी गलत नहीं किया। हमने कोरोना दवा का प्रचार नहीं किया। हमने तो बस इसके प्रभाव के बारे में लोगों को बताया।

इससे पहले, बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद की कोरोना वायरस दवा पर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बृहस्पतिवार को योग गुरू को आगाह किया कि राज्य सरकार ‘‘नकली’’ दवाओं की बिक्री नहीं होने देगी। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को कोरोनिल दवा पेश करते हुए दावा किया था कि उसने कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज ढूंढ लिया है। देशमुख ने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जयपुर यह पता लगाएगा कि क्या ‘कोरोनिल’ का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। रामदेव को चेतावनी है कि महाराष्ट्र नकली दवाओं की बिक्री की अनुमति नहीं देगा।’’

बाद में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कंपनी को इस उत्पाद की बिक्री की अनुमति नहीं दी है क्योंकि उसने चिकित्सकीय परीक्षण नहीं किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पतंजलि के विज्ञापन के खिलाफ कई राज्यों में शिकायतें की गई है क्योंकि मंत्रालय या भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है।’’

इससे पहले, राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र सरकार ने पतंजलि की कोरोना की दवा दिखाई सख्ती। सूबे के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य में दवा का प्रचार किए जाने या फिर बेचे जाने पर कानूनी ऐक्शन होगा। इस दवा को केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से मंजूरी नहीं मिली है। इससे पहले राजस्थान सरकार ने कहा था कि यदि पतंजलि की ओर से तैयार की गई कोरोना किट राज्य में बिकती है तो कड़ा ऐक्शन लिया जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि किसी भी आयुर्वेदिक दवाई की बिक्री तभी की जा सकती है, जब उसे आयुष मंत्रालय की ओर से अप्रूवल मिल गया हो। राज्य सरकार का कहना है कि आयुष मंत्रालय की अनुमति के बिना इस दवा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इस बीच केंद्र सरकार कोरोनिल दवा की CSIR यानी  वैज्ञानिक एवं औद्यौगिक अनुसंधान परिषद और आईसीएमआर से जांच कराने पर विचार कर रही है।

 

Live Blog

Highlights

    06:37 (IST)26 Jun 2020
    दवा के लेबल पर कोई गैरकानूनी दावा नहीं: पतंजलि के प्रवक्ता

    कोरोनिल पर उठे सवालों के बीच पतंजलि आयुर्वेद ने बचावा किया है। पतंजलि आयुर्वेद ने ट्वीट किया है, ‘‘इसमें भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है।’’ कंपनी की तरफ से किए अपने ट्वीट में पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कहा, ‘‘दो चीजें साफ हैं -अश्वगंधा, गिलोय और तुलसी के औषधीय गुणों से संबंधित पारपंरिक ज्ञान और अनुभव के आधार पर दवाई बनाने का लाइसेंस लिया गया।’’ उन्होंने कहा, '‘कोरोना मरीजों पर कानूनी रूप से किए गये क्लिनिकल परीक्षण के सकारात्मक परिणाम साझा किए गये।' एक अन्य टवीट में कंपनी ने कहा कि दवा के लेबल पर कोई गैरकानूनी दावा नहीं किया गया है। इसमें कहा गया है, ‘'दवा का उत्पादन और उसकी बिक्री सरकार द्वारा बनाए गये नियमों के अनुसार ही की गयी, न कि किसी के व्यक्तिगत विश्वास या विचारधारा के आधार पर।'’ ट्वीट में कहा गया है कि पतंजलि ने सभी वैधानिक पहलुओं का पालन किया है। इसमें लोगों से मामले पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचने का आग्रह भी किया गया है।

    05:20 (IST)26 Jun 2020
    कोविड-19 के उपचार के लिये कोरोनिल के दावे के बाद पतंजलि आयुर्वेद ने अपना बचाव किया

    कोविड-19 के उपचार का दावा करते हुए बाजार में दवा उतारने के बाद सभी ओर से आलोचनाओं को सामना कर रही योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने कोई नियम-कानून नहीं तोड़ा है। कंपनी ने आज यह कहते हुए अपना बचाव किया कि उसने कोरोनिल टैबलेट सभी कानूनी नियमों का अनुपालन करते हुए बाजार में उतारी है और इस आयुर्वेदिक दवाई के लेबल पर कोई गैर कानूनी दावा नहीं किया गया है। पतंजलि आयुर्वेद ने ट्वीट किया है, ‘‘इसमें भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है।’’ कंपनी की तरफ से किए अपने ट्वीट में पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कहा, ‘‘दो चीजें साफ हैं -अश्वगंधा, गिलोय और तुलसी के औषधीय गुणों से संबंधित पारपंरिक ज्ञान और अनुभव के आधार पर दवाई बनाने का लाइसेंस लिया गया।’’ उन्होंने कहा, '‘कोरोना मरीजों पर कानूनी रूप से किए गये क्लिनिकल परीक्षण के सकारात्मक परिणाम साझा किए गये।'

