Harish Rawat Resigned: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनसे जुड़ी किसी भी चीज की वजह से राज्य विधानसभा चुनावों से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्टी की लड़ाई कमजोर पड़े।
एक्स पर पोस्ट में हरीश रावत ने उन रिपोर्टों का जिक्र किया जिनमें कहा गया था कि देहरादून में उनके पूर्व ओएसडी और सहयोगी जीना के पास से भारी मात्रा में कैश और गहने जब्त किए गए हैं। रावत ने जीना का बचाव करते हुए उन्हें सज्जन और मेहनती व्यक्ति बताया और कहा कि जब्ती से जुड़ी सच्चाई समय के साथ साफ हो जाएगी।
मुझे आरोप पर बिल्कुल विश्वास नहीं- हरीश रावत
हरीश रावत ने कहा कि अगर ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की और यदि इस तरीके की कोई भी गलती उन्होंने की है, उसके प्रमाण हैं तो उनके इस तथाकथित दुस्साहसिक कृत्य के लिए मैं लज्जित हूं। परंतु मुझे इस आरोप पर बिल्कुल विश्वास नहीं है।
उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “उत्तराखंड के चुनाव में भारी स्टेक्स हैं। मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे, जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी। यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे। लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं। राहुल गांधी जी राष्ट्रीय स्तर पर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।”
पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए- हरीश रावत
हरीश रावत ने कहा, “ऐसे समय में हरीश रावत के किसी भी कृत्य से यदि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आती है, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूंगा। इसलिए मैंने अभी अपने ईष्ट देवता का स्मरण करके एक बड़ा निर्णय लिया है कि मैं किसी सरकारी पद पर तो हूं नहीं, की उससे त्यागपत्र दूं! हां मैं, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति का स्थाई आमंत्रित सदस्य हूं और मैं बहुत विनम्रता पूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहूंगा, क्योंकि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए।”
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए, रावत ने भर्ती तंत्र को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का बचाव किया और कहा कि इसके तीन साल के कार्यकाल के दौरान 42000 से अधिक सरकारी पदों को भरा गया।
हरीश रावत ने कहा, “हमने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन के पद पर जिस व्यक्ति को नियुक्त किया था, जिन्हें मैंने ही शिकायत मिलने के बाद हटाया या उनसे इस्तीफा मांगा, जो भी जिस रूप में भी कह लिया जाए। उनकी नियुक्ति पिछले सेवा रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी। वो जिस वर्ग से आते थे, मैं चाहता था कि सत्ता में उस वर्ग की भी हिस्सेदारी हो और उनकी नियुक्ति के विषय में मुझे सबसे प्रभावी सलाह तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी ने दी थी। वो दो बार मेरे पास उनकी नियुक्ति के संदर्भ में मिलने आए थे।”
हरीश रावत ने कहा, “मेरी आज भी धारणा है कि खंडूरी जी भ्रष्टाचार के समन के लिए हमेशा काम करते रहे। मैं इतना और बताते चलूं कि कौन व्यक्ति कहां पर गलती कर दे, कोई नहीं जान सकता है। क्या आरएसएस ने जाना होगा कि जिस व्यक्ति को उत्तराखंड के अपने पर्यावरण मंच का अध्यक्ष बना रहे हैं, वो व्यक्ति इस तरीके के भ्रष्ट कृत्य करेगा? और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में कलंकित होगा।”
रावत ने कहा कि सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में अनियमितताएं अगली पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के समान हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने जानबूझकर या अनजाने में किसी भी प्रकार के ऐसे कृत्य में योगदान दिया है, तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
ईडी ने हरीश रावत के पीए के ठिकाने पर की थी छापेमारी
दरअसल, ईडी ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देहरादून में कई जगहों पर छापेमारी की थी। इनमें चंदन सिंह जीना का घर भी शामिल था। ईडी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, “वर्तमान में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश सिंह रावत के निजी सहायक के रूप में कार्यरत हैं और इससे पहले 2014 से 2017 तक मुख्यमंत्री के रूप में श्री रावत के कार्यकाल के दौरान उनके विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्य कर चुके हैं।”
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को बड़ा ऐलान किया है। रावत ने कहा है कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे तथा चुनाव लड़वाने पर फोकस करेंगे ताकि 2027 में कांग्रेस की जीत तय हो सके। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
