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यूपी में अरबों रुपये का घोटाला, 31 जिले की 1123 पंचायतों में परफॉर्मेंस ग्रांट में बंदरबांट, विजिलेंस जांच के आदेश

यह घोटाला परफॉर्मेंस आवंटन में किया गया है। खबर के अनुसार, 31 जिलों की 1130 पंचायतों में यह घोटाला हुआ है। पंचायत विभाग के कई अफसरों पर इस मामले में केस भी दर्ज हुए हैं।

लखनऊउत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, फाइल फोटो (सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

डीएचएफएल घोटाले और होमगार्ड घोटाले के खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर है। अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने योगी सरकार पर अरबों रुपए के पंचायती राज घोटाले का आरोप लगाया है। अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट कर लिखा कि “DHFL घोटाला, होमगार्ड घोटाला, एक्सप्रेसवे घोटाला, LDA घोटाला, स्टांप घोटाला, मिड-डे मील घोटाला और अब पंचायत में अरबों का घोटाला। सूबे के 31 जिलों में घोटाला। भ्रष्टाचार में यूपी सरकार मेडल जीते बिना रुकेगी नहीं। मुख्यमंत्री जी कहां है आपका जीरो टॉलरेंस?”

अपने इस ट्वीट के साथ यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने एक खबर का लिंक भी शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में अरबों का घोटाला सामने आया है। यह घोटाला परफॉर्मेंस आवंटन में किया गया है। खबर के अनुसार, 31 जिलों की 1130 पंचायतों में यह घोटाला हुआ है। पंचायत विभाग के कई अफसरों पर इस मामले में केस भी दर्ज हुए हैं। जिन अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं, उनमें पंचायत विभाग के उपनिदेशक गिरीश रजक, अपर निदेशक रमेश यादव का नाम शामिल है।

जिन जिलों में यह घोटाला हुआ है, उनमें फैजाबाद, इटावा, गोरखपुर, बरेली, बाराबंकी, आगरा, लखनऊ, मथुरा, गाजीपुर, उन्नाव और सोनभद्र का नाम शामिल है। फिलहाल सरकार ने इस मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। आरोपी अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन, आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया किया गया है।

कैसे हुआ घोटालाः 14वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2016 में यूपी के 31 जिलों की 1,798 ग्राम पंचायतों को 700 करोड़ रुपए की परफॉर्मेंस ग्रांट दी जानी थी। एफआईआर के मुताबिक ग्राम पंचायतों के चयन के लिए अप्रैल 2016 में पंचायती राज निदेशक की अध्यक्षता में समिति का गठन हुआ। समिति द्वारा ग्राम पंचायतों के चयन की जिम्मेदारी चयन समिति के सदस्य और नोडल अधिकारी गिरीश चंद्र रजक व पटल सहायक रमेश चंद्र यादव की दी गई। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर परफॉर्मेंस ग्रांट की करोड़ों रुपए की रकम हड़पने के लिए 1,130 अपात्र ग्राम पंचायतों को सूची में शामिल करवा दिया।

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