    04:09 (IST)26 Jun 2020
    बोले आचार्य बालकृष्ण-हमने विज्ञापन नहीं किया

    पतंजलि के CEO आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल में हमने औषधियां दीं, जो परिणाम आया हमने उसे देशवासियों के सामने रखने का प्रयास किया। जिस को विज्ञापन कहा गया वो विज्ञापन नहीं बल्कि हमने क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल के नतीजे को लोगों के सामने रखने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया था।

    02:57 (IST)26 Jun 2020
    कोरोनिल बनाने में रही होगी कोई 'प्रक्रियात्मक त्रुटि': सीएम रावत

    योग गुरू बाबा रामदेव की कोरोना की दवाई 'कोरोनिल' की प्रमाणिकता पर उपजे विवाद के बीच बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि इसे बनाने में कोई 'प्रोसीजरल फॉल्ट' (प्रक्रियात्मक त्रुटि) रही होगी । यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पतंजलि की यह दवाई अपने ट्रायल पर खरी उतरी है । रावत ने कहा कि उन्होंने कहीं पढा है कि इसके ट्रायल के परिणाम बहुत अच्छे रहे हैं । कोरोनिल से मरीज तीन दिन में 69% और एक सप्ताह में शत प्रतिशत ठीक हो जाते हैं । हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि हर काम विधिक होना चाहिए । उन्होंने कहा कि हर काम की एक प्रक्रिया होती है जिसका पालन किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि दवाई बनाने में कोई प्रोसीजरल फाल्ट रहा होगा।'

    01:07 (IST)26 Jun 2020
    कोविड-19 के त्वरित नतीजों के लिए एंटीजेन जांच कराएगी महाराष्ट्र सरकार: टोपे

    महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार एंटीजेन जांच करवाएगी जिससे चौबीस घंटे की बजाय एक घंटे में ही कोविड-19 जांच के नतीजे मिल जाएंगे। टोपे ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में जल्द ही एक लाख एंटीजेन जांच उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

    23:24 (IST)25 Jun 2020
    कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को क्लीनिकल आकलन के लिए कोविड सेंटर नहीं जाना होगा

    दिल्ली में कोविड-19 मरीजों के घर पर ही पृथक रहने के लिये उपयुक्त होने या उनके अस्पताल में भर्ती होने को तय करने के लिये एक अनिवार्य क्लीनिकल आकलन एवं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सत्यापन कराने संबंधी एसडीएमए के आदेश को बृहस्पतिवार को वापस ले लिया गया। साथ ही, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को घर पर पृथक रहने या अस्पताल में भर्ती होने के संबंध में क्लीनिकल आकलन के लिये कोविड देखभाल केंद्र नहीं जाना होगा। सिसोदिया ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की बैठक के बाद यह कहा। इसमें उप राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए।

    21:58 (IST)25 Jun 2020
    कोरोना से बचने के लिए लोगों का घरों में कैद होना वैध: नायडू

    उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को आपातकाल के 45 साल पूरे होने के मौके पर लॉकडाउन का हवाला देते हुए कहा कि खुद को कोरोना वायरस से बचाने के लिए लोगों का घरों में कैद होना वैध था, लेकिन 1975 में लगा आपातकाल अवैध था क्योंकि उस समय लोगों को उनके सभी मौलिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया था। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘आज से ठीक तीन माह पूर्व हमने खुद ही स्वयं को कोरोना वायरस से बचाने के लिए घरों में कैद कर लिया था। अपने बचाव के लिए मास्क लगाने और सामाजिक दूरी रखने को तैयार हो गए। इस छोटी सी ही अवधि में ही हमें अनुभव हो गया कि बंदी क्या होती है।’’

    21:39 (IST)25 Jun 2020
    बाबा सवालों से घिरे, तो सोशल मीडिया पर बवाच में उतरे समर्थक

