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चिराग को झटके पर झटकाः चाचा पारस बने एलजेपी के अध्यक्ष, नेशनल काउंसिल में लगी मुहर

लोक जनशक्ति पार्टी नेता और चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस को पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। पटना में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ये फैसला लिया गया।

सवालों के हमले झेल नहीं पाए पशुपत‍ि नाथ पारस, प्रेस कॉन्‍फ्रेंस छोड़ भागे (फोटोः एजेंसी)

लोक जनशक्ति पार्टी नेता और चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस को पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। पटना में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ये फैसला लिया गया। इससे पहले पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान द्वारा उन्हें पार्टी संसदीय दल का नेता चुने जाने को अमान्य ठहराए जाने को चुनौती देते हुए दावा किया यह पार्टी के संविधान के अनुरूप है। लोजपा में राजनीतिक तख्तापलट के बाद पहली बार पटना पहुंचे पारस ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चिराग पर निशाना साधते हुए कहा कि लोजपा में एक नेता-एक पद का सिद्धांत है और इसी आधार पर चिराग को कल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाया गया।

वहीं, चिराग ने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाले गुट द्वारा लिए गए फैसलों को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पार्टी का संविधान उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं देता। इस पर पारस ने कहा, ‘‘चिराग ने जो बातें कही हैं वो पूरी तरह गलत हैं। जब लोकसभा अध्यक्ष ने मुझे सदन में पार्टी का नेता घोषित कर दिया तो पार्टी दल के संसदीय बोर्ड क्या होता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चिराग एक साथ पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष, सदन में नेता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे जो पूरी तरह गलत था। हमने इसे दुरूस्त किया है। पार्टी संविधान में एक नेता एक पद का स्पष्ट उल्लेख है।’’

मालूम हो कि इससे पहले चिराग द्वारा बुलाई गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पांच असंतुष्ट सांसदों को निष्कासित करने का दावा किया गया, वहीं पारस नीत गुट ने चिराग को पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया।

गौरतलब है कि चिराग के पिता और लोजपा संस्थापक रामविलास पासवान के निधन के महज आठ महीने बाद पार्टी में विभाजन के संकेतों के बीच दोनों धड़े पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं और दोनों ही खुद को पार्टी का कर्ताधर्ता दर्शाने का प्रयास भी कर रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि लोजपा के दोनों गुट स्वयं को भाजपा नीत राजग का समर्थक बताते हैं, लेकिन राजग घटक दल भाजपा और जदयू ने अभी तक इसपर कुछ नहीं कहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने लोजपा के भीतर उथल-पुथल को पार्टी का ‘‘अंदरुनी मामला बताते हुए इसपर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार कर दिया।’’

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