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तन्‍वी सेठ को पासपोर्ट जारी करने में सारे मानकों का पालन हुआ: विदेश मंत्रालय

अंतरधार्मिक विवाह करने वाले तन्वी सेठ पासपोर्ट विवाद में विदेश मंत्रालय ने आज स्पष्ट किया कि दिसंबर 2017 में सरलीकृत किये गए नियमों के अनुरूप इन्हें पासपोर्ट जारी करने में सभी मौजूदा मानकों का पालन किया गया।

Author नई दिल्ली | July 5, 2018 6:29 PM
अंतरधार्मिक विवाह करने वाले तन्वी सेठ पासपोर्ट विवाद में विदेश मंत्रालय ने आज स्पष्ट किया कि दिसंबर 2017 में सरलीकृत किये गए नियमों के अनुरूप इन्हें पासपोर्ट जारी करने में सभी मौजूदा मानकों का पालन किया गया।

अंतरधार्मिक विवाह करने वाले तन्वी सेठ पासपोर्ट विवाद में विदेश मंत्रालय ने आज स्पष्ट किया कि दिसंबर 2017 में सरलीकृत किये गए नियमों के अनुरूप इन्हें पासपोर्ट जारी करने में सभी मौजूदा मानकों का पालन किया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब इस मामले में दुष्प्रचार और गलत धारणाएं समाप्त हो जायेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले कुछ समय से तन्वी सेठ के पासपोर्ट मामले में मीडिया में गलत धारणाएं सामने आ रही है। इस बारे में तथ्य, कल्पनाओं से अलग हैं। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट के नियमों को दिसंबर 2017 में सरलीकृत किया गया था । इसके आधार पर तन्वी सेठ ने अपने नाम और पते के लिये आधार कार्ड और संयुक्त बैंक खाते के दस्तावेज पेश किये। इसमें उनका नाम और पता वही था जो पासपोर्ट सत्यापन फार्म में दर्ज था। इसलिये उन्हें पासपोर्ट जारी किया गया।

कुमार ने कहा कि तन्वी सेठ ने 20 जून 2018 को पासपोर्ट के लिये आवेदन किया और उसे लखनऊ स्थित कार्यालय में जमा किया। ‘‘हमारे पास जो दस्तावेज थे, उसकी सावधानी से जांच की गई ।’’ उन्होंने बताया कि पासपोर्ट अधिनियम के तहत उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद तन्वी सेठ को ‘पुलिस सत्यापन पूर्व’ प्रक्रिया के आधार पर पासपोर्ट जारी किया गया। इसलिये पुलिस सत्यापन बाद में किया गया।

प्रवक्ता ने कहा कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को भेजी जाने वाली पुलिस रिपोर्ट दिसंबर 2017 में लिये गए निर्णय के आधार पर ली गई । इसमें पुलिस सत्यापन के दो आधार थे । पहला कि क्या आवेदक भारतीय नागरिक है ? दूसरा कि क्या आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला है ? कुमार ने कहा कि इन दोनों पहलुओं को छह बिन्दुओं में बदला गया । इन निर्णय के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अवगत कराया गया कि एक जून से इसे लागू किया जाए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तन्वी सेठ के मामले में इन छह बिन्दुओं पर कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं आई। उन्होंने हालांकि कहा कि लेकिन जिस पुलिस अधिकारी ने सत्यापन किया, उसने अपनी तरफ से दो टिप्पणियां जोड़ दी थी । इसके आधार पर पुलिस सत्यापन रिपोर्ट को प्रतिकूल श्रेणी में रखा गया। रवीश कुमार ने बताया कि पुलिस अधिकारी ने पहली टिप्पणी में कहा कि पासपोर्ट फार्म में नाम तन्वी सेठ दिया गया है जबकि शादी के प्रमाणपत्र में नाम सदिया अनस दिया गया है। इसके साथ ही दूसरी टिप्पणी में कहा गया कि पते में त्रुटि है और वह जिस नोएडा स्थित घर पर रहती थी, उसका उल्लेख नहीं किया गया है।

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा कि पासपोर्ट के संदर्भ में संशोधित प्रक्रिया में जब आप पासपोर्ट के लिये आवेदन करते हैं तब उसमें शादी का प्रमाणपत्र जरूरी नहीं है ।
कुमार ने कहा, ‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि तन्वी सेठ को पासपोर्ट जारी करने में सभी मौजूद मानकों का पालन किया गया । ’’ उल्लेखनीय है कि पासपोर्ट विवाद में सुर्खियों में आए उत्तरप्रदेश के एक जोड़े को आखिरकार पासपोर्ट जारी कर दिए गया। लखनऊ के पासपोर्ट कार्यालय ने विदेश मंत्रालय के नए नियमों के तहत तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी को पासपोर्ट जारी कर दिए हैं।

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