    इस बीच सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव के समर्थक इस दवा के पक्ष में उतर आए हैं और फेयर एंड लवली क्रीम का हवाला देकर पतंजलि की कोरोना किट का बचाव कर रहे हैं। कई समर्थक सोशल मीडिया पर बोले, आज तक फेयर एंड लवली गोरा करती चली आई है और कभी उसका टेस्ट नहीं हुआ। कई लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि फेयर एंड लवली तो लंबे समय से भारत में लोगों को गोरा करती रही है, लेकिन कोरोनिल का टेस्ट होना जरूरी है।

    बता दें कि कोरोना के इलाज के दावे के साथ लॉन्च की गई दवा कोरोनिल को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को लॉन्चिंग के बाद मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय ने रिपोर्ट मंगाई थी, इसके अलावा उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी ओर से दवा नहीं बल्कि इम्युनिटी बूस्टर तैयार करने का लाइसेंस दिया गया था।

    21:12 (IST)25 Jun 2020
    महाराष्ट्र ‘‘नकली’’ दवाओं की बिक्री नहीं होने देगा: मंत्री ने रामदेव से कहा

    बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद की कोरोना वायरस दवा पर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बृहस्पतिवार को योग गुरू को आगाह किया कि राज्य सरकार ‘‘नकली’’ दवाओं की बिक्री नहीं होने देगी। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को कोरोनिल दवा पेश करते हुए दावा किया था कि उसने कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज ढूंढ लिया है। देशमुख ने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जयपुर यह पता लगाएगा कि क्या ‘कोरोनिल’ का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। रामदेव को चेतावनी है कि महाराष्ट्र नकली दवाओं की बिक्री की अनुमति नहीं देगा।’’ बाद में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कंपनी को इस उत्पाद की बिक्री की अनुमति नहीं दी है क्योंकि उसने चिकित्सकीय परीक्षण नहीं किए हैं।

    20:51 (IST)25 Jun 2020
    राजस्थान सरकार को नहीं पता था दवा के रिसर्च के बारे में

    राजस्थान सरकार का कहना है कि उसे कोई जानकारी ही नहीं थी कि पतंजलि की ओर से कोरोना की दवा का जयपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में रिसर्च हो रहा है। इस बीच जयपुर के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य जांचकर्ता डॉक्टर गनपत देवपुत्र ने कहा है कि ये सिर्फ 100 कोरोना मरीजों के सैंपल साइज वाली अंतरिम रिपोर्ट है। अंतिम रिपोर्ट और निष्कर्ष 15-25 दिनों के बाद प्रकाशित किए जाएंगे। इसके बाद इसे समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। इस लिहाज से देखें तो ट्रायल की आखिरी रिपोर्ट से पहले ही पतंजलि ने कोरोना की दवा को लॉन्च कर दिया।

    19:05 (IST)25 Jun 2020
    भारत में एक दिन में पहली बार कोविड-19 के सर्वाधिक 17,000 मामले सामने आये

    भारत में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक करीब 17,000 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 4.73 लाख हो गई है जबकि इस संक्रमण से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 15000 के करीब पहुंच गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय द्वारा बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार एक दिन में सर्वाधिक 16,922 नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या 4,73,105 हो गई है जबकि 418 और लोगों की मौत के साथ मृतकों की कुल संख्या 14,894 पर पहुंच गई है। यह लगातार छठा दिन है जब कोरोना वायरस के 14,000 से अधिक नये मामले सामने आए हैं। 

    18:01 (IST)25 Jun 2020
    रेलवे स्टेशनों पर अब स्टॉल पर मिलेंगी कोरोना वायरस से बचाव संबंधी जरूरी चीजें

    रेलवे स्टेशनों के बहुद्देश्यीय स्टॉल पर अब कोरोना वायरस से बचाव से संबंधित मास्क, दस्ताने, बेडरॉल किट, सैनेटाइजर जैसी जरूरी चीजें बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। रेलवे अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार आम तौर पर निजी ठेकेदारों के स्टॉल पर ज्यादातर प्रसाधन सामग्री, किताबें, दवाएं और खाने-पीने के पैकेट जैसी चीजें होती हैं जिनकी यात्रियों को जरूरत होती है। अब ये स्टॉल यात्रियों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने वाली सभी जरूरी चीजें भी बेच सकेंगे। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘ इस बात को ध्यान में रखते हुए कि इस वक्त यात्रा कर रहे यात्रियों को कुछ खास ऐसी चीजें की जरूरत हो सकती है जो वे घर से लाना भूल गये हों और उन्हें खरीदने की जरूरत है, हमने अपने बहुद्देश्यीय स्टॉल को उन्हें बेचने का निर्देश दिया है।’’

