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मोहनवीणा के आविष्कारक विश्वमोहन भट्ट और चो एस रामास्वामी जैसी कई शख्सि़यत को मिला पद्म सम्मान, पढ़ें किन-किन को मिली पहचान

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पद्म सम्मान से चयनित 44 लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान से नवाजा।

Author नई दिल्ली | April 14, 2017 4:43 AM
वाद्ययंत्र मोहनवीणा के आविष्कारक विश्वमोहन भट्ट और दीपा करना को अवॉर्ड देते राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पद्म सम्मान से चयनित 44 लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान से नवाजा। इस बार पद्मश्री से सम्मानित लोगों की सूची में ऐसे तमाम गुमनाम चेहरे भी शामिल थे जो लोकप्रियता की चकाचौंध से दूर शिक्षा, संगीत, साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे थे। राष्ट्रपति भवन में गुरुवार को आयोजित सम्मान समारोह में मुखर्जी ने आध्यात्मिक गुरु सदगुरु जगदीश वासुदेव और गायक केजे यशुदास सहित 44 लोगों को ज्ञान, विज्ञान, साहित्य, संगीत और कला सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान के तौर पर दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस श्रेणी में अप्रतिम और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए इस साल सात लोगों को चुना गया था। इस श्रेणी में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदर लाल पटवा को मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा गया। पटवा की पत्नी ने राष्ट्रपति मुखर्जी से सम्मान ग्रहण किया। चो एस रामास्वामी को साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में (मरणोपरांत) काशी विश्वनाथ मंदिर के आचार्य देवीप्रसाद द्विवेदी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में, वाद्ययंत्र मोहनवीणा के आविष्कारक विश्वमोहन भट्ट को कला एवं संगीत के क्षेत्र में और जैन धर्मगुरु जैनाचार्य रत्नासुंदेरसुरी महाराज को आध्यात्म के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया।

सम्मान समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के अनेक मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी मौजूद थीं। पद्मश्री से सम्मानित चर्चित चेहरों में क्रिकेटर विराट कोहली, ओलंपियन दीपा कर्मकार, साक्षी मलिक, शेफ संजीव कपूर, पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल और गायक कैलाश खेर शामिल रहे। सम्मान समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के अनेक मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी मौजूद थीं। पदश्री के लिए चुनी गई आठ खेल प्रतिभाओं में आज सम्मानित होने वालोें में ओलंपियन दीपा कर्मकार, साक्षी मलिक, डिस्कस थ्रोअर विकास गोडा और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मरियप्पन टी. शामिल है।

साहित्य, शिक्षा, और कला के अलावा समाज सेवकों, लोकसेवकों और विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित होने वालों में मशहूर शेफ संजीव कपूर, पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल, गायक कैलाश खेर और फिल्म जगत की इतिहासकार भावना सोमैया शामिल है। गृह मंत्रालय के मुताबिक पद्म सम्मान की चयन सूची में खास बात यह रही इस बार देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत उन लोगों को शामिल किया गया जो बहुत नामचीन चेहरे नहीं हैं और ये लोग अपने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे है। सम्मानित किए गए गुमनाम हीरो की श्रेणी में ओड़ीशा के जितेंद्र हरिपाल हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण बचपन में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हुए हरिपाल की गायन प्रतिभा तब सामने आयी जब उनका गाया गीत ‘रांगाबाती’ ओड़ीशा में खासा चर्चित हुआ। ‘रांगाबाती की आवाज’ के नाम से लोकप्रिय हरिपाल को राष्ट्रपति ने पद्मश्री से नवाजा। इसी प्रकार पूर्वोत्तर राज्यों में 1970 से महिलाओं की एकमात्र पत्रिका का प्रकाशन कर रहीं असम की 81 वर्षीय इला मोहम्मद और पश्चिम बंगाल में अग्निकांड की घटनाओं में स्वयंसेवी के तौर पर कार्यरत बिपिन गनात्रा भी पद्मश्री से सम्मानित होने वालों में शामिल हैं।

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