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सुप्रीम कोर्ट के जजों की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस पर बीजेपी सांसद परेश रावल ने उठाए सवाल, नियमों का दिया हवाला

परेश रावल ने ट्वविटर के माध्यम से चारों जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर नियमों का हवाला देते हुए सवाल खड़े किए हैं। परेश रावल ने कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) के उस नियम का हवाला दिया है जिसमें जजों को पब्लिक डिबेट में कुछ भी बोलने की इजाजत नहीं दी गई है।

बीजेपी सांसद और एक्टर परेश रावल

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) दीपक मिश्रा के कामकाज पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सवाल उठाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के खिलाफ अब बीजेपी सांसद और एक्टर परेश रावल ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने ट्वविटर के माध्यम से चारों जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर नियमों का हवाला देते हुए सवाल खड़े किए हैं। परेश रावल ने कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) के उस नियम का हवाला दिया है जिसमें जजों को पब्लिक डिबेट में कुछ भी बोलने की इजाजत नहीं दी गई है। आचार संहिता में लिखा गया है, ‘कोई भी जज राजनीति से जुड़े मुद्दे या ऐसे मुद्दे जो कोर्ट में विचाराधीन हैं उन्हें लेकर जनता के सामने कुछ नहीं बोल सकता या फिर उन मुद्दों को लेकर अपने विचार लोगों के सामने नहीं रख सकता। जज के द्वारा सुनाया गया फैसला ही उसके बारे में बोलेगा, लेकिन किसी जज को मीडिया को इंटरव्यू देने की इजाजत नहीं है।’

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बता दें कि शुक्रवार (12 जनवरी, 2017) को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सीजेआई दीपक मिश्रा के कामकाज के तरीकों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सवाल उठाया था। न्यायमूर्ति चेलामेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीजेआई पर मामलों को उचित पीठ को आवंटित करने के नियम का पालन नहीं करने का आरोप लगाया था। न्यायमूर्ति चेलामेश्वर ने कहा कि न्यायपालिका के इतिहास में यह घटना ऐतिहासित है। उन्होंने कहा था कि पिछले दो महीनों से सुप्रीम कोर्ट में ठीक से कामकाज नहीं हो रहा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेलामेश्वर ने कहा कि हम लोगों ने चीफ जस्टिस से कहा था कि कामकाज ठीक से नहीं चल रहा है और इसके लिए सही कदम उठाया जाना चाहिए, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई। चारों जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने जजों के सवालों को संवेदनशील बताया। वहीं बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले पर राजनीति कर रही है।

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