    16:52 (IST)25 Jun 2020
    ‘इम्यूनिटी बूस्टर’, बुखार और खांसी की दवा का हुआ था लाइसेंस जारी

    उत्तराखंड आयुर्वेद और यूनानी सेवाएं के निदेशक आनंद स्वरूप ने यहां बताया कि उनके विभाग ने बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को ‘इम्यूनिटी बूस्टर’, बुखार और खांसी के लिए दवा बनाने का लाइसेंस जारी किया था । उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके विभाग ने कोरोना की दवा के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया और न ही वह इसके लिए अधिकृत है । स्वरूप ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने हमसे लाइसेंस के संबंध में कागज मंगाए थे जो हमने उन्हें भेज दिए हैं ।’

    14:51 (IST)25 Jun 2020
    कोरोनिल के बचाव में फेयर एंड लवली का हवाला दे रहे बाबा रामदेव के समर्थक

    फेयर एंड लवली क्रीम का हवाला देकर पतंजलि की कोरोना किट का बचाव कर रहे बाबा रामदेव के समर्थक। सोशल मीडिया पर बोले, आज तक फेयर एंड लवली गोरा करती चली आई है और कभी उसका टेस्ट नहीं हुआ। कई लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि फेयर एंड लवली तो लंबे समय से भारत में लोगों को गोरा करती रही है, लेकिन कोरोनिल का टेस्ट होना जरूरी है।

    13:47 (IST)25 Jun 2020
    पतंजलि की कोरोना किट पर महाराष्ट्र भी सख्त, प्रचार या बिक्री पर होगा कड़ा ऐक्शन

    राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र सरकार ने पतंजलि की कोरोना की दवा दिखाई सख्ती। सूबे के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य में दवा का प्रचार किए जाने या फिर बेचे जाने पर कानूनी ऐक्शन होगा। इस दवा को केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से मंजूरी नहीं मिली है।

    11:24 (IST)25 Jun 2020
    राजस्थान में बिकी पतंजलि की कोरोना किट तो होगा कड़ा ऐक्शन: प्रदेश सरकार

    राजस्थान सरकार ने कहा है कि यदि पतंजलि की ओर से तैयार की गई कोरोना किट राज्य में बिकती है तो कड़ा ऐक्शन लिया जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि किसी भी आयुर्वेदिक दवाई की बिक्री तभी की जा सकती है, जब उसे आयुष मंत्रालय की ओर से अप्रूवल मिल गया हो। राज्य सरकार का कहना है कि आयुष मंत्रालय की अनुमति के बिना इस दवा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

    10:32 (IST)25 Jun 2020
    CSIR और ICMR से कराई जाएगी पतंजलि की कोरोना किट की जांच

    योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की ओर से तैयार कोरोनिल दवा की सरकार CSIR यानी वैज्ञानिक एवं औद्यौगिक अनुसंधान परिषद और आईसीएमआर से जांच कराई जा सकती है। बता दें कि कोरोना के इलाज के दावे के साथ लॉन्च की गई दवा कोरोनिल को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को लॉन्चिंग के बाद मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय ने रिपोर्ट मंगाई थी, इसके अलावा उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी ओर से दवा नहीं बल्कि इम्युनिटी बूस्टर तैयार करने का लाइसेंस दिया गया था।

    08:18 (IST)25 Jun 2020
    ट्रायल की अंतिम रिपोर्ट से पहले ही कर दी दवा की लॉन्चिंग

    इस बीच जयपुर के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य जांचकर्ता डॉक्टर गनपत देवपुत्र ने कहा है कि ये सिर्फ 100 कोरोना मरीजों के सैंपल साइज वाली अंतरिम रिपोर्ट है। अंतिम रिपोर्ट और निष्कर्ष 15-25 दिनों के बाद प्रकाशित किए जाएंगे। इसके बाद इसे समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। इस लिहाज से देखें तो ट्रायल की आखिरी रिपोर्ट से पहले ही पतंजलि ने कोरोना की दवा को लॉन्च कर दिया।

