ताज़ा खबर
 

संसद सत्र आज से, विपक्ष ने दिया असहिष्‍णुता पर बहस नोटिस, पीएम कर सकते हैं संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन को अर्थपूर्ण और रचनात्मक ढंग से चलाने की अपील के बावजूद विपक्ष के असहिष्णुता के मुद्दे पर प्रस्ताव लाने के प्रयासों को देखते हुए गुरुवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामी रहने के आसार हैं।

संसद का शीतकालीन सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। इसमें इन्टॉलरेंस, जीएसटी बिल और भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस ने असहिष्‍णुता के मुद्दे पर बहस के लिए नोटिस दे दिया है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने बुधवार को ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहा है कि सरकार असहिष्‍णुता के मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन संसद सही ढंग से चले यह उनकी प्राथमिकता होगी। कह जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहस में असहिष्‍णुता के मुद्दे पर अपनी बात रख सकते हैं।

वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन चलाने की अपील कर चुके हैं, लेकिन इसका दिखाई देगा, यह कहना मुश्किल है। जीएसटी जैसे कुछ अहम सुधार विधेयकों को पारित कराने के लिए सत्र के व्यवस्थित चलने में इच्छुक सरकार ने विपक्षी दलों की ओर हाथ बढ़ाते हुए कहा कि दादरी कांड और एमएम कलबुर्गी जैसे विद्वानों की हत्या जैसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और सरकार उनका समर्थन नहीं करती। उधर, विपक्ष का कहना है कि असहिष्णुता के खिलाफ लेखकों, कलाकारों और फिल्मकारों के अपने पुरस्कार लौटाने और आमिर खान की हाल की टिप्पणियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। 

सरकार की ओर से बुधवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में संसदीय कार्य मंत्री एम वैंकेया नायडू ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि सरकार तथाकथित असहिष्णुता के मुद्दे सहित सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि ये मामले राज्य सरकारों के तहत आते हैं। हम ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में दादरी घटना और एमएम कलबुर्गी की हत्या जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर विपक्ष की चिंताओं से सरकार परिचित है।

सरकार ने इन घटनाओं की निंदा की है, क्योंकि ये हमारे समाज के सहिष्णुता के उच्च मूल्यों के विपरीत हैं। बैठक में थोड़े समय के लिए आए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संसद को अर्थपूर्ण और रचनात्मक ढंग से चलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बैठक में सभी दलों से कहा कि वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) विधेयक राष्ट्रहित में है और वित्त मंत्री अरुण जेटली संबंधित दलों से बात करके इसके बारे में उनके संदेहों का निवारण करेंगे।

उधर, बंगलुरु में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हम असहिष्णुता का मुद्दा उठाने जा रहे हैं। देश में जो हो रहा है वह चिंताजनक है और प्रधानमंत्री खामोश हैं। कांग्रेस, माकपा और जद (एकी) आदि दलों ने असहिष्णुता पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन नोटिस दिए हैं। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने राज्यसभा में एक पंक्ति का नोटिस दिया है कि यह सदन असहिष्णुता की घटनाओं की निंदा करता है और सरकार से मांग करता है कि वह तय करे कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं हों। येचुरी ने कहा कि राज्यसभा के सभापति ने नोटिस को स्वीकार कर लिया है और हम चाहते हैं कि इस संबंध में सदन से प्रस्ताव पारित हो। सरकार ने कहा है कि वह ऐसे प्रस्ताव के लिए तैयार है जो सबको स्वीकार्य हो।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने असहिष्णुता पर चर्चा के लिए पहले ही नोटिस दिए हैं और इसे नियम 193 के तहत स्वीकार किया जाना चाहिए। हम संविधान पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा हमने इस विषय पर एक और नोटिस दिया है। जद (एकी) अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि इस सरकार के पिछले 18 माह के दौरान बढ़ती असहिष्णुता जाहिर करने वाले घर वापसी, दादरी से लेकर ऐसे ही अन्य मुद्दों को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी असहिष्णुता के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस देगी।

नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही इन घटनाओं पर दुख जता चुके हैं। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विकास केवल शांति और सौहार्द के माहौल में ही संभव है। हम जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठ कर विकास के अपने एजंडे को आगे बढ़ाना चाहते हैं। हम ऐसी किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना का समर्थन नहीं करते हैं।

विपक्ष अपने आक्रामक तेवर अगले सोमवार से जाहिर करेगा, जब संविधान के निर्माता बीआर आंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर संविधान और उन पर दो दिन की विशेष चर्चा के बाद सरकार अपने विधायी कामकाज का एजंडा सदन में रखेगी। कुछ वित्त विधेयकों सहित कुल 38 विधेयकों को संसदीय मंजूरी का इंतजार है। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि आगामी सत्र में केंद्रीय मंत्री वीके सिंह सहित कुछ नेताओं को पार्टी के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। सिंह ने हरियाणा में एक दलित परिवार के दो बच्चों को जला कर मार डालने की घटना के बारे में कुत्ते संबंधी एक कथित टिप्पणी की थी।

जीएसटी के मुद्दे पर पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि अगर उसकी चिंताओं का निवारण किया जाएगा तब ही वह विधेयक पारित होने में सहयोग करेगी। जद (एकी) ने जीएसटी पर तो अपने समर्थन का एलान कर दिया लेकिन उसने दालों, खाद्य तेलों और सब्जियों के दामों में वृद्धि का मुद्दा नियम 267 के तहत उठाने का फैसला किया है। शरद यादव ने कहा कि हम संविधान के लिए प्रतिबद्धता पर चर्चा के दौरान लव जेहाद से लेकर घर वापसी और बढ़ती असहिष्णुता का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी बार-बार कहती रही है कि प्रधानमंत्री को उन पांच केंद्रीय मंत्रियों को हटा कर जहर फैलाने के खिलाफ कार्रवाई करने के अपने इरादों का संकेत देना चाहिए, जिन्होंने एक या अन्य उकसावे वाली टिप्पणियां की हैं। संसद का पिछला सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया था। नायडू ने इस संदर्भ में कहा कि हमें मानसून सत्र की यादें भुला कर आगे बढ़ने की जरूरत है।

Next Stories
1 शीना मिस्ट्री में बड़ा खुलासा, प्रेमी राहुल को नापसंद करती थी शीना
2 बंद बक्से में मिली महिला की लाश
3 Good News: रोजगार कौशल बनेंगे तिहाड़ के कैदी, जानें कैसे?
यह पढ़ा क्या?
X