ताज़ा खबर
 

पंचकूला हिंसा: डेरा सच्चा सौदा की कंपनी का CEO अरेस्ट, हनीप्रीत को पनाह देने वाले 2 और भी शिकंजे में

पुलिस ने डेरे की कंपनी के सीईओ को पंचकुला हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में 41 लोगों की मौत हो गई थी।

राम रहीम को बलात्कारी करार दिए जाने के बाद डेरा समर्थक हिंसा पर उतर आए थे। (Photo Source: Indian Express Archive)

हरियाणा पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा की एक कंपनी एमएसजी ऑल इंडिया ट्रेडिंग इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ सीपी अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। अरोड़ा को पंचकूला हिंसा के मामले में अरेस्ट किया गया है। गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई कोर्ट द्वारा बलात्कारी करार दिए जाने के बाद 25 अगस्त को डेरा समर्थक हिंसा पर उतर आए थे, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। पंचकूला पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने बताया, ‘पंचकूला हिंसा में अरोड़ा का हाथ होने के हमारे पास पुख्ता सबूत हैं। उसे जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पूछताछ करने लिए पुलिस उसका रिमांड मांगेगी।’ इसके साथ ही पुलिस ने हनीप्रीत को पनाह देने वाली भटिंडा की एक महिला और उसके बेटे को भी गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि सीपी अरोड़ा डेरा कर्मचारी आदित्य इंसां का नजदीकी है, आदित्य के खिलाफ पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया था। एमएसजी ऑल इंडिया ट्रेडिंग इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड फूड और अन्य प्रोडेक्ट्स का बिजनेस करती है। पिछले साल इस कंपनी ने एमएसजी ब्रांड 151 प्रोडेक्ट लॉन्च किए थे, इनमें बासमती चावल, चाय, दाल और बिस्किट शामिल हैं।

भटिंडा की रहने वाली शरणजीत कौर और उसके बेटे गुरमीत सिंह को हनीप्रीत को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पिछले सप्ताह जब पुलिस हनीप्रीत को साथ लेकर उनके घर गई थी तो वे फरार हो गए थे। उसके बाद अब ये पंजाब से गिरफ्तार किए गए हैं। हनीप्रीत भी 38 दिनों तक फरार रही थी, उसके बाद पुलिस ने उसे पंजाब से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद हनीप्रीत ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि वह फरारी के दिनों में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में रही थी। इसके अलावा पुलिस ने राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले गोपाल बंसल को भी पंचकूला हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया है। बंसल डेरे की 45 सदस्य कमेटी का सदस्य था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक डेरे में तलाशी और सर्वे के लिए इनकम टैक्स विभाग की टीम पहुंच गई है। टीम ने सिरसा पहुंचकर पुलिस से डेरे से बरमाद की गई हार्ड डिस्क और कागजात मांगे। लेकिन पुलिस ने वह देने से मना कर दिया। पुलिस ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोर्ट के आदेश के बिना वह हार्ड डिस्क किसी को नहीं दे सकती।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App