    08:15 (IST)25 Jun 2020
    ट्रायल के दौरान मरीजों को दी गई एलोपैथिक दवाएं

    यह जानकारी भी सामने आई है कि पतंजलि ने कोरोना की दवा के क्लिनिकल ट्रायल के दौरान हल्के लक्षण वाले मरीजों को बुखार होने पर एलोपैथिक दवाएं दी थीं। यही नहीं यह ट्रायल भी उन लोगों पर ही किया गया, जो बेहद मामूली तौर पर संक्रमित थे। ऐसे लोग जो गंभीर रूप से बीमार हों या फिर सांस लेने में परेशानी हो रही हो, उन्हें इस ट्रायल से बाहर रखा गया था।

    08:14 (IST)25 Jun 2020
    पतंजलि की दवा के जयपुर में ट्रायल की नहीं थी जानकारी: राजस्थान सरकार

    बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की 'कोरोना किट' को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। अब राजस्थान सरकार का कहना है कि उसे कोई जानकारी ही नहीं थी कि पतंजलि की ओर से कोरोना की दवा का जयपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में रिसर्च हो रहा है।

    06:29 (IST)25 Jun 2020
    रामदेव की हर्बल दवा कंपनी में हुए शोध परीक्षण से संबंधित दस्तावेज मंत्रालय को भेजे गए  

    केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा कि कोरोना की दवाओं और रामदेव की हर्बल दवा कंपनी द्वारा किए गए शोध परीक्षण से संबंधित दस्तावेज मंगलवार को मंत्रालय को भेज दिए गए।उन्होंने कहा, "मंगलवार को मंत्रालय को जो रिपोर्ट भेजी गयी, उनकी जांच की जाएगी।" मंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे समय जब हर कोई कोविड-19 के इलाज के लिए जूझ रहा है, इस तरह की पहल निश्चित रूप से अच्छी बात है लेकिन उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।’’ इस बीच उत्तराखंड सरकार पतंजलि को कोरोना वायरस की कथित दवाई को लेकर नोटिस जारी कर रही है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी और कहा कि कंपनी ने केवल खांसी और बुखार के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाई के लिए आवेदन किया था।

    06:01 (IST)25 Jun 2020
    कोरोना की दवा लाना अच्छी बात, लेकिन प्रक्रिया का पालन होना जरूरी: श्रीपाद नाइक

    केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा कि पतंजलि दवा ला रही है और यह एक अच्छी पहल है, लेकिन इसके लिए उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा। एक दिन पहले आयुष मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद से कहा था कि वह इन दवाओं का ब्यौरा और अनुसंधान की जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराए और जब तक इस विषय पर गौर नहीं कर लिया जाता, इनका विज्ञापन बंद कर दें।

    05:32 (IST)25 Jun 2020
    उत्तराखंड सरकार कोरोना दवाई को लेकर पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस जारी करेगी

    उत्तराखंड सरकार योग गुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को कोविड-19 के इलाज के लिए दवा शुरू करने को लेकर नोटिस जारी कर रही है जबकि उसने केवल खांसी और बुखार के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाई के लिए लाइसेंस की खातिर आवेदन किया था। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस बीच केंद्र में आयुष मंत्रालय ने कहा है कि वह हर्बल उत्पादों वाली कंपनी के दस्तावेजों और इसके द्वारा विकसित दवा के ब्यौरे की जांच करेगी।

    22:08 (IST)24 Jun 2020
    उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी सवाल उठाए

    कोरोना की दवा लाने का दावा करने को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार को बिहार के कोर्ट में इस बाबत उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। इससे पहले, बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की ओर से तैयार कोरोना की दवा कोरोनिल का गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों पर ट्रायल नहीं हुआ है। पतंजलि ने खुद दवा के संबंध में आयुष मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

    इस बीच बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की ओर से कोरोना से निपटने की दवा बनाए जाने पर उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी सवाल उठाए हैं। सूबे के आयुष विभाग के लाइसेंस अधिकारी ने कहा है कि पतंजलि को सिर्फ इम्युनिटी बूस्टर तैयार करने का लाइसेंस दिया गया था। इसके अलावा बुखार और खांसी की दवाओं के लिए लाइसेंस दिया था। हम उन्हें नोटिस जारी कर पूछेंगे कि आखिर उन्हें कोरोना के लिए किट बनाने की अनुमति कहां से मिली।

