TMC के पूर्व नेता के बाद उनके माता-पिता ने भी छोड़ा देश, कोयला घोटाले में CBI कर रही है तलाश

भारत-बांग्लादेश सीमा पर कथित पशु तस्करी मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने 23 सितंबर 2020 को पशु तस्कर इनामुल हक के साथ ही बीएसएस के एक कमांडर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था।

vikas mishra
कोयला घोटाले में विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा को ईडी ने प. बंगाल चुनाव के दौरान गिरफ्तार किया था। (फोटोः ABP NEWS)

TMC के पूर्व नेता विनय मिश्रा के बाद उनके माता-पिता ने भी भारत छोड़ दिया है। कोयला घोटाले के साथ पशु तस्करी के मामले में CBI उनकी तलाश कर रही है। एजेंसी का दावा है कि उन्होंने कैरेबियाई द्वीप Grenada में शरण ली है। उन्होंने मध्य जुलाई में देश छोड़ दिया था।

सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने उन्हें समन किया था लेकिन वो नहीं आए। आरंभिक जांच में पता चला कि वो देश छोड़ गए। सीबीआई पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्होंने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है या नहीं। विनय मिश्रा भारत को पहले ही अलविदा कह चुका है। उसने यहां की नागरिकता भी छोड़ दी है। Vanuatu सरकार से उसके पासपोर्ट डिटेल एजेंसी ने तलब किए हैं। माना जा रहा है कि पैसे के लेनदेन का लालच लेकर विनय ने वहां शरण ली।

गौरतलब है कि सीबीआई ने 31 दिसंबर 2020 को विनय मिश्रा के कोलकाता स्थित परिसरों पर छापेमारी की थी। भारत-बांग्लादेश सीमा पर कथित पशु तस्करी मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने 23 सितंबर 2020 को पशु तस्कर इनामुल हक के साथ ही बीएसएस के एक कमांडर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच एजेंसी ने 17 नवंबर 2020 को बीएसएफ के कमांडर को गिरफ्तार किया था। सीबीआई इस मामले में पश्चिम बंगाल में आसनसोल की एक अदालत में आरोपपत्र दायर कर चुकी है। विनय मिश्रा ने कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत की गुहार लगाई थी पर कोर्ट ने उसकी दरखास्त को अनसुना कर दिया।

पश्चिम बंगाल चुनाव से ऐन पहले ईडी ने विनय मिश्रा के भाई विकास को गिरफ्तार कर लिया था। सीबीआई ने उसे पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा था। विकास मिश्रा को निजाम पैलेस में सीबीआई अधिकारियों के समक्ष तलब किया गया था। सूत्रों ने बताया था कि वह सीबीआई के नोटिस से बच रहा है।

इस मामले में सीबीआई पहले ही विनय मिश्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है। इससे पहले, जांच में शामिल नहीं होने के चलते एजेंसी ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। सूत्रों ने कहा कि फरार रहने और सीबीआई अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं होने के चलते मिश्रा के खिलाफ वारंट जारी किया गया था।