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संसद में मायावती बोलीं- गोरक्षा के नाम पर पहले मुस्लिम और अब दलितों पर हो रहा है अत्याचार

मायावती ने राज्यसभा में कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सत्ता होती है तो भाजपा दलितों के मुद्दे उठाती है और जब भाजपा की सरकार होती है तो कांग्रेस इन मुद्दों को उठाती है। दलितों को राजनीतिकरण बंद होना चाहिए।

बसपा प्रमुख मायावती। (पीटीआई फाइल फोटो)

बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को राज्यसभा में दलितों पर अत्यचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। मायावती ने कहा, ‘दलितों पर अत्याचार बंद नहीं हुए हैं। संविधान बाबा अंबेडकर द्वारा बनाया गया, लेकिन दलितों को अभी भी पूरी तरह से अधिकार नहीं मिले हैं। आजादी के बाद से कांग्रेस और भाजपा की सरकारें रहीं। लेकिन दलितों पर लगातार अत्याचार जारी हैं। इसलिए दलित दुखी हैं। दलितों को न्याय मिलना तो दूर कई बार उनकी शिकायत भी दर्ज नहीं होती। ताजा उदाहरण गुजरात के उना की घटना है।’ साथ ही मायावती ने कहा, ‘गाय सुरक्षा के नाम पर पिछले एक-डेढ़ साल से पहले मुस्लिम समुदाय पर अत्याचार किया जा रहा था। अब दलितों के साथ ऐसा किया जा रहा है। यह केवल गुजरात में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में ऐसी स्थिति है विशेषकर भाजपा शासित प्रदेशों में।

मायावती ने साथ ही पिछले कई वर्षों में दलितों पर हुई अत्याचारों की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘दलितों पर अत्याचार के मामलों में दोषियों को सजा नहीं मिलती। अगर मिलती भी है तो कई वर्ष लग जाते हैं। केंद्र सरकार को ऐसा कोई राजस्तान निकाला चाहिए जिसमें दलितों से संबंधित मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में हो। जब केंद्र में कांग्रेस की सत्ता होती है तो भाजपा दलितों के मुद्दे उठाती है और जब भाजपा की सरकार होती है तो कांग्रेस इन मुद्दों को उठाती है। दलितों को राजनीतिकरण बंद होना चाहिए। दलितों को राजनीतिक हथियार बनाना बंद कीजिए। इन दलितों को अत्याचारों से मुक्ति दिलवाईए।’

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बता दें, गुजरात के उना में दलित परिवार को मृत गाय की चमड़ी उतारने पर पीटा गया। इसके बाद से पूरे गुजरात में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी उस दलित परिवार से मुलाकात की। गांधी ने उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। पीड़ितों के एक रिश्तेदार के मुताबिक, राहुल गांधी ने परिजनों के साथ करीब 40 मिनट बिताए और कहा कि इस तरह की घटनाएं भारत में हो रही हैं, इससे वह ‘शर्मिंदा’ हैं। कांग्रेस नेता कुमारी सेलजा और गुरुदास कामत के साथ यहां आए राहुल ने पीड़ितों के परिजनों के साथ चाय भी पी।

11 जुलाई को गिर-सोमनाथ जिले के उना कस्बे के निकट इस सुदूर गांव में कथित रूप से मृत गाय की खाल उतारने के लिए दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी गई थी।

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