    20:29 (IST)24 Jun 2020
    पतंजलि ने आयुष मंत्रालय को पूरी जानकारी दी

    कोरोनिल को लेकर उपजे विवाद के बाद पतंजलि ने आयुष मंत्रालय को पूरी जानकारी दी है। मंत्रालय की ओर से तलब किए जाने के बाद बाबा रामदेव की कंपनी ने आयुष मंत्रालय को बताया है कि इस दवा में कौन-कौन से तत्व शामिल हैं और कहां इसका ट्रायल हुआ है। बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए बाबा रामदेव ने मंगलवार को 'कोरोनिल' नाम की दवा पेश करते हुए दावा किया था कि इससे मरीज अधिकतम 14 दिनों ठीक हो सकता है।

    19:33 (IST)24 Jun 2020
    दवा के दावे पर विवाद गर्माया

    बाबा रामदेव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही दवा को लेकर विवाद छिड़ गया है। आयुष मंत्रालय ने ही बाबा रामदेव के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी दवा को पहले मंजूरी के लिए मिनिस्ट्री के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। मोदी सरकार के आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि यह अच्छी बात है कि बाबा रामदेव ने देश को नई दवा दी है, लेकिन नियम के मुताबिक इसे पहले मंत्रालय के समक्ष रखा जाना चाहिए था। नाइक ने कहा कि पतंजलि का कहना है कि उन्होंने हमें रिपोर्ट भेजी है, जिसे हम देखेंगे। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही दवा के बारे में कुछ कहा जाएगा।

    19:06 (IST)24 Jun 2020
    AYUSH मंत्रालय ने पतंजलि से मांगे थे दवा के डिटेल्स

    यही नहीं पतंजलि की ओर से दावा किए जाने के बाद खुद आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल दवा को लेकर बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि से जानकारी मांगी है। आयुष मंत्रालय ने कहा है कि कोरोनिल दवा में इस्तेमाल किए गए तत्वों का विवरण दें। इसके साथ ही जहां दवा पर अध्ययन किया गया है उस जगह का नाम, हॉस्पिटल का नाम, प्रोटोकॉल, सैंपल साइज की भी डिटेल दें। इसके अलावा मंत्रालय ने संस्थागत आचार समिति की मंजूरी, सीटीआरआई रजिस्ट्रेशन और अध्ययन के नतीजों का डेटा भी पतंजलि से मांगा है।

    इस बीच मंगलवार की शाम को सवाल उठने के बाद पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर इस मसले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि हमसे जो जानकारी मांगी गई थी, वह हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है। बालकृष्ण ने ट्वीट किया,  'यह सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है। जो कम्युनिकेशन गैप था, वह दूर हो गया है। क्लीनिकल ट्रायल के सभी पैमानों को हमने पूरा किया है और इस संबंध में आयुष मंत्रालय को हमारी ओर से पूरी डिटेल दे दी गई है।

    17:34 (IST)24 Jun 2020
    आयुष मंत्रालय विवाद पर क्या बोले रामदेव, आचार्य बालकृष्ण?
    16:50 (IST)24 Jun 2020
    आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक दवा कंपनियों के कोविड-19 इलाज वाले 50 विज्ञापन पाए गए भ्रामक

    भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने अप्रैल में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवा कंपनियों के कोविड-19 के इलाज का दावा करने वाले 50 विज्ञापन अभियानों को भ्रामक पाया। एएससीआई ने कार्रवाई के लिए इसकी जानकारी केंद्र सरकार को दी है। एएससीआई ने बयान में कहा कि ये विज्ञापन विभिन्न मीडिया मंचों पर प्रसारित हुए हैं। एएससीआई ने कहा कि ये विज्ञापन अभियान आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, एवं होम्योपैथी (आयुष) मंत्रालय के एक अप्रैल, 2020 के आदेश का उल्लंघन करते हैं। इस आदेश में आयुष से संबंधित प्रचार और विज्ञापन पर रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने कोविड-19 के इलाज की दवा पेश करने की घोषणा की थी। उसके कुछ घंटे बाद ही आयुष मंत्रालय ने इस दवा का प्रचार कोविड-19 के इलाज की दवा के रूप में रोक लगा दी थी।

    14:30 (IST)24 Jun 2020
    पतंजलि से पूछेंगे, कहां से मिली कोरोना की दवा बनाने की परमिशन

    बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की ओर से कोरोना से निपटने की दवा बनाए जाने पर उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी सवाल उठाए हैं। सूबे के आयुष विभाग के लाइसेंस अधिकारी ने कहा है कि पतंजलि को सिर्फ इम्युनिटी बूस्टर तैयार करने का लाइसेंस दिया गया था। इसके अलावा बुखार और खांसी की दवाओं के लिए लाइसेंस दिया था। हम उन्हें नोटिस जारी कर पूछेंगे कि आखिर उन्हें कोरोना के लिए किट बनाने की अनुमति कहां से मिली।

    14:17 (IST)24 Jun 2020
    20 मई को पतंजलि को मिली थी रिसर्च की मंजूरी

    पतंजलि ने दवा तैयार करने के लिए 'कोरोना के इलाज में आयुर्वेदिक दवाओं के प्रभाव' शीर्षक से रिसर्च की थी। इसके लिए पतंजलि ने 20 मई को CTRI से अनुमति हासिल की थी।

    14:13 (IST)24 Jun 2020
    पतंजलि ने दिखाया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का लेटर

    पतंजलि ने आयुष मंत्रालय को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में जयपुर के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की ओर से कोरोना की दवा पर रिसर्च के लिए मंजूरी मिलने के लेटर की कॉपी भी दी है।

    13:43 (IST)24 Jun 2020
    आचार्य बालकृष्ण ने बताया, रजिस्ट्रेशन के बाद हुआ दवा का ट्रायल

    ग्रुप के सीईओ आचार्य बालकृष्ण द्वारा हस्ताक्षरित रिपोर्ट में पतंजलि ने बताया है कि उसने क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया से रजिस्ट्रेशन के बाद ट्रायल किया है।

    13:40 (IST)24 Jun 2020
    आयुष मंत्रालय से पतंजलि ने कहा, रजिस्ट्रेशन के साथ किया ट्रायल

    पतंजलि ने अपनी रिपोर्ट के साथ आयुष मंत्रालय को IEC क्लियरेंस और CTRI रजिस्ट्रेशन के बारे में भी जानकारी दी है। पतंजलि ने बताया है कि उसके ट्रायल के दौरान 69 पर्सेंट लोग तीन में रिकवर हुए हैं, जबकि 100 फीसदी लोग 7 दिनों में रिकवर हो गए हैं।

    13:34 (IST)24 Jun 2020
    कोरोना पर जयपुर में की थी स्टडी: पतंजलि

    मंगलवार को शाम 7 बजे पतंजलि की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कोरोना को लेकर स्टडी कहां की गई, इसके बारे में भी बताया गया है। पतंजलि ने बताया है कि उसने जयपुर स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में कोरोना पर रिसर्च की थी।

    13:32 (IST)24 Jun 2020
    आयुष मंत्रालय को पतंजलि ने बताया, कोरोनिल में शामिल हैं कौन से तत्व

    पतंजलि ने आयुष मंत्रालय की ओर से तलब किए जाने पर दवा की जानकारी दी है। पतंजलि की ओर से बताया गया है कि कोरोनिल किट में अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी को टैबलेट के तौर पर तैयार किया गया है। इसके अलावा अनु तैला ड्रॉप भी इस किट का हिस्सा है। इस किट में स्वरस बटी नाम की दवा को भी शामिल किया है। इसे सुबह नाश्ते से पहले और फिर रात में डिनर से पहले लेने की सलाह दी गई है।

    13:06 (IST)24 Jun 2020
    बाबा रामदेव का दावा, 100 फीसदी कारगर है कोरोनिल किट

    दवा को लॉन्च करते हुए बाबा रामदेव ने कहा था कि कोरोनिल किट में शामिल स्वसरी बटी और अनु तैला के क्लिनिकल ट्रायल में 100 फीसदी पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा था कि इस दवा के क्लिनिकल ट्रायल अहमदाबाद, दिल्ली, मेरठ और अन्य शहरों में हुए थे।

    12:50 (IST)24 Jun 2020
    बाबा रामदेव ने बताया, किन तत्वों से बनी है कोरोनिल दवा

    दवा के तत्वों को लेकर योग गुरु रामदेव ने बताया था कि इसमें सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मुलैठी समेत कई चीजें शामिल हैं। इसके अलावा गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासारि का भी प्रयोग हुआ है। उन्होंने बताया कि गिलोए में पाने जाने वाले टिनोस्पोराइड और अश्वगंधा में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल तत्व और श्वासारि के रस के प्रयोग से इस दवा का निर्माण हुआ है।

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